भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ा खेल हो गया, जब मार्केट क्लोज हो रहा था तो उससे कुछ मिनट पहले ही सेंसेक्स का एक प्रीमियम करीब 35 गुना चढ़कर बंद हुआ. जिसने उस प्रीमियम में पैसा लगाने वाले किस व्यक्ति की कमाई झटके में 35 गुना तक बढा दी.
दरअसल, गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार तेजी पर कारोबार करते हुए दिखाई दिया. सेंसेक्स 1534 अंक या 2.11 फीसदी चढ़कर 74315 पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 374 अंक या 1.66 फीसदी चढ़कर 22,997 पर पहुंच गया. इसी बीच, 74200 Option Call में जबरदस्त बाइंग देखी गई और अचानक से यह Call 115 रुपये के पार पहुंच गया.
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह कॉल पहले ₹10 के आसपास थी, फिर गिरकर ₹3 तक आ गई और उसके बाद तेजी से उछलकर ₹115 पर पहुंच गई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अक्सर मार्केट में ऐसा देखने को नहीं मिलता है, लेकिन सेबी ने जबसे CAS का नियम लागू किया है, तब से इस तरह की कई घटनाएं देखने को मिल चुकी हैं.
3 रुपये की कॉल अचानक 115 रुपये पर कैसे पहुंची?
ऐसा माना जाता है कि जब मार्केट अपने आखिरी घंटों में होता है तो ज्यादातर ऑप्शन प्रीमियम स्लो होने लगते हैं और उनके प्राइस नीचे जाने लगते हैं. खासकर 10 रुपये से नीचे वाले प्रीमियम तो तेजी से नीचे आते हैं और उसकी रिकवरी का शायद ही चांस होता है. वहीं कोई प्रीमियम ऐसे वक्त में बड़ी रैली दिखा दे तो किसी ना किसी गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है. इस प्रीमियम को लेकर भी ऐसा ही कुछ माना जा रहा है.

कमाई कितनी बढ़ जाएगी?
अगर किसी ने 3 रुपये के आसपास 74200 का ऑप्शन Call लिया होगा, तो उसे हर लॉट पर 35 गुना प्रॉफिट हुआ होगा. सेंसेक्स में 1 लॉट 20 यूनिट का होता है, जिसका मतलब है कि 60 रुपये लगाकर हर लॉट पर 2,300 रुपये की कमाई हुई होगी. हालांकि, यह सिर्फ समझाने के लिए एक अनुमान बताया गया है. इसका ये मतलब नहीं है कि इस सच मानकर आप ऐसे प्रीमियम को खरीदने के लिए प्रेरित हों. वैसे भी इस तरह के प्रीमियम में उछाल मार्केट में गड़बड़ी का भी संकेत हो सकता है.
क्या होता है कॉल ऑप्शन?
F&O के तहत कॉल ऑप्शन एक ऐसा कॉन्ट्रैक्ट होता है, जिसके तहत कोई भी निवेशक शेयर या इंडेक्स डायरेक्ट ना खरीदकर, उसका प्रीमियम खरीदता है. जब किसी निवेशक को लगता है कि मार्केट या शेयर ऊपर जाने वाला है तो वह कॉल ऑप्शन पर दाव लगाता है और प्रीमियम में तेजी आने पर मार्जिन से कमाई करता है. हर कॉल ऑप्शन की एक एक्सपाइरी डेट होती है. इस डेट के तहत निवेशक चाहे तो इसमें खरीदारी कर सकता है.
(नोट- किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)