झारखंड के धनबाद से एक बहुत ही दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है. दरअसल, जिले के कतरास थाना इलाके के छाताबाद में अचानक जमीन धंसने से भारी तबाही मच गई है. इस भयानक हादसे में एक दर्जन से ज्यादा घर मलबे में तब्दील हो गए, जबकि एक दो मंजिला मकान तो देखते ही देखते पूरी तरह जमीन के अंदर समा गया.
वहीं इस घटना में करीब 12 लोगों हो गए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई. लोगों में प्रशासन के खिलाफ जमकर गुस्सा देखने को मिल रहा है.
घटना शुक्रवार शाम की है. दरअसल छाताबाद इलाके में अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंसने लगी. जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक देखते ही देखते एक के बाद 12 से अधिक घर धराशायी हो चुके थे. कई अन्य मकानों में बड़ी-बड़ी और खतरनाक दरारें पड़ गईं. जमीन फटने की इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया. लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागने लगे.
चूंकि हादसा अचानक हुआ, इसलिए कई लोग उस वक्त अपने घरों के अंदर ही मौजूद थे. गनीमत यह रही कि आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे और टूटे हुए घरों में फंसे लोगों को बाहर निकाला. इस हादसे में लगभग 12 लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.\
प्रशासन और बीसीसीएल के खिलाफ भड़के लोग
इस खतरनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया.
गुस्साए लोगों का आरोप है कि इस इलाके में भू-धंसान का खतरा कोई नया नहीं है. यहां लंबे समय से जमीन धंसने की आशंका बनी हुई थी और लोग लगातार खतरे के साए में जी रहे थे. इसके बावजूद बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया. लोगों के सुरक्षित पुनर्वास को लेकर केवल कागजी कार्रवाई की गई, जिसका नतीजा आज इन गरीब परिवारों को अपना घर गंवाकर भुगतना पड़ा है.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, स्थानीय प्रशासन और बीसीसीएल के बड़े अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है ताकि कोई दूसरा बड़ा हादसा न हो सके. प्रशासन की टीम अब राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आसपास के और कितने मकान खतरे की जद में हैं.
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इस भयानक हादसे ने एक बार फिर धनबाद के कोयलांचल इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास के पुराने दावों की पोल खोल दी है. लोग अब सरकार से स्थायी समाधान और मुआवजे की मांग कर रहे हैं.