रात का वक्त था. शहर की सड़कों पर आवाजाही कम हो चुकी थी. ज्यादातर लोग अपने घरों में थे. तभी बिहार में हाजीपुर के चौहटा चौक पर अचानक एक काफिला आकर रुका. काफिले में वैशाली की डीएम वर्षा सिंह थीं. उनके रुकते ही एक दुकान में छापेमारी शुरू हो गई. टीम हाजीपुर से लेकर महुआ और महनार तक नशे के ठिकानों पर पहुंची. इस आधी के अभियान में 75 ग्राम हेरोइन, 142 नशीले कैप्सूल और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए. एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई है. अब प्रशासन की नजर नशे के कारोबार से जुड़े दूसरे लोगों और ठिकानों पर है.
वैशाली में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने देर रात बड़ा अभियान चलाया. इस कार्रवाई की कमान डीएम वर्षा सिंह ने खुद संभाली. अभियान के तहत जिले के तीन अनुमंडलों- हाजीपुर, महुआ और महनार में रेड डाली गई. हाजीपुर के चौहटा चौक पर डीएम का काफिला पहुंचा था, यहां दुकान में नशीले पदार्थ मिले.
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प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान 75 ग्राम हेरोइन, 142 नशीले कैप्सूल और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं. एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. अब जांच में पता लगाना होगा कि नशीले पदार्थ कहां से लाए गए थे और इनका इस्तेमाल किन लोगों के जरिए किया जा रहा था.
हाजीपुर से महुआ-महनार तक क्यों अहम है कार्रवाई?
वैशाली जिले में इस अभियान का दायरा इसलिए भी अहम है, क्योंकि कार्रवाई एक ही जगह तक सीमित नहीं रही. हाजीपुर, महुआ और महनार, तीनों अनुमंडलों में छापेमारी की गई. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नशीले पदार्थों की बिक्री और कारोबार से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जाए.

किसी जिले में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए छापेमारी के साथ कुछ और सवालों के जवाब भी जरूरी होते हैं. मसलन, नशीले पदार्थों की आपूर्ति कहां से हो रही है? इन्हें बेचने वालों तक माल कैसे पहुंचता है? और एक ठिकाने पर कार्रवाई के बाद दूसरे ठिकानों की पहचान कैसे की जाएगी? इन सवालों के जवाब जांच के दौरान सामने आ सकते हैं.
डीएम वर्षा सिंह ने संबंधित अधिकारियों को नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि अगर उन्हें नशीले पदार्थों की बिक्री या कारोबार से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो वे प्रशासन को इसकी सूचना दें.