एक शेयर मार्केट (Share Market), इक्विटी बाजार, या शेयर बाजार शेयरों के खरीदारों और विक्रेताओं का एकत्रीकरण है, जिन्हें शेयर भी कहा जाता है. यह व्यवसायों पर स्वामित्व के दावों का प्रतिनिधित्व करता है.
इनमें सार्वजनिक स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध प्रतिभूतियां शामिल हो सकती हैं. साथ ही, स्टॉक जो केवल निजी तौर पर कारोबार किया जाता है, जैसे निजी कंपनियों के शेयर जो इक्विटी क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेशकों को बेचे जाते हैं. निवेश आमतौर पर निवेश की रणनीति को ध्यान में रखकर किया जाता है (Invest in Share Market).
स्टॉक को उस देश द्वारा वर्गीकृत किया जा सकता है जिस देश में कंपनी का अधिवास होता है. नेस्ले (Nestle) और नोवार्टिस (Novartis) स्विट्जरलैंड में का शेयर बाजार हैं और वह छह स्विस एक्सचेंज (Swiss Exchange) में कारोबार करता है. हालांकि शेयरों को अन्य देशों में एक्सचेंजों पर भी कारोबार किया जा सकता है.
सोना और चांदी की कीमतों में अचानक आई भारी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है. इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद जिन कीमती धातुओं में तेज उछाल देखा गया था, अब उनमें बड़ी टूट देखने को मिल रही है. एमसीएक्स पर चांदी एक दिन में हजारों रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई, जबकि सोने के दाम भी तेजी से नीचे आए. विशेषज्ञ इसे मुनाफावसूली और बाजार में बढ़ती अस्थिरता का असर मान रहे हैं
साल 2008 में शेयर बाजार में क्रैश की भविष्यवाणी करने वाले दिग्गज निवेशक ने एक बार फिर लोगों को चेताया है और कहा है कि डॉट कॉम की तरह ही एक बार फिर बुलबुला बन रहा है.
सेमीकंडक्टर कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट आई और यह आज 19 फीसदी टूट गया है. वहीं ब्रोकरेज ने भी इसके टारगेट में कटौती कर दी है.
Jewellery Stock Update: जब पीएम मोदी ने रविवार को देश के लोगों से सोने की खरीदारी न करने सलाह दी थी, तब से लगातार तीन दिनों से ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में हाहाकार मचा है. Gold-Silver Import ड्यूटी बढ़ने से ये बुधवार को भी बिखरे नजर आए.
प्रधानमंत्री ने पिछले दो दिनों में देश के लोगों से दो बार अपील की है कि वो सोना कम खरीदें, पेट्रोल डीजल का कम उपयोग करें, विदेश से ज्यादा स्वदेश की यात्रा करें. प्रधानमंत्री ने लोगों से ऐसे 7 आह्वान किये हैं. सवाल है कि क्या देश पर कोई बड़ा खतरा है ? और प्रधानमंत्री की अपील का असर कितना हो रहा है. क्योंकि इस अपील से शेयर और सर्राफा बाजार दोनों में गिरावट है.
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है. भारत की सप्लाई चेन भी प्रभावित हो रही है. पीएम मोदी ने लगातार चौबीस घंटे में दूसरी बार देशवासियों से सावधानी बरतने की अपील की है. गुजरात के वडोदरा में सरदार धाम हॉस्टल के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि छोटे छोटे कदम देश के लिये बेहद अहम हैं.
Groww के शेयरों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. यह शेयर आज 7 फीसदी तक टुट गया, क्योंकि 4 प्रमुख शेयरों ने कंपनी में अपनी 68 फीसदी की हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेच दी.
Jewellery Stock Crash: शेयर बाजार के क्रैश होने के साथ ही मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी ज्वेलरी कंपनियों के शेयर धराशायी हो गए. एक साल सोना न खरीदने की PM Modi की दोहरी अपील का असर इनपर दिखा है.
पीएम मोदी की अपील के दूसरे दिन और डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है. आज निवेशकों को 11 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
Global Market Crisis के बीच Indian Share Market में भारी तबाही देखने को मिली है. Iran-America tension बढ़ने और crude oil prices में उछाल के बाद Sensex और Nifty लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए. निवेशकों के करीब 11 लाख करोड़ रुपये डूब गए, जबकि रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. IT stocks में सबसे ज्यादा बिकवाली रही. एक्सपर्ट्स का मानना है कि Middle East crisis लंबा चला तो market volatility और बढ़ सकती है.
Stock Market Crash: शेयर बाजार में मंगलवार को भी 'अमंगल' नजर आया है. सोमवार को बड़ी गिरावट देखने के बाद सप्ताह के दूसरे दिन भी दोनों इंडेक्स खुलते ही क्रैश हो गए. BSE Sensex ओपनिंग के साथ ही करीब 600 अंक से ज्यादा टूट गया.
Groww Share Block Deal: छह महीने में 43 फीसदी रिटर्न देने वाला ग्रो की पेरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures का शेयर मंगलवार को फोकस में है, क्योंकि इसमें 4750 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल लोगों से अपील की, कि वो एक साल तक सोना न खरीदें, एक साल तक विदेश यात्रा न करें, और पेट्रोल डीजल बचाएं. पीएम की अपील के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर है और देश में एक अलग बहस चल निकली है, विपक्ष पीएम और केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगा रहा है.
एक दंगल ट्रम्प और ईरान के बीच चल रहा है. दूसरे दंगल का जोखिम पूरी दुनिया उठा रही है. उनकी तो जैसे तैसे, थोड़ी ऐसे या वैसे कट जाएगी. लेकिन बाकी दुनिया का क्या होगा. इसकी फिक्र अब भारत में भी दिखने लगी है. क्योंकि पीएम मोदी ने दूर दक्षिण तेलंगाना में जाकर ही सही लेकिन ये मान लिया है कि ईरान की जंग के कारण कच्चे तेल के दाम में जो आग लगी है उसमें भारत का खजाना भी बहुत तेजी से फुंक रहा है. फरवरी में जिस खजाने में 728 अरब डॉलर से ज्यादा थे वहां 10 हफ्ते में 690 अरब डॉलर ही बचे हैं. रोज तेल कंपनियां 16-1700 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं. सरकार को एक्साइज ड्यूटी में 14 हजार करोड़ की चपत लग चुकी है. ऊपर से कच्चा तेल 126 डॉलर बैरल के भाव छू रहा है. ऐसे में भी भारत में अभी तक पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढे हैं. और इसे बढ़ाना न पड़े इसलिए पीएम मोदी ने तेलंगाना की सियासी रैली से देशवासियों के सामने आठ सूत्री अपील की है. इसमें पेट्रोल डीजल के कम इस्तेमाल से लेकर खाने के तेल के कम इस्तेमाल तक और विदेशों में सैर सपाटे से लेकर किसानों को खाद तक के कम इस्तेमाल की नसीहत दी गई है. क्योंकि इसमें भारत के खजाने से डॉलर के पते तेजी से घिस रहे हैं.
Stock Market Crash: शेयर बाजार में सोमवार को दिनभर गिरावट के साथ कारोबार हुआ. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी से लेकर स्मॉलकैप तक हर ओर शेयर लाल रंग में नजर आए. BSE Sensex 1300 अंक से ज्यादा फिसलकर बंद हुआ.
शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल की अपील के बाद बाजार में किफायत का माहौल बन गया है, जिससे घरेलू शेयर बाजार में दबाव महसूस किया गया. सेंसेक्स करीब 900 अंकों तक गिर गया जबकि निफ्टी भी 250 अंकों तक नीचे आ गया. यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.
शेयर बाजार में वर्तमान गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन मुख्य कारण प्रधानमंत्री की हालिया अपील को माना जा रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड के समय जो व्यवहार हमने अपनाया था, उससे थोड़ा हटकर अब हमें पुरानी आदतों पर वापस लौटना होगा. इस संदेश के बाद बाजार की भावना प्रभावित हुई है और निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी है. इस वीडियो में हम इस गिरावट के पीछे के अन्य कारणों को भी समझेंगे और जानेंगे कि निवेशकों को किस तरह से स्थिति का सामना करना चाहिए। यह जानकारी शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को समझने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
निफ्टी लगभग 245 पॉइंट्स और सेंसेक्स करीब 900 पॉइंट्स गिरा है. बैंक निफ्टी भी लगभग 535 पॉइंट तक नीचे गया है जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार का मूड कुछ खराब है. ज्वेलरी स्टॉक्स में टाइटन लगभग 6% गिरा है. एनर्जी सेक्टर के स्टॉक्स जैसे एबीवी इंडिया और सीमेंस भी करीब 5 से 6% तक नीचे आए हैं.
शेयर बाजार में सोमवार को मची तबाही के बीच ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. पीएम मोदी के एक साल तक सोने की खरीदारी न करने की अपील की है, जिसके बाद इस सेक्टर के शेयर क्रैश हो गए. निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.
Jewellery Stock Crash: शेयर बाजार में सोमवार को मची तबाही के बीच ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. PM Modi के एक साल तक सोने की खरीदारी न करने की अपील की है, जिसके बाद इस सेक्टर के शेयर क्रैश नजर आए हैं.
Stock Market Crash: शेयर बाजार में एक बार फिर से बड़ी गिरावट आई है. सोमवार को खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी बिखर गए. BSE Sensex 900 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा.