अमेरिका ईरान वार से जुड़ी एक राहत भरी खबर दुनियाभर के लिए सामने आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्टेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए समझौता कल या परसो तक हो सकता है. उन्होंने कहा कि ईरान और ओमान के बीच इस अहम जलमार्ग को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है.
कैलिफोर्निया में यात्रा के दौरान जब पत्रकारों ने राष्ट्रपति ट्रंप से 'एक्सियोस' की उस रिपोर्ट के बारे में पूछा जिसमें बुधवार को होर्मुज जलमार्ग पर ऐलान होने की बात कही गई थी, तो ट्रंप ने जवाब देते हुए कहा, यह हो सकता है. कल या परसों. इस मामले में काफी प्रगति हुई है.
उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में यह भी चेतावनी दी कि जलमार्ग बहुत जल्द खुल जाना चाहिए, वरना उन्हें बहुत भारी हमलों का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप का कहना था किउसके बाद जलमार्ग खुद-ब-खुद खुल जाएगा.
गौरतलब है कि एक तरफ जहां समझौते की उम्मीदें बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय जलमार्गों में कमर्शियल जहाजों पर हमले अभी भी जारी हैं.
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क्या है नया समझौता प्लान?
एसोसिएटेड प्रेस (AP) और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्षेत्रीय अधिकारियों ने जानकारी दी है कि ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत के तहत एक नया फॉर्मूला सामने आ रहा है. इसके मुताबिक, जहाज फारस की खाड़ी में ईरान के नियंत्रण वाले उत्तरी रास्ते से एंट्री करेंगे. वापसी यानी बाहर निकलते समय वे ओमान के नियंत्रण वाले दक्षिणी रास्ते का इस्तेमाल करेंगे.
समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण की देखरेख के एवज में जहाजों से कुछ सर्विस फीस यानी टोल वसूली जा सकती है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे ईरान को इस रास्ते पर टोल वसूलने की इजाजत नहीं देंगे. ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा था, "मैं उन्हें चार्ज नहीं करने दूंगा. अगर कोई भी चार्ज लेगा, तो हम चार्ज लेंगे.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बातचीत में प्रगति की पुष्टि की है. लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि अभी तक कोई अंतिम फैसला या पूर्ण सहमति नहीं बनी है.
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समझौते की उम्मीदों के बीच क्षेत्र में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर 'वाफा' पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है. वहीं मंगलवार को यमन के पास लाल सागर में एक विस्फोटक भरी नाव के टकराने से भारतीय झंडे वाला एक कमर्शियल जहाज डूब गया. गनीमत रही कि यमन के तटरक्षक बल ने 13 भारतीयों समेत पूरे क्रू को सुरक्षित बचा लिया.
ओमान के बंदरगाह अल खासाब के पास एक कार्गो जहाज पर भी अज्ञात मिसाइल या प्रोजेक्टाइल से हमले की खबर है. एक तरफ जहां कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है, वहीं संयुक्त राष्ट्र (UN) ने ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है.
यूएन मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने कहा है कि मार्च के बाद से ईरान में फांसी की सजा और कैदियों को मौत की सजा देने के मामलों में तेजी आई है. सरकार डर का माहौल बनाकर असंतोष को दबाने की कोशिश कर रही है. मार्च से लेकर अब तक कम से कम 56 लोगों को फांसी दी जा चुकी है, जिनमें सरकार विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े 27 लोग भी शामिल हैं. टर्क ने निष्पक्ष सुनवाई के अभाव और टॉर्चर के जरिए जुर्म कबूल करवाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं.
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