इस साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में होने वाले समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्रियों के ठीक बाद बैठाया जाएगा. सरकार ने साफ किया है कि उनकी सीट आधिकारिक वरीयता क्रम के अनुसार तय होगी. यह सफाई कांग्रेस की उस आपत्ति के बाद आई है, जिसमें 2024 के स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी को पांचवीं पंक्ति में बैठाए जाने पर सवाल उठाया गया था.
रक्षा सचिव आरके सिंह ने सोमवार को बताया कि राहुल गांधी को 15 अगस्त के समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता की सीट आधिकारिक वरीयता क्रम के मुताबिक तय होगी और यह केंद्रीय मंत्रियों के ठीक बाद होती है.
कांग्रेस ने 2024 में राहुल गांधी की सीट को लेकर सरकार पर निशाना साधा था. पार्टी ने आरोप लगाया था कि उन्हें पांचवीं पंक्ति में बैठाकर सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी की. कांग्रेस ने इस साल गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीसरी पंक्ति में बैठाए जाने पर भी केंद्र पर विपक्ष के नेता के पद का अपमान करने का आरोप लगाया था. राहुल गांधी ने 2025 में लाल किले पर हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा नहीं लिया था.
राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी वरीयता क्रम के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री के बराबर होता है. सरकारी और औपचारिक कार्यक्रमों में बैठने की व्यवस्था इसी वरीयता क्रम के आधार पर तय की जाती है.
युवा शक्ति पर रहेगा फोकस
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘युवा शक्ति’ और देश के विकास में युवाओं के योगदान पर खास जोर रहेगा. इसके साथ ही ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने का भी जश्न मनाया जाएगा.
आरके सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवाओं की भूमिका को केंद्र में रखने का फैसला हाल में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन से पहले ही लिया जा चुका था. उन्होंने कहा कि युवाओं की सफलता और उनके योगदान को समारोह में शामिल करने की योजना पहले से तय थी. उन्होंने बताया कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में युवा अहम भूमिका निभाएंगे. सरकार के अनुसार, देश के विकास में युवा योगदान भी देंगे और इससे उन्हें भी लाभ मिलेगा.