दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों की बात होती है तो Google, Microsoft, Apple और दूसरी दिग्गज कंपनियों के नाम सामने आते हैं. इन कंपनियों को चलाने वाले लोगों में भारतीय मूल के कई बड़े नाम शामिल हैं. जैसे गूगल को सुंदर पिचाई लीड कर रहे हैं वैसे ही माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला हैं.
थॉमस कूरियन और जॉर्ज कूरियन की कहानी काफी अलग है. इसकी वजह यह है कि दोनों भाई हैं. सिर्फ भाई ही नहीं, बल्कि जुड़वां भाई हैं. दोनों का जन्म केरल में हुआ और आज दोनों दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में सबसे ऊंचे पदों पर हैं.
एक भाई Google के बेहद अहम कारोबार गूगल क्लाउड की कमान संभाल रहा है, जबकि दूसरा भाई डेटा स्टोरेज और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की दिग्गज अमेरिकी कंपनी NetApp का CEO है.
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Thomas Kurian और George Kurian की कहानी केरल से निकलकर सिलिकॉन वैली तक पहुंचने की ऐसी कहानी है, जिसमें एक ही परिवार के दो लोगों ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में अलग-अलग रास्ते चुने और दोनों अपनी-अपनी कंपनियों के सबसे बड़े फैसले लेने वाले लोगों में शामिल हो गए.
केरल के कोट्टयम से शुरू हुई कहानी
थॉमस और जॉर्ज कूरियन का जन्म केरल के कोट्टयम जिले में हुआ था. दोनों एक जैसे दिखने वाले जुड़वां भाई हैं. शुरुआती पढ़ाई के बाद दोनों की राह उन्हें भारत के बड़े संस्थानों और फिर अमेरिका तक ले गई.
दोनों ने IIT Madras में पढ़ाई की और इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका पहुंचे. दोनों ने प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और आगे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से बिजनेस की पढ़ाई भी की.
दिलचस्प बात यह है कि दोनों भाइयों की पढ़ाई और शुरुआती करियर में कई समानताएं रहीं, लेकिन बाद में दोनों ने अलग-अलग कंपनियों में अपनी पहचान बनाई.
थॉमस कूरियन Google Cloud के CEO हैं
थॉमस कूरियन फिलहाल गूगल क्लाउड के CEO हैं. गूगल क्लाउड कंपनी का वह कारोबार है जो कंपनियों और संगठनों को क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सर्विसेज, साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी सर्विसेज देता है.
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आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में गूगल क्लाउड का रोल पहले से कहीं ज्यादा अहल हो गया है. बड़ी कंपनियों को AI मॉडल चलाने के लिए भारी कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है. Google Cloud इसी जरूरत को पूरा करने के लिए Amazon Web Services और Microsoft Azure जैसी कंपनियों से मुकाबला कर रहा है.
थॉमस कूरियन ने गूगल से पहले करीब दो दशक से ज्यादा समय Oracle में बिताया था. वहां वे कंपनी के बेहद वरिष्ठ पद तक पहुंचे. इसके बाद उन्होंने 2018 में गूगल क्लाउड की कमान संभाली.
AI के दौर में थॉमस कूरियन की जिम्मेदारी और बड़ी
गूगल क्लाउड आज Google के सबसे तेजी से बढ़ते कारोबारों में शामिल है. AI की बढ़ती मांग ने क्लाउड कारोबार को टेक कंपनियों की सबसे बड़ी जंग बना दिया है.
गूगल क्लाउड की तेज ग्रोथ के कारण थॉमस कूरियन की भूमिका भी बेहद अहम हो गई है. गूगल अब सिर्फ इंटरनेट सर्च और विज्ञापन वाली कंपनी नहीं रहना चाहती. AI, क्लाउड और डेटा सेंटर आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई और फ्यूचर के बड़े पिलर्स में शामिल हैं.
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भारत में भी गूगल की AI और क्लाउड योजनाओं में थॉमस कूरियन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. गूगल ने भारत में बड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर निवेश की योजनाओं पर तेजी से काम किया है. यानी एक तरफ सुंदर पिचाई पूरे ऐल्फाबेट और गूगल को संभाल रहे हैं, वहीं थॉमस कूरियन कंपनी के उस बड़े कारोबार की कमान संभाल रहे हैं, जिस पर AI के भविष्य की बड़ी लड़ाई टिकी हुई है.
जुड़वां भाई जॉर्ज कूरियन NetApp के सीईओ हैं
थॉमस कूरियन जहां Google Cloud के CEO हैं, वहीं उनके जुड़वां भाई George Kurian NetApp के CEO हैं. NetApp का नाम आम स्मार्टफोन यूजर शायद रोज नहीं सुनता, लेकिन बड़ी कंपनियों और टेक जगत में इसका काम बेहद महत्वपूर्ण है. कंपनी डेटा स्टोरेज, क्लाउड और डेटा मैनेजमेंट से जुड़ी सर्विसेज देती है.
आज AI के दौर में सिर्फ डेटा होना काफी नहीं है. कंपनियों को अपने डेटा को स्टोर करना होता है, उसे सुरक्षित रखना होता है और जरूरत पड़ने पर अलग-अलग क्लाउड सिस्टम में इस्तेमाल भी करना होता है. NetApp इसी तरह के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करती है.
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जॉर्ज कूरियन कई सालों से NetApp को लीड कर रहे हैं. उनकी लीडर्शिप में कंपनी ने डेटा और क्लाउड की बदलती दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत की है. इस तरह एक भाई दुनिया की सबसे चर्चित टेक कंपनियों में से एक गूगल के बड़े क्लाउड कारोबार को चला रहा है, जबकि दूसरा भाई उस डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की दुनिया में बड़ी कंपनी NetApp की कमान संभाल रहा है.
एक ही घर के दो भाई और दोनों CEO
थॉमस कूरियन और जॉर्ज कूरियन की कहानी की सबसे खास बात यही है. दुनिया में बड़े CEOs की कोई कमी नहीं है. भारतीय मूल के कई लोग Microsoft, Google और दूसरी बड़ी कंपनियों की कमान संभाल चुके हैं. लेकिन एक ही परिवार के जुड़वां भाइयों का दो अलग-अलग ग्लोबल टेक कंपनियों के CEO तक पहुंचना बेहद रेयर है.
दोनों ने लगभग एक जैसी शुरुआत की. दोनों ने भारत से निकलकर अमेरिका में पढ़ाई की. दोनों ने बिजनेस और टेक्नोलॉजी की दुनिया में करियर बनाया. लेकिन दोनों की मंजिलें अलग-अलग कंपनियों तक पहुंचीं.
क्या थॉमस कूरियन बन सकते हैं सुंदर पिचाई के बाद Google के CEO?
थॉमस कूरियन की बढ़ती भूमिका को देखते हुए इंटरनेट और टेक जगत में कई बार यह चर्चा होती है कि क्या वह फ्यूचर में गूगल की सबसे बड़ी कुर्सी तक पहुंच सकते हैं. गूगल क्लाउड की तेज ग्रोथ और AI के दौर में इस कारोबार की बढ़ती अहमियत ने उन्हें गूगल के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में शामिल कर दिया है.
ये बदला नियर फ्यूचर में होता तो नहीं दिख रहा है, लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि AI और क्लाउड कारोबार के बढ़ते महत्व के कारण थॉमस कूरियन का कद गूगल के भीतर काफी बड़ा है. फ्यूचर में CEO कौन बनेगा, इसका फैसला एल्फाबेट का बोर्ड करेगा और इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. लेकिन रेस में थॉमस का नाम ज़रूर रहेगा.