असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सह-गायिका अमृतप्रभा महंत को जमानत दे दी है. इस मामले में मुख्य केस के तहत गिरफ्तार आरोपियों में जमानत पाने वाली वह पहली आरोपी हैं. उन्हें 50 हजार रुपये के बॉन्ड पर राहत मिली है. अमृतप्रभा महंत को असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने 2 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी से पहले उनसे कई घंटे तक पूछताछ की गई थी. इसके बाद से वह हाफलोंग जेल में बंद थीं.
जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में समुद्र में तैरने के दौरान हुई थी. वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने के लिए सिंगापुर गए थे. उनकी उम्र 52 साल थी. गायक की मौत की खबर सामने आने के बाद असम में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. लोगों ने घटना की परिस्थितियों की गहन जांच कराने की मांग की थी. इसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया.
जांच के दौरान सिंगापुर में जुबीन गर्ग के साथ गए कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत, गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और बैंड के सदस्य शेखरज्योति गोस्वामी के साथ अमृतप्रभा महंत भी शामिल थीं. जांच एजेंसी ने इन लोगों की भूमिका की पड़ताल की. मामले में आगे की कार्रवाई के दौरान SIT ने आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया. इसके बाद यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा.
SIT ने अपनी चार्जशीट में अमृतप्रभा महंत, श्यामकानु महंत, सिद्धार्थ शर्मा और शेखरज्योति गोस्वामी पर हत्या का आरोप लगाया है. वहीं, जुबीन गर्ग के चचेरे भाई संदीपन गर्ग पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया. इसके अलावा गायक के दो निजी सुरक्षा अधिकारियों नंदेश्वर बोरा और परेश बैश्य पर आपराधिक साजिश तथा आपराधिक विश्वासघात से जुड़े आरोप लगाए गए हैं. ये सभी आरोप जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए हैं और इन पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है.
इस पूरे मामले की जांच का मुख्य केंद्र सिंगापुर में जुबीन गर्ग की मौत से जुड़ी परिस्थितियां रही हैं. जांच एजेंसी ने घटना के सिलसिले में अलग-अलग लोगों की भूमिका की पड़ताल की है. अब अमृतप्रभा महंत को जमानत मिलने के बाद मामले में यह एक अहम घटनाक्रम है. हालांकि, जमानत मिलने का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है. उनके खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी.
इससे पहले जुबीन गर्ग के दो निजी सुरक्षा अधिकारियों को कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े एक अलग मामले में जमानत मिल चुकी थी. हालांकि, वह मामला मुख्य मौत के केस से अलग है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मुख्य मौत के मामले में जमानत पाने वाली अमृतप्रभा महंत पहली आरोपी हैं. जुबीन गर्ग की मौत का मामला असम में लगातार चर्चा में रहा है और इस मामले में जांच तथा अदालती कार्यवाही पर नजर बनी हुई है.