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तिब्बत में इशा फाउंडेशन के 80 श्रद्धालु लापता... सद्गुरु ने चीन से मांगी ग्यारोंग जाने की इजाजत, वीडियो में हुए भावुक

तिब्बत के ग्यारोंग शहर में आई भीषण बाढ़ में सद्‌गुरु जग्गी वासुदेव के कैलाश यात्रा ग्रुप के 80 श्रद्धालु लापता हो गए हैं. सद्‌गुरु ने चीन सरकार से मौके पर जाकर तलाशी अभियान में मदद करने की इजाजत मांगी है. लापता लोगों में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और जर्मनी के नागरिक शामिल हैं.

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सद्गुरु ने चीन से मांगी रेस्क्यू में मदद की इजाजत (Photo: ITG)
सद्गुरु ने चीन से मांगी रेस्क्यू में मदद की इजाजत (Photo: ITG)

आध्यात्मिक गुरु सद्‌गुरु जग्गी वासुदेव ने गुरुवार को चीन के अधिकारियों से एक बड़ी अपील की है. उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी टीम के कुछ वालंटियर्स को तिब्बत के ग्यारोंग शहर जाने की इजाजत दी जाए. दरअसल नेपाल की सीमा से लगे इस शहर में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद उनके ग्रुप के 80 श्रद्धालु लापता हो गए हैं. ये सभी लोग कैलाश यात्रा से लौट रहे थे और उस समय एक इमिग्रेशन सेंटर में रुके हुए थे, तभी अचानक तेज पानी की धार इमारत में घुस गई. सद्‌गुरु ने बताया कि बाढ़ के बाद से उनके पास कोई जानकारी नहीं मिली है और वे बेहद दर्द में हैं.

सद्‌गुरु ने अधिकारियों को लिखे अपने पत्र में कहा कि वे और लापता लोगों के परिवार ग्यारोंग जाकर तलाशी अभियान में मदद करना चाहते हैं. उन्होंने साफ किया कि इससे रेस्क्यू टीम के काम में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी, बल्कि वे सिर्फ परिवारों को कोई सुराग दिलाने में मदद करना चाहते हैं. फिलहाल सद्‌गुरु साका में मौजूद हैं और उन्होंने वहां से ग्यारोंग जाने की मंजूरी मांगी है.

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इसके अलावा सद्‌गुरु ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे लापता लोगों की सूची पढ़ते हुए भावुक हो गए. उन्होंने बताया कि लापता लोगों में 22 अमेरिका से, 12 कनाडा से, 11 ऑस्ट्रेलिया से, 9 ब्रिटेन से और 4 जर्मनी से हैं. कुल मिलाकर 80 लोग लापता हैं, जिनमें 34 पुरुष और बाकी महिलाएं शामिल हैं. इस ग्रुप में तीन वालंटियर और एक डॉक्टर भी शामिल थे.

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यह बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए एक ग्लेशियर हिमस्खलन की वजह से आई. इसने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई है. नेपाल में इस हादसे में अब तक 163 लोगों की मौत हो चुकी है और 750 से ज्यादा लोग लापता हैं, जिनमें 133 भारतीय श्रद्धालु भी शामिल हैं. ग्यारोंग में अब तक 558 लोग लापता हैं, जिनमें 260 विदेशी नागरिक हैं.

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण संस्था के अनुसार यह भूस्खलन इतना जबरदस्त था कि इसने 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका पैदा किया. इस भूस्खलन से बड़ी मात्रा में बर्फ, चट्टानें, मिट्टी और पानी लेंडे खोला नदी में जा गिरा, जो भोटे कोशी नदी की सहायक नदी है. बचाव दल हेलिकॉप्टर की मदद से इस पहाड़ी इलाके में फंसे हजारों लोगों तक राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है.
 

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