scorecardresearch
 

12वीं पास उम्मीदवार भी ट्रेनों में बन सकते हैं कोच अटेंडेंट, नियमों में हुआ बदलाव

रेलवे में कोच अटेंडेंट नौकरी के लिए RRB ने योग्यता में बदलाव किए हैं. अब केवल 12वीं पास उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन कर सकते हैं. 

Advertisement
X
रेलवे में कोच अटेंडेंट नौकरी के लिए RRB ने योग्यता में बदलाव किए हैं. (Photo : Pexels)
रेलवे में कोच अटेंडेंट नौकरी के लिए RRB ने योग्यता में बदलाव किए हैं. (Photo : Pexels)

रेलवे में सरकारी नौकरी पाना लाखों उम्मीदवार का सपना होता है. लेकिन कई बार सही योग्यता न होने के कारण उम्मीदवारों को निराशा का सामना करना पड़ता है. लेकिन रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ट्रेनों में कोच अटेंडेंट ने भर्ती से जुड़ी योग्यता में बदलाव कर इसे बढ़ा दिया है. अब 12वीं पास उम्मीदवार ही इन पदों पर आवेदन कर सकते हैं. इसके साथ ही हाउसकीपिंग से संबंधित तीन महीने की ट्रेनिंग के साथ आईटीआई का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है. 

बता दें कि इन पदों पर पहले न्यूनतम योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई थी जिसकी वजह से कई बार सेवा गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं. 

नई व्यवस्था लागू करने की मांग 

बता दें कि रेलवे बोर्ड के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के निदेशक लव कुमार ने इससे जुड़े बदलाव में सभी जोनों के महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर नई व्यवस्था को लागू करने का निर्देश दिया है. इसका मकसद है यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक सेवा प्रदान करवाना है. 

कैसे होती है कोच अटेंडेंट की बहाली?

गौर करने वाली बात यह है कि कोच अटेंडेंट की बहाली सीधे तौर पर रेलवे नहीं करता है. इसके लिए हायरिंग निजी एजेंसियों के माध्यम से की जाती है. हाल के समय में रेलवे ने नमो भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन कर रही है, जिसमें यात्रियों की अपेक्षाएं ज्यादा होती हैं. ऐसे में कम योग्यता और तकनीकी जानकारी वाले उम्मीदवार कई बार यात्रियों की परेशानी को समझ नहीं पाते हैं और सही तरह से इसका समाधान नहीं कर पाते हैं. इसकी वजह से शिकायतों में लगातार तेजी देखी जा रही थी, जिसके बाद से यह फैसला लिया गया है.  

Advertisement

ITI सर्टिफिकेट है जरूरी 

नई नीति के तहत आईटीआई योग्यता को अनिवार्य करना इसलिए भी जरूरी है कि कोच अटेंडेंट छोटे-मोटे तकनीकी काम जैसे लाइट, सीट या अन्य उपकरणों की मामूली खराबी को ठीक कर सकते हैं. इसके अलावा उन्हें अपने कोच में एक सुपरवाइजर की भूमिका भी निभानी होगी. रेलवे बोर्ड के अनुसार, यह फैसला उत्तर रेलवे की ओर से उठाई गई चिंताओं के बाद लिया गया है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement