शेयर बाजार
एक शेयर बाजार (Share Market), इक्विटी बाजार, या शेयर बाजार शेयरों के खरीदारों और विक्रेताओं का एकत्रीकरण है, जिन्हें शेयर भी कहा जाता है. य़ह व्यवसायों पर स्वामित्व के दावों का प्रतिनिधित्व करता है.
इनमें सार्वजनिक स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध प्रतिभूतियां शामिल हो सकती हैं. साथ ही, स्टॉक जो केवल निजी तौर पर कारोबार किया जाता है, जैसे निजी कंपनियों के शेयर जो इक्विटी क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेशकों को बेचे जाते हैं. निवेश आमतौर पर निवेश की रणनीति को ध्यान में रखकर किया जाता है (Invest in Share Market).
स्टॉक को उस देश द्वारा वर्गीकृत किया जा सकता है जिस देश में कंपनी का अधिवास होता है. नेस्ले (Nestle) और नोवार्टिस (Novartis) स्विट्जरलैंड में का शेयर बाजार हैं और वह छह स्विस एक्सचेंज (Swiss Exchange) में कारोबार करता है. हालांकि शेयरों को अन्य देशों में एक्सचेंजों पर भी कारोबार किया जा सकता है.
Zerodha फाउंडर ने ईरान युद्ध की वजह से अनिश्चितता को लेकर कहा कि शेयर मार्केट किस करवट बैठेगा और कौन सा एसेट क्लास कैसे परफॉर्मेंस करेगा, इसकी भविष्यवाणी करना बेहद मुश्किल है.
Stock Market Crash: सोमवार को शेयर बाजार में दिनभर भगदड़ मची हुई नजर आई और ये अंत तक जारी रही. क्रूड की कीमतों में अचानक फिर आए उछाल के साथ ही बाजार के बिखरने के पीछे कई बड़े कारण रहे.
Stock Market Crash: शेयर बाजार में गिरावट के संकेत पहले से ही मिल रहे थे और जैसे ही ये ओपन हुआ सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स क्रैश हो गए. BSE Sensex खुलने के साथ ही 1100 अंक से ज्यादा, जबकि NSE Nifty 300 अंक से अधिक टूट गया.
Stock Market Crash: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन विदेशों से भारतीय शेयर बाजार के बेहद खराब सिग्नल मिल रहे हैं. एशियाई शेयर बाजारों में भूचाल नजर आया है और गिफ्ट निफ्टी भी बड़ी गिरावट में ट्रेड कर रहा है.
US-Iran War के चलते शेयर बाजारों में उथल-पुथल का दौर जारी है. बीते सप्ताह के महज चार कारोबारी दिनों में देश की सात बड़ी कंपनियों के 1.75 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. सबसे तगड़ा घाटा Reliance को हुआ.
4 दिन में ₹1.75 लाख करोड़ डूबे US-ईरान तनाव से शेयर बाजार पर पड़ा असर. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. बीते सप्ताह यानि 27 मार्च 2026 को बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. सिर्फ 4 कारोबारी दिनों में ही निवेशकों के करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये डूब गए.
अमेरिकी बाजार में शुक्रवार देर रात बड़ी गिरावट देखने को मिली. डॉउ जोन्स 1.73 फीसदी तक टूट गया. इसके साथ ही डॉउ फ्यूचर आगे भी बड़ी गिरावट का संकेत दे रहा है.
Iran Israel War Updates: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का संकेत डोनाल्ड ट्रंप ने दिया है, लेकिन दूसरी ओर ऐसी खबरें आ रही हैं, जिससे दुनिया भर के शेयर बाजार गिर रहे हैं, कच्चे तेल के भाव तेजी से बढ़ रहे हैं.
डॉलर की तुलना में रुपये में बड़ी गिरावट आई है. रुपया 95 मार्क के काफी करीब पहुंच गया है. जबकि बुधवार को यह 94 लेवल के नीचे था. दूसरी ओर, विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है.
शेयर बाजार में संकट और भी गहरा गया है, क्योंकि अब रिलायंस इंडस्ट्री जैसे शेयर भी तेजी से टूट रहे हैं. रिलायंस इंडस्ट्री शुक्रवार को 4.60 फीसदी के करीब गिर गया. साथ ही इंडिगो और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई.
शेयर बाजार में भारी गिरावट. सेंसेक्स 1700 अंक फिसला. 2 दिनों की तेजी के बाद शुक्रवार यानि 27 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है. BSE सेंसेक्स 1690 अंक गिरकर 73,583 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 486 अंक टूटकर 22,819 पर आ गया. निफ्टी बैंक भी 1,433 अंक गिरकर 52,274 पर बंद हुआ. इस गिरावट की बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव है
कच्चे तेल के दाम में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन फिर भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट पर कारोबार कर रहा है. सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा टूटा है. निफ्टी में भी 300 अंकों से ज्यादा की कमी आई है.
Gold Silver Updates Price: कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखी गई है. कच्चे तेल के दाम बढ़ने के साथ ही सोना और चांदी के भाव तेजी से गिरे हैं.
रामनवमी के कारण भारतीय शेयर बाजार आज बंद हैं, लेकिन बाकी एशियन मार्केट खुले हैं. चीनी मार्केट से लेकर साउथ कोरिया तक के बाजारों में हैवी गिरावट देखी जा रही है.
अगर आप शेयर बजार में ट्रेडिंग करते हैं तो आपके लिए 1 अप्रैल से टैक्स बढ़ने जा रहा है, जिसका मतलब है कि फ्यूचर एंड ऑप्शन में निवेश करने वालों को ज्यादा चार्ज देना पड़ेगा.
शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है, जिसके बाद विदेशी ब्रोकरेज ने एक बड़ा टारगेट दिया है. अनुमान है कि निफ्टी सबसे खराब स्थिति में 19000 के नीेचे आ सकता है.
भारतीय शेयर बाजार में तेजी जारी है. लगातार दूसरे दिन निवेशकों के पोर्टफोलियो हरे निशान पर बंद हुए हैं, क्योंकि ग्लोबल संकेत पॉजिटिव दिख रहे हैं और कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई है.
ईरान और अमेरिका के बीच जंग रोकने की खबर से ठीक पहले अमेरिकी बाजार में बड़ी ट्रेडिंग पोजिशन ली गई थी. यह ट्रंप के ऐलान के ठीक 14 मिनट पहले हुआ था.
Stock Market Rally Reason: सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार बमबम नजर आ रहा है. बीएसई का सेंसेक्स अपनी ओपनिंग के बाद कुछ दी मिनटों में तेज रफ्तार के साथ 75,000 का आंकड़ा पार कर गया, तो एनएसई निफ्टी भी रॉकेट सी तेजी पकड़े कारोबार कर रहा है.
शेयर बाजार में एक कंपनी का स्टॉक भारी दबाव में है. तेजी रहने के बावजूद आईटीसी शेयर में इस साल 21 फीसदी तक की गिरावट आई है, जिस कारण लाखों करोड़ की गिरावट आई है.
शेयर बाजार में शानदार तेजी आई है. एशियन पेंट्स, इंडिगो और एल एंड टी जैसे शेयरों ने इस तेजी में सबसे ज्यादा योगदान दिया है. जिस कारण निवेशकों की आज करीब 9 लाख करोड़ की कमाई हुई है.