नेपाल (Nepal), आधिकारिक तौर पर संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य नेपाल (Federal Democratic Republic of Nepal), दक्षिण एशिया में एक भूमि से घिरा देश है. यह मुख्य रूप से हिमालय में स्थित है, लेकिन इसमें भारत-गंगा के मैदान के हिस्से भी शामिल हैं. इसके उत्तर में तिब्बत की सीमा और दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में भारत है. नेपाल के भूगोल में काफी विविधता है. यहां उपजाऊ मैदान हैं, वनाच्छादित पहाड़ियां हैं और दुनिया के दस सबसे ऊंचे पहाड़ों में से आठ इसी देश में हैं, जिसमें माउंट एवरेस्ट भी शामिल है (Geography of Nepal). नेपाल एक बहु-जातीय, बहुभाषी, बहु-धार्मिक और बहु-सांस्कृतिक राज्य है. नेपाली इसकी आधिकारिक भाषा है (Official Language). काठमांडू देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है (Capital of Nepal).
"नेपाल" नाम पहली बार भारतीय उपमहाद्वीप के वैदिक काल के ग्रंथों में दर्ज किया गया है. प्राचीन नेपाल में हिंदू धर्म की स्थापना हुई थी, जो देश का प्रमुख धर्म था. पहली सहस्राब्दी ईसा पूर्व के मध्य में, बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध का जन्म दक्षिणी नेपाल के लुंबिनी में हुआ था (Gautama Buddha was born in Lumbini, Nepal). उत्तरी नेपाल के हिस्से तिब्बत की संस्कृति से जुड़े हुए थे. केंद्रीय रूप से स्थित काठमांडू घाटी भारत-आर्यों की संस्कृति से जुड़ी हुई है. प्राचीन सिल्क रोड की हिमालयी शाखा पर घाटी के व्यापारियों का वर्चस्व था. 18वीं शताब्दी तक गोरखा साम्राज्य (Gorkha Kingdom) ने नेपाल का एकीकरण किया (Unification of Nepal). शाह राजवंश ने नेपाल के राज्य की स्थापना की (Shah Dynasty Established Kingdom of Nepal). और बाद में अपने प्रमुख राणा राजवंश के तहत ब्रिटिश साम्राज्य के साथ गठबंधन किया. इस देश को कभी उपनिवेश नहीं बनाया गया (Nepal was Never Colonised).
नेपाल 1951 से संसदीय लोकतंत्र है, लेकिन 1960 और 2005 में दो बार नेपाली सम्राटों ने इसे निलंबित कर दिया था. 1990 के दशक में और 2000 के दशक की शुरुआत में नेपाली गृहयुद्ध के परिणामस्वरूप 2008 में एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य की स्थापना हुई, जिसने दुनिया की आखिरी हिंदू राजशाही को समाप्त कर दिया (World's Last Hindu Monarchy).
2015 में अपनाया गया नेपाल का संविधान, देश को सात प्रांतों में विभाजित एक धर्मनिरपेक्ष संघीय संसदीय गणराज्य के रूप में स्थापित करता है. नेपाल 1955 में संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बना, और 1950 में भारत और 1960 में चीन के साथ मैत्री संधियों पर हस्ताक्षर किए. नेपाल सार्क के स्थायी सचिवालय की मेजबानी करता है, जिसका यह एक संस्थापक सदस्य है (SAARC Headquarter). नेपाली सशस्त्र बल दक्षिण एशिया में पांचवां सबसे बड़ा हैं (Nepal Military Power).
2011 की जनगणना के अनुसार नेपाल की 44.6 फीसदी आबादी नेपाली, 11.7 फीसदी मैथिली, 6.0% भोजपुरी, 5.8% थारू, 5.1% तमांग, 3% बजिका भाषा बोलते हैं. नेपाली देवनागरी लिपि में लिखी जाती है और यह आधिकारिक भाषा है (Language in Nepal).
नेपाल एक धर्मनिरपेक्ष देश है. 2011 की जनगणना के मुताबिक नेपाल की 81.3 फीसदी जनसंख्या हिंदू धर्म को मानती है. उसके बाद बौद्ध धर्म 9%, इस्लाम 4.4%, किरंत 3.1%, ईसाई धर्म 1.4% है. नेपाल आधिकारिक तौर पर कुछ समय पहले तक एक हिंदू साम्राज्य था, और शिव को देश का संरक्षक देवता माना जाता था. नेपाल में भारत के बाद दुनिया में हिंदुओं की दूसरी सबसे बड़ी संख्या है (Religion in Nepal).
नेपाल में बवाल इस कदर बढ़ गया है कि कई जिलों में कर्फ्यू लगाना पड़ा है और सेना को सड़कों पर उतरना पड़ा है. जगह-जगह हुए हिंसक झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गई है. इस मामले में भारत के लिए चिंता और सतर्कता की जरूरत इसलिए है क्योंकि उसकी सीमा से लगे हुए इलाकों में माहौल तेजी से बिगड़ा है. देखें वीडियो.
प्रसिद्ध नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर एवलांच में मारे गए. वे दस सदस्यीय दल का नेतृत्व कर रहे थे. यह पर्वतारोहण जगत के लिए बड़ा नुकसान है.
नेपाल के जनकपुर और धनुषा में सांप्रदायिक हिंसा के बाद अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है. यह हिंसा पिछले शनिवार सुनसरी जिले में लाउडस्पीकर और धार्मिक झंडों को लेकर हुए विवाद से शुरू हुई थी. अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और सुनसरी, धनुषा, सिराहा और सप्तरी सहित चार जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है. आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शांति बनाए रखने की अपील की है.
नेपाल के सुनसरी में भड़की सांप्रदायिक हिंसा अब कई शहरों तक फैल चुकी है. कई इलाकों में तोड़फोड़, पथराव और पुलिस से झड़प की घटनाएं देखने को मिली हैं. आधे दर्जन शहरों में कर्फ्यू का आदेश जारी किया गया. वहीं, अब तक तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है.
Nepal Violence: नेपाल के सुनसरी जिले से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब कई शहरों तक फैल चुकी है. कई इलाकों में कर्फ्यू लागू है, नेपाली सेना तैनात है और हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है. हिंसा में कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है.इस बीच भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है.
नेपाल में भड़की सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में अब कई जिले आ गए हैं. हिंसा की शुरुआत हुई सुनसरी जिले से, जिसने अब कई जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है और इसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. नेपाल में भड़की हिंसा में अब तक 3 लोगों की जान जा चुकी है. स्थिति को काबू में करने के लिए सेना की भी तैनाती की गई है. लेकिन हालात काबू में नहीं आ रहे हैं.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन् शाह ने कहा है कि उनकी सरकार हिंदू राष्ट्र की पुनर्स्थापना और राजशाही की वापसी के पक्ष में नहीं है, क्योंकि इससे संघीय व्यवस्था कमजोर हो सकती है. उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है.
पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन यानी एवलांच के बाद विश्वविख्यात पर्वतारोही निर्मल पुर्जा सहित 10 पर्वतारोही लापता हैं. चार लोगों के शव मिले हैं. पुर्जा ने 2019 में 14 आठ-हजारी चोटियों को 6 माह में फतह किया था.
सुनसरी से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब मधेश प्रदेश के कई जिलों तक फैल गई है. नेपाल पुलिस, एपीएफ और नेपाली सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है. कई शहरों में कर्फ्यू जारी है, जबकि सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है.
बात पड़ोसी देश नेपाल में भड़की सांप्रदायिक हिंसा की, जिसके चपेट में अब नेपाल के कई जिले आ गए हैं. हिंसा की शुरुआत हुई सुनसरी जिले से, जिसने अब कई जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है और इसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. नेपाल में भड़की हिंसा में अब तक 3 लोगों की जान जा चुकी है. स्थिति को काबू में करने के लिए सेना की भी तैनाती की गई है. लेकिन हालात काबू में नहीं आ रहे हैं. इस बीच नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह ने भी लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचाने की अपील की है.
नेपाल के सुनसरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए दो युवकों के मामले में सरकार और परिजनों के बीच 7 सूत्रीय समझौता हुआ है. सरकार ने दोनों को शहीद घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने, 10-10 लाख नेपाली रुपये की सहायता देने और मदरसे की जांच कराने का फैसला किया है.
नेपाल के सुनसरी जिले से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब कई जिलों तक फैल चुकी है. तीन लोगों की मौत, कई जिलों में कर्फ्यू और सरकार की कार्रवाई पर उठ रहे सवालों के बीच जानिए आखिर नेपाल में क्या हो रहा है.
नेपाल के कोशी और मधेश प्रांतों में पिछले एक सप्ताह से बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा में तीन लोगों की मौत हो चुकी है. प्रशासन ने कई जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया है और सुरक्षा कड़ी कर दी है.
Nepal Violence: नेपाल के सुनसरी जिले से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब कई शहरों तक फैल चुकी है. कई इलाकों में कर्फ्यू लागू है, नेपाली सेना तैनात है और हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है. हिंसा में कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है.इस बीच भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है.
नेपाल के कई हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा देखने को मिली है. इसके चलते अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि गोली लगने और अन्य घटनाओं में दर्जनों लोग घायल हुए हैं.
नेपाल के कई हिस्सों में हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़, पथराव और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आई हैं. इन घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. कई जिलों में हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने कर्फ्यू लागू किया.
संशोधित भारत-नेपाल रेल ट्रांजिट प्रोटोकॉल के तहत चलाई गई यह पहली ट्रेन दोनों देशों के बीच सीमा पार माल ढुलाई के एक नए युग की शुरुआत है. रेल मंत्रालय ने कहा कि इस पहल से भारत और नेपाल के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के बीच सीमा पार माल ढुलाई पहले के मुकाबले अधिक तेज, किफायती और प्रतिस्पर्धी हो सकेगी.
नेपाल के सुनसरी जिले में धार्मिक विवाद के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. हिंसा में एक व्यक्ति की मौत के बाद प्रशासन ने कई इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया है.
नेपाल के काठमांडू में आयोजित होने वाले तिब्बत सम्मेलन में दलाई लामा की निर्वासित सरकार अपने आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं भेजेगी. वहीं, सीटीए ने इस सम्मेलन में अपने थिंक टैंक 'तिब्बत नीति संस्थान' (टीपीआई) से पांच प्रतिनिधियों को भेजने की तैयारी की थी.
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए नेपाल की यात्रा अब एक हसीन और सुपरफास्ट रोड ट्रिप में बदलने वाली है. इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होते ही दिल्ली-एनसीआर से नेपाल तक का सफर, जो पहले थकाऊ और अनिश्चित हुआ करता था, अब केवल 8 घंटे में पूरा हो जाएगा.
अपने करियर में अब तक मैंने कई आंदोलनों की कवरेज की है. लेकिन बीते एक साल में हुए दो आंदोलन हमेशा मुझे याद रहेंगे. सिंतबर में नेपाल के जेन-जी का प्रदर्शन और जुलाई में पटना में छात्रों का प्रदर्शन, दो मुल्क, दो बहुत ही अलग आंदोलन. पढ़िए मेरी आंखों देखी रिपोर्ट