जम्मू-कश्मीर करीब चार दशक बाद एक बार फिर बड़े घरेलू क्रिकेट मुकाबले की मेजबानी करने जा रहा है. श्रीनगर का शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम इस साल 1 से 5 अक्टूबर के बीच ईरानी कप मैच की मेजबानी करेगा.
यह 1980 के दशक के बाद जम्मू-कश्मीर में होने वाला सबसे बड़ा क्रिकेट मुकाबला माना जा रहा है. इस आयोजन से घाटी में हाई-प्रोफाइल क्रिकेट की वापसी होगी और यह संकेत भी मिलेगा कि क्षेत्र फिर से बड़े क्रिकेट टूर्नामेंटों की मेजबानी के लिए तैयार है.
जम्मू-कश्मीर के हेड कोच अजय शर्मा ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, 'श्रीनगर का शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम 1 से 5 अक्टूबर तक रणजी चैम्पियन जम्मू-कश्मीर और रेस्ट ऑफ इंडिया (RoI) के बीच खेले जाने वाले ईरानी कप मुकाबले की मेजबानी करेगा.'
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जम्मू-कश्मीर ने 2025-26 रणजी ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा था. टीम ने फाइनल में कर्नाटक को हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया. शानदार प्रदर्शन के बाद अब उसे ईरानी कप में देश के शीर्ष खिलाड़ियों से सजी रेस्ट ऑफ इंडिया टीम के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा.
पिछले साल 15-18 अक्टूबर, 2025 में इस मैदान पर मुंबई और जम्मू-कश्मीर के बीच रणजी ट्रॉफी का मैच खेला गया था. उस मैच में ऑलराउंडर शम्स मूलानी को 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब मिला था.
शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम का क्रिकेट इतिहास भी काफी खास रहा है. इस मैदान पर भारत ने 1983 में वेस्टइंडीज और 1986 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच खेले थे. हालांकि सुरक्षा कारणों और अन्य परिस्थितियों की वजह से लंबे समय तक यहां बड़े क्रिकेट मुकाबले नहीं हो सके.
स्टेडियम में पिछले कुछ सालों में सुधार किया गया है और घरेलू क्रिकेट की वापसी भी हो चुकी है. अब ईरानी कप की मेजबानी को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
अगर यह मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार होता है, तो श्रीनगर एक बार फिर भारतीय क्रिकेट कैलेंडर के सबसे प्रतिष्ठित घरेलू आयोजनों में शामिल हो जाएगा और स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों को लंबे इंतजार के बाद बड़ा मैच देखने का मौका मिलेगा.