China Gold Buying: चीन का सोने का भंडार लगातार बढ़ता जा रहा है. इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड रेट पर दबाव के बावजूद लगातार 19वें महीने पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने खरीदारी कर अपना रिजर्व बढ़ाया है.
Reliance के निवेशकों को बीते सप्ताह तगड़ा घाटा उठाना पड़ा है और सिर्फ पांच कारोबारी दिनों में ही मुकेश अंबानी के निवेशकों को करीब 40,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया. जबकि टीसीएस को 20000 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा हुआ.
सोना और चांदी की कीमतों में बीते सप्ताह बड़ी गिरावट देखने को मिली है. कमोडिटी और बुलियन बाजार में आई नरमी का असर घरेलू बाजारों में भी दिखाई दिया. चांदी में अपेक्षाकृत अधिक कमजोरी दर्ज की गई, जबकि सोने के दाम भी नीचे आए. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और निवेशकों की बदलती रणनीतियों ने कीमतों को प्रभावित किया है. निवेशकों की नजर अब अगले बाजार संकेतों पर बनी हुई है.
Russian Oil कंपनी रोसनेफ्ट के सीईओ इगोर सेचिन ने का है कि एक दशक में भारत का दुनिया की तेल डिमांड में भारत 50% के साथ सबसे अहम भूमिका में होगा.
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं के बजट पर असर पड़ सकता है. तेल कंपनियों द्वारा किए गए इस संशोधन के बाद कई शहरों में रसोई गैस महंगी हो गई है. सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती लागत और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का असर कीमतों पर पड़ा है. इस बदलाव पर उपभोक्ताओं की नजर बनी हुई है.
रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ने वाला है. घरेलू LPG सिलेंडर 29 रुपये महंगा हो गया है और नई कीमतें 7 जून यानी आज से लागू होंगी. तीन महीनों में यह दूसरी बढ़ोतरी है. सरकार और तेल कंपनियां इसकी वजह ईरान संकट, महंगे कच्चे तेल और बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों को बता रही हैं, जिसका असर पेट्रोल-डीजल और CNG पर भी दिख रहा है.
कच्चे तेल की कीमत 160 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है. ऐसा कहना एक ग्लोबल ऑयल कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट का. उनका कहना है कि अमेरिका का ऑयल रिजर्व तेजी से गिर रहा है.
सोना और चांदी के दाम में अचानक आई बड़ी गिरावट ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय संकेतों और निवेशकों की बदली रणनीति का असर घरेलू कमोडिटी बाजार में भी देखने को मिला. एक ही कारोबारी दिन में दोनों कीमती धातुओं के भाव में तेज कमजोरी दर्ज की गई. इस बदलाव पर निवेशकों और खरीदारों की नजर बनी हुई है, जबकि विशेषज्ञ आगे के बाजार संकेतों का इंतजार कर रहे हैं.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी वीकली रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 29 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान बताया गया है कि सोना बेचा नहीं गया है, बल्कि इसकी वैल्यू कम हुई है.
अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है और अब भारत में इसका असर सोमवार को दिख सकता है, क्योंकि गिफ्ट निफ्टी में 359 अंकों की गिरावट आई है.
इंटरनेशल और देश के कमोडिटी मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिसकी वजह सिर्फ अमेरिका है. चांदी की कीमत में 16,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है.
एयरट्रंक का यह निवेश भारत के इतिहास में किसी भी विदेशी टेक कंपनी के सबसे बड़े निवेशों में से एक है. कंपनी भारत के प्रमुख शहरों (जैसे मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और दिल्ली-NCR) में हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करेगी.
MS Dhoni के निवेश वाली Kuku Tech अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है और इसके लिए सेबी के पास गोपनीय दस्तावेज जमा कराए हैं. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर भी हैं.
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की इकोनॉमी ग्रोथ शानदार रही है. भारत की अर्थव्यवस्था इस वित्तीय वर्ष के दौरान 7.7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है. चौथी तिमाही में भी तेजी अच्छी रही है.
एलटीसीजी टैक्स में छूट और डॉलर इनफ्लो को बढ़ाने के उपाय करने के बाद भी शेयर बजाार में आज गिरावट रही. सेंसेक्स 116 अंक गिरकर बंद हुआ और निफ्टी में 50 अंक टूट गया.
Today Gold-Silver Rates: भारतीय सर्राफा बाजार में 5 जून को चांदी के भाव में भारी गिरावट देखने को मिली है. 916 शुद्धता वाले 22 कैरेट सोने का रेट अब 1 लाख 42 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गया है तो वहीं, चांदी भी सस्ती हुई है. आइए जानें आज क्या है सोना और चांदी का रेट.
सरकार ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. साथ ही आरबीआई ने भी डॉलर का प्रवाह बढा़ने के लिए कुछ कदम उठाए हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये फैसले शेयर बाजार को मजबूती दे सकते हैं.
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बैठक में रेपो रेट को अनचेंज रखने का फैसला किया गया है. साथ ही महंगाई और देश की जीडीपी का अनुमान भी अनचेंज रखा है.
आरबीआई की बैठक में लिए गए फैसलों का आज ऐलान होने जा रहा है. यह बैठक ग्लोबल तनाव के बीच हो रही है, जिससे आरबीआई का फोकस रुपये की गिरावट, रेपो रेट और महंगाई को लेकर होगा.
नई दिल्ली में चार दिनों तक चली बातचीत के बाद माना जा रहा है, भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अहम कदम उठाए गए हैं. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि बातचीत अंतिम चरण में है और समझौते का केवल एक छोटा हिस्सा ही अनसुलझा रह गया है.
मई महीने में थाली की लागत वाली खबर आई है. टमाटर के दाम में बड़ी बढ़ोतरी के कारण थाली और खाना पकाने की लागत बढ़ गई है. नॉनवेज और वेज दोनों तरह की थाली की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.