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'नाना पाटेकर बच सकते थे', बोलीं तिरंगा को-स्टार वर्षा उसगांवकर, एक्टर को याद कर छलके आंसू!

Nana Patekar Death: वर्षा उसगांवकर ने नाना पाटेकर को याद कर दुख जताया. बोलीं- समय पर इलाज मिलता तो शायद आज वह हमारे बीच होते. पढ़ें पूरी खबर.

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नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुईं वर्षा उसगांवकर (photo: Screengrab)
नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुईं वर्षा उसगांवकर (photo: Screengrab)

फिल्म इंडस्ट्री से कुछ दिन पहले दिल तोड़ देने वाली खबर आई, जब पता चला कि दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का निधन हो गया. इस खबर पूरे देश को सदमा दे दिया. वहीं उनके को-स्टार्स को भी धक्का लगा है. तिरंगा फिल्म में उनकी को-एक्ट्रेस रही वर्षा उसगांवकर ने भी अपना दुख जाहिर किया है और कहा कि अगर उन्हें वक्त पर मेडिकल सुविधा मिल जाती तो नाना हमारे बीच होते.

75 साल की उम्र में नाना के यूं अचानक चले जाना एक युग के अंत जैसा है. वर्षा उसगांवकर ने IANS से बातचीत में जो कहा, उसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं.

'75 साल जाने की उम्र नहीं है' - छलका वर्षा का दर्द

वर्षा नाना को याद कर भावुक हो गईं. उनके आंसू भी छलक पड़े. उन्होंने अपने मन का दर्द जाहिर करते हुए कहा कि- आज मेडिकल साइंस इतनी आगे है कि लोग 100 साल तक जीते हैं. 75 साल कोई उम्र नहीं है दुनिया छोड़ने की. अगर नाना को वक्त पर जरूरी मेडिकल मदद मिल जाती, तो शायद वो आज हमारे बीच होते. उन्होंने बताया कि नाना के साथ बिताए दिन आज भी उनके दिल के सबसे करीब हैं.

वर्षा ने याद करते हुए कहा कि वो खुद को लकी मानती हैं कि उन्हें 'तिरंगा' में नाना के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला. नाना अपने दमदार अभिनय, बुलंद आवाज और हर किरदार में जान डालने के लिए जाने जाते थे. उन्होंने कॉमेडी से लेकर गंभीर भूमिकाओं और खलनायक के किरदारों तक, हर तरह के रोल में अपनी छाप छोड़ी. वर्षा से जब उनके पसंदीदा अभिनय के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने ‘तिरंगा’ का नाम लिया, उनके मुताबिक, इस फिल्म में नाना ने शानदार काम किया था.

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कैसे हुई नाना की मौत? सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित घर में उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था. उन्हें तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 45 मिनट तक CPR किया, पर उन्हें बचाया नहीं जा सका.

बाद में फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत को नेचुरल बताया गया और किसी भी साजिश से इनकार किया गया. रिपोर्ट में कहा गया कि दिल की मुख्य धमनी में खून का थक्का जमने से हार्ट अटैक हुआ था. पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई.

नाना पाटेकर चले गए, लेकिन उनकी आवाज, उनके डायलॉग और उनका अंदाज हमेशा फैंस के दिलों में जिंदा रहेगा.

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