गैंगस्टर विदेश में बैठे हैं, लेकिन उनका नेटवर्क भारत में चल रहा है. पुलिस का दावा है कि ये लोग रेकी से लेकर हथियारों और हवाला के पैसों का इंतजाम संभाल रहे थे. अब गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऐसे ही 7 कथित गुर्गों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 4 पिस्टल, 18 जिंदा कारतूस, 7 मोबाइल फोन और हवाला लेन-देन से जुड़ा एक नोट बरामद होने की बात कही गई है.
मामला गुरुग्राम का है. क्राइम ब्रांच सेक्टर-40 की टीम ने ये कार्रवाई की है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी विदेश में बैठकर गिरोह चला रहे गैंगस्टर दीपक नांदल और हिमांशु भाऊ के संपर्क में थे.
पुलिस का कहना है कि आरोपियों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों से निर्देश मिलते थे. इसके बाद भारत में ये लोग उनके लिए अलग-अलग काम करते थे. इनमें किसी जगह की रेकी करना, हथियारों का इंतजाम करना और पैसों का लेन-देन संभालना शामिल था.

एसीपी क्राइम-2 ललित दलाल के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों में छह हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं. इनके नाम योगेश, शुभम, संदीप, रोहित, बलविंदर और सुरजीत बताए गए हैं. सातवां आरोपी गौरव अरोड़ा दिल्ली का रहने वाला है.
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पुलिस के मुताबिक, गौरव अरोड़ा गैंगस्टरों के कहने पर हवाला के पैसों का लेन-देन और उसका हिसाब-किताब संभालता था. यानी विदेश से आने वाले पैसों को इधर-उधर पहुंचाने और उसका रिकॉर्ड रखने का काम उसके जिम्मे था.
अब बरामदगी पर आते हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से 30 और 32 बोर की 4 पिस्तौल बरामद की हैं. इसके अलावा 18 जिंदा कारतूस, 7 मोबाइल फोन और हवाला लेन-देन में इस्तेमाल होने वाला एक नोट भी मिला है.
पूछताछ में आरोपियों का पुराना रिकॉर्ड भी सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, बलविंदर नाम के आरोपी के खिलाफ हत्या, डकैती समेत कई गंभीर मामलों में कुल 17 FIR दर्ज हैं. बाकी आरोपियों के खिलाफ भी अलग-अलग जिलों और राज्यों में मामले दर्ज बताए गए हैं.
अब पुलिस के सामने अगला सवाल है कि ये लोग आखिर किस वारदात की तैयारी कर रहे थे? पुलिस इसी कड़ी को जोड़ने में लगी है. जांच की जा रही है कि गिरफ्तार आरोपियों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों से निर्देश कैसे मिलते थे, हथियार कहां से आते थे और हवाला का पैसा किस नेटवर्क के जरिए पहुंचता था. फिलहाल सातों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की तलाश भी की जा रही है.