शेयर बाजार
एक शेयर बाजार (Share Market), इक्विटी बाजार, या शेयर बाजार शेयरों के खरीदारों और विक्रेताओं का एकत्रीकरण है, जिन्हें शेयर भी कहा जाता है. य़ह व्यवसायों पर स्वामित्व के दावों का प्रतिनिधित्व करता है.
इनमें सार्वजनिक स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध प्रतिभूतियां शामिल हो सकती हैं. साथ ही, स्टॉक जो केवल निजी तौर पर कारोबार किया जाता है, जैसे निजी कंपनियों के शेयर जो इक्विटी क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेशकों को बेचे जाते हैं. निवेश आमतौर पर निवेश की रणनीति को ध्यान में रखकर किया जाता है (Invest in Share Market).
स्टॉक को उस देश द्वारा वर्गीकृत किया जा सकता है जिस देश में कंपनी का अधिवास होता है. नेस्ले (Nestle) और नोवार्टिस (Novartis) स्विट्जरलैंड में का शेयर बाजार हैं और वह छह स्विस एक्सचेंज (Swiss Exchange) में कारोबार करता है. हालांकि शेयरों को अन्य देशों में एक्सचेंजों पर भी कारोबार किया जा सकता है.
टाटा ग्रुप के इस शेयर में शुक्रवार को भी बड़ी गिरावट देखने को मिली. यह शेयर अपने रिकॉर्ड हाई से 44 फीसदी टूट चुका है और पांच साल में शून्य रिटर्न दिया है.
Indian Market Fall: अमेरिका से ट्रेड डील के बाद उम्मीद थी कि अब बाजार में एकतरफा रैली देखने को मिल सकती है, क्योंकि रिफॉर्म को लेकर कई बड़े कदम उठाए गए, लेकिन बाजार ठंडा पड़ा रहा.
Trade Deal की धमक भी धड़ाम, शेयर बाजार में फिर मचा कोहराम… भारतीय शेयर बाजार को ये क्या हो गया है? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजहें.
शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स-निफ्टी मार्केट बंद होने के अंतिम समय में तेजी से गिरे. निफ्टी में 336 अंकों की गिरावट आई . ओभरऑल मार्केट 1.30 फीसदी तक टूट गया.
झटके में 7 लाख करोड़ स्वाहा... शेयर बाजार में मचा कोहराम, 1000 अंक टूटा सेंसेक्स!
AI का बड़ा संकट... इंफोसिस, HCL, TCS समेत IT शेयरों में भारी तबाही, अब क्या करें?
टीसीएस से लेकर विप्रो तक आज आईटी शेयरों में करीब 6 फीसदी की गिरावट आई है. एक दिन पहले भी इन शेयरों में भारी गिरावट देखी गई थी. यह गिरावट ग्लोबल दबाव और एआई को लेकर आए नए संकट के कारण है.
AI पर यूएस से इंडिया तक कोहराम. सेंसेक्स निफ्टी धड़ाम, गोल्ड-सिल्वर प्राइस ने लिया यू-टर्न. एआई से जुड़ी चिंताओं के बीच ग्लोबल स्टॉक मार्केट में तेज गिरावट देखने को मिली है.
अमेरिका से लेकर भारत तक शेयर बाजार में कोहराम मचा हुआ है, क्योंकि एआई की वजह से आईटी कंपनियों में बड़ी गिरावट आई है. वहीं सोने और चांदी के भाव में तेजी देखी जा रही है.
शेयर मार्केट में क्यों आई बड़ी गिरावट? अमेरिका से भारत तक तबाही. ग्लोबल मार्केट्स में एआई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिकी बाजारों में आई तेज गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा हैं. 13 फरवरी को कारोबार की शुरुआत के साथ ही सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी दर्ज की गई
सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. 12 फरवरी देर रात मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना करीब 6,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गया, जबकि चांदी में लगभग 26,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखने को मिली
अमेरिका से लेकर भारतीय शेयर बाजार तक भारी गिरावट आई है. सेंसेक्स करीब 800 अंक टूटकर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी में 200 अंकों की गिरावट आई है.
SBI ने मार्केट कैप में ICICI बैंक के अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को भी पीछे छोड़ दिया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नींव 19वीं शताब्दी के पहले दशक में पड़ी थी. तारीख 2 जून 1806 थी.
गोल्ड के बदले कम ब्याज पर लोन देने वाली कंपनी के मुनाफे में 95 फीसदी का इजाफा हुआ है. साथ ही इसकी ब्याज से कमाई में भी तगड़ा इजाफा हुआ है. ऐसे में निवेशकों की अब इसके शेयरों पर नजर है.
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का मुनाफा 61 फीसदी टूट चुका है, जिसके बाद से इसके शेयर में आज 8 फीसदी तक की गिरावट आई और यह 1400 रुपये के स्तर से नीेचे चला गया.
आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है, क्योंकि एआई सॉफ्टवेयर लॉन्च के बाद इन शेयरों में भारी बिकवाली आई है. ग्लोबल लेवल पर ये शेयर संघर्ष कर रहे हैं. आज इनके मार्केट कैप में 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई.
Gold-Silver To Stock Market Fall: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को खुलने के साथ ही बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स बुरी तरह टूटे हैं, तो दूसरी ओर कमोडिटी मार्केट में भी सोना-चांदी अचानक और सस्ते हो गए हैं.
ल्युमैक्स ग्रुप की दो कंपनियों के शेयरों ने शानदार तेजी दिखाई है. दोनों शेयर 6 महीने में ही करीब 100 फीसदी चढ़ चुके हैं और अब ब्रोकरेज फर्मों का इन कंपनियों को लेकर नया अपडेट आया है.
पीयूष बंसल की कंपनी लेंसकार्ट के मुनाफे में शानदार तेजी आई है. कंपनी का मुनाफा 70 गुना बढ़ चुका है और 131 करोड़ रुपये पहुंच चुका है. ऐसे में गुरुवार को शेयर फोकस में रहेंगे.
डिफेंस सेक्टर की कंपनी को तगड़ा ऑर्डर मिला है. इस बीच, 6 महीने में यह शेयर 136 फीसदी का रिटर्न दे चुका है और अब इस शेयर को लेकर ब्रोकरेज का बड़ा टारगेट आया है.
Hazel AI ने ऐसा दावा किया है, जिससे अमेरिकी फाइनेंस कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई. खासकर उन कंपनियों के शेयरों में जो पारंपरिक वित्तीय सलाह और टैक्स सेवाएं देती हैं.