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75 साल पुराना ये रेस्टोरेंट कब्रों के बीच परोसता है खाना, चाय पीने के लिए लगती है लोगों की भीड़

अहमदाबाद का 75 साल पुराना न्यू लकी रेस्टोरेंट अपनी अनोखी पहचान की वजह से दुनियाभर में मशहूर है. यहां 26 सूफी कब्रों के बीच बैठकर लोग चाय और खाना खाते हैं. यहां 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की शूटिंग हो चुकी है. आज हम आपको इस अनोखे रेस्टोरेंट का इतिहास, कब्रों को लेकर बरती जाने वाली श्रद्धा के बारे में बताने वाले हैं.

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न्यू लकी रेस्टोरेंट गुजरात के अहमदाबाद में स्थित है. (Photo: ITG)
न्यू लकी रेस्टोरेंट गुजरात के अहमदाबाद में स्थित है. (Photo: ITG)

क्या आप भी चाय पीने के शौकीन हैं? क्या आप भी बड़े-बड़े कैफे और रेस्टोरेंट्स में चाय पीने के लिए अक्सप जाया करते हैं? अगर हां, तो क्या आप 26 कब्रों के ठीक बगल में बैठकर चाय पीना पसंद करेंगे? सुनने में ये अजीब लगेगा और हो सकता है आप सोंचे कि क्या बेकार की बात कर रहे हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में एक ऐसा रेस्टोरेंट हैं, जहां लोग 26 कब्रों के ठीक बगल में बैठकर आराम से चाय और खाना खाते हैं. 

ये रेस्टोरेंट गुजरात के अहमदाबाद में है और इसकी पहचान यही है कि यहां कब्रों के बीच खाना और चाय परोसी जाती है. करीब 75 साल पुराने इस रेस्टोरेंट में रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं. हैरानी की बात ये है कि यहां मौजूद कब्रों को कभी हटाया नहीं गया, बल्कि पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें संभालकर रखा गया है. यही वजह है कि ये जगह आज दुनिया के सबसे अनोखे रेस्टोरेंट्स में गिनी जाती है.

कैसे बना कब्रों के बीच रेस्टोरेंट?
इसके बारे में सुनकर सबसे पहला सवाल दिमाग में यही आएगा कि आखिर इसे बनाया कैसे और कब गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब करीब 75 साल पहले इस रेस्टोरेंट का निर्माण शुरू हुआ था, तब जमीन पर 16वीं सदी के सूफी संतों और उनके परिवार से जुड़ी कुछ कब्रें मिली थीं. उस वक्त ही रेस्टोरेंट के मालिक कृष्णन कुट्टी ने इन कब्रों को हटाने के बजाय उन्हें बिना छेड़छाड़ किए सुरक्षित रखने का फैसला किया था.

उन्होंने हर कब्र के चारों तरफ लोहे की रेलिंग लगवाई और उनके बीच बची जगह में अपने रेस्टोरेंट को शुरू करने के लिए टेबल और कुर्सियां लगा दीं. कभी 75 साल बाद आज भी रेस्टोरेंट के अंदर कुल 26 कब्रें मौजूद हैं और लोग उनके बीच बैठकर खाना खाते हैं.

कब्रों को नहीं, आस्था को दी जाती है जगह
आजकल बहुत से लोग रेस्टोरेंट खोलते वक्त डेकोरेशन के लिए विंटेज चीजें लगवाते हैं. लेकिन इस रेस्टोरेंट में कब्रों को किसी सजावटी चीज की तरह नहीं रखा गया है. यहां रोजाना हर कब्र की सफाई की जाती है, उन पर फूल चढ़ाए जाते हैं और उनके सम्मान में दुआ भी पढ़ी जाती है. बता दें कि रेस्टोरेंट के ठीक बगल में एक दरगाह भी है, इसलिए यहां आने वाले लोग इस जगह की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करते हैं.

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अहमदाबाद के न्यू लकी रेस्टोरेंट में कब्रों के बीच खाना परोसा जाता है. (Photo: X/@grondmaster)

रोजाना उमड़ती है लोगों की भीड़
इसके बारे में पहली बार सुनने वालों या वहां आने वालों को ये जगह अलग जरूर लगती है, लेकिन अहमदाबाद के लोगों के लिए ये रेस्टोरेंट उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया है और यहां कब्रों के बीच बैठकर खाना उनके लिए बहुत आम बात हो गई है. यहां फैमिली, पढ़ने वाले छात्र, ऑफिस जाने वाले लोग और देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट बहुत बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. अनोखे माहौल की वजह से ये रेस्टोरेंट अहमदाबाद के मशहूर टूरिस्ट प्लेसेज में भी शामिल हो चुका है.

चाय को लेकर है एक खास मान्यता
अहमदाबाद के स्थानीय लोगों के बीच इस रेस्टोरेंट से जुड़ी एक दिलचस्प मान्यता भी काफी मशहूर है. कहा जाता है कि अगर किसी बड़े इंटरव्यू, परीक्षा, बिजनेस मीटिंग या किसी खास काम से पहले यहां चाय पी जाए, तो किस्मत साथ देती है और काम बनने के चांस बढ़ जाते हैं. हालांकि, इस मान्यता का कोई प्रमाण नहीं है, लेकिन कई लोग आज भी इस पर भरोसा करते हैं.

इस रेस्टोरेंट में राहुल गांधी भी आ चुके हैं.

टीवी शो और बड़े नेताओं की वजह से भी रहा चर्चा में
समय-समय पर ये रेस्टोरेंट कई वजहों से सुर्खियों में रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी अहमदाबाद दौरे के दौरान यहां चाय पी चुके हैं. इसके अलावा मशहूर टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की शूटिंग भी यहां हो चुकी है, जिसके बाद ये और ज्यादा मशहूर हो गया है.

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