ईरान (Iran) एक इस्लामी गणराज्य और पश्चिमी एशिया का एक देश है (Islamic Country). 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया. हालांकि पूर्ण पैमाने के युद्ध की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्रीय टकराव और प्रॉक्सी संघर्षों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है.
तनाव की पृष्ठभूमि
ईरान और इज़रायल के बीच लंबे समय से वैचारिक और सुरक्षा संबंधी मतभेद रहे हैं. इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपने लिए खतरा मानता है, जबकि ईरान इजरायल की नीतियों की खुलकर आलोचना करता रहा है. अमेरिका, जो इजरायल का प्रमुख सहयोगी है, ईरान पर प्रतिबंधों और कूटनीतिक दबाव की नीति अपनाता रहा है.
बात ईरान की करें तो यह पश्चिम में इराक और तुर्की से, उत्तर-पश्चिम में अजरबैजान और आर्मेनिया से, उत्तर में कैस्पियन सागर और तुर्कमेनिस्तान से, पूर्व में अफगानिस्तान और पाकिस्तान से और दक्षिण में ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी से लगती है. देश की राजधानी तेहरान है (Iran Geographical Location).
इसका कुल क्षेत्रफल 1,648,195 वर्ग किमी है (Iran Area). यह एशिया में चौथा सबसे बड़ा देश और सऊदी अरब के बाद पश्चिमी एशिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है. ईरान की आबादी 85 मिलियन है, जो इसे दुनिया का 17वां सबसे अधिक आबादी वाला देश बनाता है (Iran Population).
यह देश दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है. इसकी शुरुआत ईसा पूर्व चौथी सहस्राब्दी में एलामाइट साम्राज्यों के गठन के साथ हुई थी (Iran History).
ईरान की सरकार एक इस्लामी धर्मतंत्र है. यहां राष्ट्रपति हैं, लेकिन अंतिम निर्णय का अधिकार वहां के "सर्वोच्च नेता" में निहित है. 1989 में खमेनेई की मृत्यु के बाद से अली खमेनेई (Ali Khamenei) ही ईरान के सर्वोच्च नेता हैं. ईरान के इस्लामी गणराज्य की नीतियों के परिसीमन और पर्यवेक्षण के अधिकार खमेनेई के पास हैं. सर्वोच्च नेता खमेनेई की तुलना में ईरानी राष्ट्रपति के पास सीमित शक्ति है. लंबे समय अली खामेनेई, देश में अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विदेश नीति, शिक्षा, राष्ट्रीय योजना और अन्य सभी चीजों पर फरमान जारी करते हैं और अंतिम निर्णय भी वही लेते हैं (Iran Supreme Leader).
ईरानी सरकार को व्यापक रूप से है अधिनायकवादी माना जाता है. मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता के हनन के लिए व्यापक आलोचनाएं होती रहती हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर विरोध, अनुचित चुनाव और महिलाओं और बच्चों के लिए सीमित अधिकारों के कई हिंसक दमन शामिल हैं (Iran Rights for Women and Children).
मिडिल ईस्ट जंग के बीच इजरायल ने पहली बार कैस्पियन सागर में हमला कर रूस-ईरान की हथियार सप्लाई लाइन को निशाना बनाया है. यह रूट ड्रोन, गोला-बारूद और सैन्य तकनीक की सप्लाई के लिए बेहद अहम था. इस स्ट्राइक से जंग का दायरा और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर एक और मिसाइल गिरने की पुष्टि हुई है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने परमाणु सुरक्षा जोखिमों को लेकर गहरी चिंता जताई है.
जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान-इजरायल जंग पर बार-बार सीजफायर के संकेत दे रहे हैं. वो दावा कर रहे हैं कि, ईरान के उच्च अधिकारियों से बात हो रही है. लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने किसी भी प्रकार के समझौते या बातचीत से साफ इनकार कर दिया है. आजतक संवाददाता गीता मोहन ने ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई से खास बातचीत की. देखिए.
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ डील के संकेत दिए हैं, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बता रहे हैं. ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट पर दबाव बनाए हुआ है, जबकि पूरे क्षेत्र में हिंसा बढ़ती जा रही है. सवाल है कि क्या यह जंग खत्म होगी या और फैलने वाली है.
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के बीच हुई फोन बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने पर जोर दिया गया. उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इसे कोई देश बाधित नहीं कर सकता. अमेरिका ने ईरान पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया. भारत को अहम साझेदार बताते हुए गोर ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए इस मार्ग का सुरक्षित और खुला रहना बेहद जरूरी है.
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में खुद को संभावित मध्यस्थ के रूप में पेश किया है. शहबाज शरीफ के सोशल मीडिया पोस्ट और उसे ट्रंप द्वारा रिपोस्ट किए जाने के बाद संकेत मिल रहे हैं कि इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता हो सकती है.
इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.
ईरान के प्रवक्ता एस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं हो रही है और अमेरिका युद्ध को बढ़ा रहा है. ईरान ने इसे अवैध युद्ध बताते हुए कहा कि वह अपनी रक्षा करता रहेगा. भारत के साथ संबंधों को सकारात्मक बताया गया और अमेरिका व इजराइल को हालात के लिए जिम्मेदार ठहराया गया.
ईरान तनाव के बीच ट्रंप ने पहली बार PM मोदी से की बात, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बनी रणनीति. ईरान से जुड़े तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई है. ये बातचीत 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमले के बाद पहली बार हुई है. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक, दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व की स्थिति और खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने पर चर्चा की
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में केशम द्वीप पर IRGC का नौसैनिक अड्डा है. आजकल सारे जहाज इसी के नजदीक होकर निकल रहे हैं. ईरान यहां से उन्हीं जहाजों को क्रॉस करने की इजाजत दे रहे है जिन्हें ईरान ने डिप्लोमैटिक इम्युनिटी दे रखी है. विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर जंग लंबा चला तो ये चैनल 'अनौपचारिक टोल गेट' की तरह काम करने लगेगा.
ईरान के ऊर्जा मंत्री अब्बास अलीबादी ने दावा किया कि देश अपने संसाधनों के बल पर क्षतिग्रस्त पावर प्लांट को तेजी से दोबारा बना सकता है. उन्होंने बताया कि ईरान की बिजली व्यवस्था डिसेंट्रलाइज्ड है और 150 से अधिक प्लांट देशभर में फैले हैं, जिससे जोखिम कम होता है. मंत्री ने कहा कि अधिकांश उपकरण घरेलू स्तर पर बनते हैं, जिससे आत्मनिर्भरता मजबूत है.
ईरान के उर्जा मंत्री अब्बास अलीबादी ने देश के एनर्जी सिस्टम को लेकर ये बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अगर किसी हमले में बिजली संयंत्रों को नुकसान भी पहुंचता है, तो ईरान अपनी घरेलू क्षमता के दम पर उन्हें बहुत तेजी से फिर से तैयार कर सकता है.
इजरायल में एक ऐसा सिस्टम है जो आयरन डोम से भी बेहतर है. ये मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तुलना में ज्यादा लोगों की जान बचाता है. रडार मिसाइल को पकड़ते ही 90 सेकंड पहले सायरन बज जाते हैं. SMS आ जाता है. इससे लोग तुरंत शेल्टर में पहुंच जाते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में...
ईरान ने मोहम्मद बाघेर जोलघदर को सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव नियुक्त किया है. वो अली लारिजानी की जगह लेंगे. इजरायली हमले में लारिजानी की मौत हो गई थी. देखें वीडियो.
PM मोदी ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि युद्ध तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है और इससे पूरी दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है. भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि हमारा 80% तेल आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है.
ईरान ने ट्रंप को करारा जवाब दिया है. ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसिन रेज़ाई ने डोनाल्ड ट्रंप के '5-दिन के युद्ध विराम' के दावे की धज्जियां उड़ा दी हैं. रेज़ाई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और इज़रायल के साथ जंग थमेगी नहीं, बल्कि और तेज होगी. देखें वीडियो.
ईरान की भौगोलिक स्थिति यानी पहाड़ों, रेगिस्तान और होर्मुज स्ट्रेट ने उसे दुनिया की ताकतवर ताकतों के सामने अजेय बना दिया है. ये सब कैसे मुमकिन हुआ? जानिए ईरान की रणनीति और असीम ताकत की पूरी कहानी.
हाल ही में सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हुआ कि भारतीय टैंकर को होर्मुज स्ट्रेट पार करने के लिए ट्रांजिट फीस देनी पड़ी है और भी चीनी मुद्रा युआन में. भारत सरकार ने इस दावे को पूरी तरह से निराधार और फर्जी बताया है.
इजरायल के सबसे बड़े शहर तेल अवीव पर मिसाइल अटैक. एक ईरानी मिसाइल शहर में गिरने से जोरदार धमाका हुआ. हमले के तुरंत बाद इजरायली सुरक्षा बल और बचाव दल मौके पर पहुंच गए. उन्होंने घायलों को निकाला, आग बुझाई और आसपास के इलाके को सुरक्षित किया.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आगे आगे भारत के युद्धपोत चल रहे हैं तो पीछे पीछे टैंकर पाइन गैस और जग वसंत चल रहे हैं. इन दोनों टैकरों में इतना एलपीजी लोड है कि 62 से 63 लाख घरेलू इस्तेमाल के सिलेंडर भरे जा सकते हैं. ये जहाज अगले 48 से 60 घंटे में भारत के तट पर लैंड कर जाएंगे.
इन वजहों से बाजार में अचानक बड़ा उछाल. सोमवार यानि 23 मार्च की भारी गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत वापसी देखने को मिली. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने तेजी के साथ कारोबार किया, जिससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली. दोपहर तक सेंसेक्स करीब 1,650 अंक चढ़कर 74,300 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 500 अंकों से ज्यादा उछलकर 23,000 के करीब रहा