डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति हैं. वे 2017 से 2021 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति रहे. इसके बाद 2025 में 47वें राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने दोबारा सत्ता में वापसी की. राष्ट्रपति के तौर पर उनका दूसरा कार्यकाल 2029 तक रहेगा.
14 जून, 1946 को जन्मे ट्रंप ने 1968 में अमेरिका के पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में विज्ञान स्नातक की उपाधि हासिल की. 1971 में उनके पिता ने उन्हें अपने रियल एस्टेट बिजनेस का प्रेसिडेंट बना दिया था. ट्रंप ने इसका नाम बदलकर ट्रंप ऑर्गनाइजेशन कर दिया, जो गगनचुंबी इमारत, होटल, कैसिनो और गोल्फ कोर्स का निर्माण करती है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यदि देश के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ तो उसका निर्णायक जवाब दिया जाएगा. ईरान के सैन्य अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.
ईरान पर लगातार हमलों के बीच अमेरिका ने पहली बार B-1 लांसर बॉम्बर का इस्तेमाल किया है. माना जा रहा है कि इससे अमेरिकी सैन्य अभियान और तेज हो सकता है, जबकि ट्रंप अब भी बड़े सैन्य ऑपरेशन पर विचार कर रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के ब्रिज और पावर प्लांट्स को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कड़ा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान पर किसी भी हमले का जवाब उसी भाषा में दिया जाएगा.
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने कहा कि युद्ध से पहले की स्थिति दोबारा नहीं लौटेगी और अगर ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो क्षेत्र का कोई भी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा.
ईरान और अमेरिका के युद्ध से मिडिल ईस्ट में लंबे समय से अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है. ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए शर्तें लागू की हुई हैं. ईरान की शर्तें नहीं मानने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. इसको लेकर अब ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है.
होर्मुज के बाद अब बाब-अल-मंदेब भी संकट के घेरे में है. हूतियों के दावों और तेल टैंकरों के रास्ता बदलने से मिडिल ईस्ट युद्ध का दूसरा मोर्चा लगभग खुल चुका है. इसका असर सिर्फ तेल सप्लाई पर नहीं, बल्कि अमेरिकी सैन्य रणनीति पर भी पड़ सकता है, क्योंकि अब वॉशिंगटन को एक साथ ईरान और हूतियों दोनों से निपटना पड़ सकता है.
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार गहराता जा रहा है. अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई जारी रखी है. बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रस्तावित न्यूयॉर्क दौरे से पहले उनकी गिरफ्तारी को लेकर छिड़ी बहस में नया मोड़ आ गया है. पहले कानूनी विकल्प तलाशने की बात करने वाले न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी अब मान रहे हैं कि शहर के पास ऐसा अधिकार नहीं है. हालांकि, उन्होंने केंद्र की ट्रंप सरकार से ICC वारंट लागू करने की अपील की है.
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी कार्रवाई, ईरान की चेतावनियों और समुद्री मार्गों पर बढ़ते जोखिम ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है. इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है. कई देशों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय तनाव कम करने की अपील कर रहा है.
ट्रंप के ईरान पर प्रहार से इजरायल दूरी क्यों बना रहा है? क्या वह चुपके से दक्षिण लेबनान में सीक्रेट री-डिप्लॉयमेंट प्लान पर काम कर रहा है? अगर यह हुआ तो ईरानी प्रॉक्सी की कमर तोड़ सकती है.
Stock Market Crash: बुधवार का दिन शेयर बाजार निवेशकों पर भारी पड़ता नजर आ रहा है. अमेरिका से आई डोनाल्ड ट्रंप की एक धमकी के बाद देखते ही देखते Sensex-Nifty क्रैश हो गए.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब समुद्री व्यापार पर भी दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के अनुसार हूती समूह की चेतावनियों के बाद भारत और चीन की ओर आ रहे दो तेल टैंकरों ने अपना निर्धारित मार्ग बदल दिया. इस घटनाक्रम के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई.
Trump 200% Tariff Impact On Pharma Stocks: शेयर बाजार में बुधवार को भी गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है और इस बीच ज्यादातर फार्मा कंपनियों के शेयर धड़ाम नजर आ रहे हैं. इनमें गिरावट का सीधा कनेक्शन डोनाल्ड ट्रंप से है.
Trump 200% Tariff Bomb: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर टैरिफ से डराने का सिलसिला शुरू कर दिया है और इस बार उनके निशाने पर जेनेरिक दवाएं हैं, जिनके ऊपर उन्होंने चरणबद्ध तरीके से 100% और 200% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है.
अमेरिका ने सऊदी अरब के साथ 30 साल के परमाणु समझौते को मंजूरी दे दी है. इसके तहत सऊदी अपनी जमीन पर यूरेनियम संवर्धन कर सकेगा. इस फैसले ने पश्चिम एशिया में नए रणनीतिक समीकरणों और परमाणु हथियारों की दौड़ को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
ईरान के साथ युद्ध के कारण अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीनेट में बताया कि अब तक युद्ध पर 37.5 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं. वहीं तीन और सैनिकों की मौत के बाद कुल मौतों की संख्या 17 हो गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडा से आयात होने वाले कई तरह के सामान पर 50 फीसदी टैरिफ़ लगाने का एलान किया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ये क़दम अमेरिकी कारों, डेयरी उत्पादों और शराब के साथ किए जा रहे असमान व्यवहार के जवाब में उठाया गया है. देखें दुनिया आजतक.
ईरान ने हजारों न्यूक्लियर सेंट्रीफ्यूज को नतांज के पास पिकएक्स माउंटेन की गहरी सुरंगों में छिपा दिया है. इजरायली खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक जून 2025 युद्ध के बाद यह कदम उठाया गया.
Donald Trump ने कनाडा की कुछ वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाने का आदेश दिया है। यह कदम शराब, ऑटोमोबाइल और डेयरी सेक्टर में ‘भेदभाव’ के आरोपों के बीच उठाया गया। व्हाइट हाउस के अनुसार, ये शुल्क 30 दिनों में लागू होंगे और कुछ छूटों के बावजूद कई उत्पाद इससे प्रभावित होंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया है. यह टैरिफ 30 दिनों के भीतर प्रभावी होगी. हालांकि एनर्जी, पोटाश और सेक्टर स्पेशल टैरिफ से प्रभावित कुछ आयातों को छूट दी गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होनें कहा कि नेतन्याहू की किसी भी तरह की गिरफतारी नहीं होगी. नेतन्याहू ईरान के खिलाफ लड़ रहे है जिसने हाल ही में 52 हजार निर्दोश प्रदर्शनकारियों की हत्या की है. साथ ही उन्होनें कहा कि 47 सालों से ईरान अमेरिकी सैनिक और अन्य लोगों की हत्या करता रहा है.