Atta ka Halwa recipe: बारिश के मौसम में जब बाहर रिमझिम बूंदें गिर रही हों तो कुछ गरमा-गरम और मीठा खाने की इच्छा अपने आप होने लगती है. सूजी या गाजर का हलवा तो आपने कई बार खाया होगा, लेकिन इस मानसून अपने किचन में मौजूद गेहूं के आटे से रसीला और दानेदार हलवा बनाकर देखिए. देसी घी की सोंधी महक और गेहूं के आटे की मिठास मिलकर इस हलवे को इतना लाजवाब बना देती है कि इसका एक-एक निवाला मुंह में जाते ही घुल जाता है.
अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि घर पर आटे का हलवा बनाते समय उसमें गुठलियां पड़ जाती हैं या वो चिपचिपा हो जाता है. लेकिन सही माप और सीक्रेट ट्रिक के साथ बनाया जाए तो यह हलवा एकदम दानेदार और चमकदार बनता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की बेहद आसान विधि.
सामग्री
परफेक्ट अनुपात (1:1:1 माप का फॉर्मूला)
गेहूं का आटा (थोड़ा मोटा पिसा हो तो बेस्ट): 1 कप
देसी घी: 1 कप
चीनी या कद्दूकस किया गुड़: 1 कप
पानी: 3 कप (आटे का ठीक 3 गुना)
इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
कटे हुए बादाम और काजू: 2 बड़े चम्मच (स्वादानुसार)
बनाने की विधि:
एक बर्तन में 3 कप पानी और 1 कप चीनी (या गुड़) डालें. इसे केवल चीनी घुलने तक गरम करें. चाशनी नहीं बनानी है, बस पानी गुनगुना करके चीनी को घोलना है.
एक भारी तले की कड़ाही में 1 कप देसी घी गरम करें. इसमें 1 कप गेहूं का आटा डालें और आंच को बिल्कुल धीमा कर दें. धीमी आंच पर आटे को लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि इसका रंग गहरा सुनहरा न हो जाए और कड़ाही से खुशबू न आने लगे.
जब आटा अच्छे से भून जाए तो गैस धीमी रखें और तैयार किया हुआ चीनी-पानी का घोल थोड़ा-थोड़ा करके कड़ाही में डालें. साथ ही दूसरे हाथ से कड़ाही में कलछी को लगातार चलाते रहें ताकि एक भी गुठली न बने.
पानी डालते ही आटा तेजी से पानी सोखने लगेगा. इसे लगातार मध्यम आंच पर 2-3 मिनट तक चलाते हुए पकाएं. जब हलवा कड़ाही का तला छोड़ने लगे और किनारों से घी अलग दिखने लगे तो समझें हलवा पक चुका है.
अब इसमें इलायची पाउडर और थोड़े से रोस्ट किए हुए कटे बादाम-काजू मिलाएं.
आपका गरमा-गरम, रसीला और दानेदार आटे का हलवा तैयार है. बारिश के सुहाने मौसम में इसे गरमा-गरम परोसें और स्वाद का आनंद लें.