
इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद अब इस मामले में सियासी तड़का भी लग गया है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बॉलीवुड को जमकर खरी-खोटी सुनाई है. उन्होंने कहा कि अगर फिल्म इंडस्ट्री अपने ही एक्टर के लिए आवाज नहीं उठा सकती, तो फिर किसके लिए खड़ी होगी? इतना ही नहीं, दिपके ने इमरान खान को लेकर ऐसा तंज कसा कि सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई. उन्होंने कहा कि इमरान को भारत से बाहर जाने से बचना है, तो बस पीएम मोदी से पूछ लें-‘आप आम कैसे खाते हैं?’
इमरान खान के लिए बॉलीवुड से मांगा सपोर्ट
बॉलीवुड एक्टर इमरान खान इन दिनों कानूनी विवाद को लेकर चर्चा में हैं. मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उन्हें FRRO की तरफ से 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया गया है.
इस मामले में बीजेपी नेता किरीट सोमैया की शिकायत भी सामने आई है. उन्होंने आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक और OCI कार्डधारक इमरान खान का विरोध प्रदर्शन में शामिल होना नियमों का उल्लंघन है. अब CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बॉलीवुड से एक्टर के समर्थन में सामने आने की अपील की है.
इंस्टाग्राम स्टोरी पर उन्होंने लिखा- बॉलीवुड, अपनी आवाज उठाओ. अगर किसी और के लिए नहीं, तो कम से कम अपने ही एक शख्स के लिए खड़े हो जाओ. दिपके के इस बयान ने फिल्म इंडस्ट्री की चुप्पी को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
मोदी के आम वाले सवाल पर अभिजीत का तंज
अभिजीत यहीं नहीं रुके. उन्होंने इमरान खान को लेकर एक और पोस्ट शेयर की, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी के आम खाने वाले चर्चित सवाल का जिक्र किया. दिपके ने लिखा- इमरान खान भारत से डिपोर्ट होने से बच सकते हैं. उन्हें बस मोदी से पूछना है- ‘आप आम कैसे खाते हैं?’ इस पोस्ट के साथ उन्होंने मजाकिया अंदाज में कैप्शन भी लिखा- बाद में शुक्रिया कहना, इम्मू.
उनका यह पोस्ट अब इस पूरे विवाद में एक नया एंगल जोड़ रहा है. हालांकि, यह दिपके का तंज था, कोई वास्तविक कानूनी सलाह नहीं. इमरान खान के मामले में आगे क्या होगा, इसका फैसला कानूनी प्रक्रिया से ही होगा.
अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन का नाम लेकर भी उठाए सवाल
अभिजीत ने अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाया कि अगर एक अमेरिकी नागरिक बीजेपी के समर्थन में अपनी राय रख सकती हैं, तो इमरान खान अपनी बात क्यों नहीं कह सकते?
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैरी मिलबेन बीजेपी के पक्ष में बोल सकती हैं, लेकिन OCI कार्डधारक इमरान खान बीजेपी के खिलाफ कुछ नहीं कह सकते. यह बयान ऐसे समय आया है, जब मैरी मिलबेन ने CJP पर अमेरिका की कुछ ऐसी ताकतों से फंडिंग मिलने का आरोप लगाया, जो भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहती हैं.

मिलबेन ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कुछ दानदाताओं का तरीका दुनिया भर में एक जैसा रहा है. उनके मुताबिक, ऐसे लोग रूढ़िवादी विचारों वाले वैश्विक नेताओं को निशाना बनाते हैं और दूसरे देशों में राजनीतिक उथल-पुथल पैदा करने की कोशिश करते हैं. ये आरोप मिलबेन की ओर से लगाए गए हैं. इन्हें स्वतंत्र रूप से साबित हुआ तथ्य नहीं माना जाना चाहिए.
क्या है पूरा प्रदर्शन विवाद?
दरअसल, मुंबई में हुआ यह प्रदर्शन 10 अक्टूबर को दिल्ली में CJP की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन की अगली कड़ी बताया गया है. प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी.
इससे पहले अगस्त क्रांति मैदान में महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने भी CJP के समर्थन में प्रदर्शन आयोजित किया था. मुंबई पुलिस ने तुषार गांधी और उनकी बेटी कस्तूरी गांधी को भी हिरासत में लिया था. पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने का हवाला दिया गया था. अब इमरान खान को FRRO का नोटिस मिलने के बाद इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है.
अब बॉम्बे हाईकोर्ट में होगी इमरान खान की लड़ाई
इमरान खान ने FRRO के नोटिस को चुनौती देने का फैसला किया है. उनके वकीलों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है और इसके शुक्रवार या सोमवार तक दर्ज होने की संभावना है.
एक्टर की कानूनी टीम इस आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करेगी. नोटिस में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के कथित उल्लंघन का हवाला दिया गया है. अब देखना होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और इमरान खान को कोई राहत मिलती है या नहीं.
फिलहाल, एक तरफ जहां इमरान खान को मिलने वाले भारत छोड़ो नोटिस पर कानूनी लड़ाई शुरू होने वाली है, तो दूसरी तरफ अभिजीत दिपके के बयानों ने बॉलीवुड की चुप्पी और राजनीतिक दोहरे मापदंडों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.