चार महीने पहले जब महिला ने काम शुरू किया था तो, उसे नहीं पता था कि एक ऐसा भी दिन आएगा, जब वह अपने बच्चे को अच्छे स्कूल में पढ़ने के लिए भेज सकेगी. महिला ने बताया कि उसका पति ऑटो चलाता है, जिससे अच्छी कमाई नहीं हो पा रही था लेकिन अब उसकी 30 से 40 हजार की नौकरी घर की तस्वीर बदल रही है. पति के साथ मिलकर अब उनके घर की आय 80 से 1 लाख रुपये हो गई है.
अब उसका बच्चा 1.5 लाख सालाना फीस वाला स्कूल में पढ़ता है. यह किसी फिल्म की कहानी नहीं है. इसे लेकर क्विक सर्विस प्लेटफॉर्म स्नैबिट के सीनियर डायरेक्टर साई किरण सिंगनमाला ने इस स्टोरी को लिंक्डइन पर शेयर की है. उन्होंने बताया कि महिला को प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए सिर्फ चार महीने का ही समय हुआ है. सिंगनमाला के मुताबिक, महिला हर महीने 30 से 40 हजार रुपये कमा रही है.
बच्चे की पढ़ाई सबसे ज्यादा जरूरी
महिला ने बताया कि वह अब अपने बच्चे को ऐसे स्कूल में डाल सकती है जिसकी सालाना फीस 1.5 लाख रुपये हो. उन्होंने आगे कहा कि हर मां-बाप चाहते हैं कि उनका बच्चा अच्छे स्कूल में पढ़े.

केवल पैसा नहीं मैनेजमेंट भी जरूरी
सिंगनमाला के मुताबिक, इस बातचीत ने उन्हें समझाया कि एक महिला की कमाई का असर सिर्फ उसकी अपनी जिंदगी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है. उन्होंने इसके तीन अहम पहलुओं का जिक्र किया जिसमें बच्चों की शिक्षा में सुधार, परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत सहारा और महिलाओं के भीतर बढ़ता आत्मविश्वास. उनके अनुसार, इनमें सबसे बड़ा बदलाव उस समय दिखाई देता है, जब महिला अपनी कमाई से घर में योगदान देती है. इससे परिवार में उसकी भूमिका और उसके प्रति नजरिया, दोनों बदलने लगते हैं.
सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रिया
जैसे ही ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया. कई यूजर्स ने कहा कि महिलाओं की अपनी कमाई का असर बहुत दूर तक जाता है.
कंपनी के लिए भी गर्व की बात
सिंगनमाला ने आगे लिखा कि ऐसी कहानियां ही उन्हें अपने काम के करीब महसूस करने में मदद करती है. उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि कंपनी केवल नौकरी नहीं बना रही है बल्कि लोगों की जिंदगी बदलने भी बदल रही है.