बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है. मायावती ने कहा है कि बीएसपी 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की नीति व सिद्धांत पर अमल करने वाली सर्वसमाज-हितैषी अंबेडकरवादी पार्टी है.
उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यूपी में चार बार रही सरकार भी इसी के आधार पर चलाई है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति व चुनावी स्वार्थ आदि के खातिर जगजाहिर तौर पर गिरगिट की तरह रंग बदलती रहती है.
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मायावती ने बताया कि सपा द्वारा प्रचारित कथित पीडीए में पहले पी से 'पिछड़े' प्रचारित करने के बाद अब अपरकास्ट समाज, खासकर ब्राह्मण समाज को बीएसपी से तेजी से जुड़ता हुआ देख और उसी आधार पर पार्टी उम्मीदवार भी बनाए जाने से विचलित होकर सपा ने अब पी से 'पंडित' कर दिया है, जो इनके राजनीतिक छल व छलावे का एक और जीता-जागता प्रमाण नहीं तो और क्या है?
मायावती ने एक्स पर लिखा कि ऐसे राजनीतिक छल व छलावे की राजनीति से किसी व्यक्ति विशेष का कुछ समय के लिए थोड़ा भला तो हो सकता है, लेकिन इससे समाज का भला कभी नहीं हो सकता. इसलिए सर्वसमाज के लोगों को ऐसी छलावापूर्ण समाजवादी पार्टी (सपा) व उसकी ऐसी संकीर्ण जातिवादी राजनीति से जरूर सावधान रहना चाहिए. यह समय की मांग व सर्वसमाज के हित में भी है.
बता दें, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी माहौल गर्म हो गया है. विधानसभा चुनाव के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या सीट से पवन पांडेय को उम्मीदवार बनाया है. सपा ने अपने पहला उम्मीदवार अयोध्या सीट से उतारा है और ब्राह्मण समाज से दिया है. माना जा रहा है कि इसके जरिए अखिलेश यादव ने बीजेपी को चारो खाने चित करने का बड़ा दांव चला है.