डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति हैं. वह 2017 से 2021 तक संयुक्त राज्य अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति रहे.
डोनाल्ड ट्रम्प ने 2024 रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन हासिल कर लिया है. खबरों के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति ने 12 मार्च 2024 को जीओपी उम्मीदवार बनने के लिए आवश्यक प्रतिनिधियों की संख्या प्राप्त कर ली है.
14 जून, 1946 को जन्में ट्रम्प ने 1968 में पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में विज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त की और उनके पिता ने उन्हें 1971 में अपने रियल एस्टेट व्यवसाय का अध्यक्ष बना दिया. ट्रम्प ने इसका नाम बदलकर ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन कर दिया, जो गगनचुंबी इमारत, होटल, कैसिनो और गोल्फ कोर्स का निर्माण करती है.
US-Israel Iran War LIVE Updates: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट जंग जैसे हालात बने हुए हैं. तीनों देशों की सेनाएं लामबंद हैं और हमले जारी हैं. वहीं, यूएस और इजरायल के हमलों का जवाब में ईरानी सेना ने मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के कई शहरों पर हमले किए हैं.
अमेरिका ने 28 फरवरी 2026 से ईरान पर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के मिसाइल साइट्स, परमाणु ठिकानों, नौसेना और कमांड सेंटरों पर 1700+ हमले किए. B-2, B-1, B-52 बॉम्बरों ने गहरे हमले किए. ईरान ने 500+ मिसाइलें और ड्रोन दागे. CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना आगे है और मिशन जारी है.
ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फैसले का बचाव किया है. व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को विफल करने के लिए उन्होनें ईरान पर हमले का आदेश दिया और जब तक लक्ष्यों को हासिल नही कर लेते जंग जारी रहेगी.
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने इक्वाडोर में आतंकी संगठनों के खिलाफ ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू किया है. यह अभियान लैटिन अमेरिका में ड्रग्स के सप्लाई में जुटे आतंकियों को पूरी तरफ सफाया करने का है.
ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग अब और भी घातक हो गई है। इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उनके जवाबी हमले 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' में भारी नुकसान झेलने के बाद अमेरिकी विमान वाहक पोत अब्राहम लिंकन पीछे हट गया है. तेहरान के मुताबिक, दो दिनों में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. रूस ने तीसरे विश्वयुद्ध की चेतावनी दी है. वहीं, ईरान ने अमेरिका को नर्क के दरवाजे तक पहुँचाने की धमकी दी है. इस बीच भारत में तेल संकट गहराने की आशंका है. हालांकि, सरकार ने अगले 25 दिनों तक दाम न बढ़ाने का भरोसा दिया है.
बुशेहर हवाईअड्डे पर ईरान एयर के विमान को निशाना बनाय गया. ईरानी मीडिया ने बताया कि हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक यात्री विमान को जमीन पर ही नष्ट कर दिया गया.
एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने उन दावों को खारिज कर दिया कि अमेरिका ने केवल इसलिए कार्रवाई की क्योंकि इजराइल पहले हमला करने की तैयारी कर रहा था. उन्होंने कहा कि अगर हम यह नहीं करते, तो वे पहले हमला करने वाले थे.
संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना आज ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर रही है ताकि वहां के खतरनाक आतंकवादी शासन से उत्पन्न गंभीर खतरों को खत्म किया जा सके. कुछ समय पहले ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करने के बाद अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी कि वह किसी भी अन्य स्थान पर परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू न करे.
ईरान और इजरायल जंग के बीच चीन ने कच्चे तेल को लेकर बड़ा बयान दिया है, जो यह संकेत देता है कि चीन क्रूड ऑयल को लेकर कुछ बड़ा कदम उठा सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि अमेरिका ने अभी पूरी ताकत से हमला नहीं किया है और जंग अभी बाकी है. उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है और कहा कि जरूरत पड़ी तो जमीन पर सेना भी भेजी जाएगी. हालांकि सेक्रेटरी मार्को रूबियो ने कहा है कि फिलहाल सेना भेजने की आवश्यकता नहीं है.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर कहा था कि ईरान ऐसी मिसाइलें बना रहा था, जो अमेरिका तक पहुंच सकती थीं.
जंग के बीच आया डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- 'ईरान हमसे बात करना चाहता है, मैंने कहा अब बहुत देर हो चुकी है'
दुनिया है मेरे पीछे, लेकिन मैं तेरे पीछे... मानो डोनाल्ड ट्रंप ये कहते कहते बेंजामिन नेतन्याहू की हर रणनीति को फॉलो करते चले गए, और ईरान पर हमला कर बैठे. दुनिया को अपने इशारे पर नचाने वाले ट्रंप की ईरान की ताजा जंग ने एक उलटी तस्वीर पेश की है. आलोचक कह रहे हैं कि इस बार उनकी डोर बेंजामिन नेतन्याहू के हाथ में है.
अमेरिका की सेना ने ईरान में बड़े स्तर पर सैन्य अभियान शुरू किया है. यह कदम ईरान के परमाणु हथियार विकसित करने के प्रयासों को रोकने के लिए उठाया गया है. कुछ समय पहले ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट किया गया था.
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के खिलाफ पाकिस्तान में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी और इजरायली दूतावासों के बाहर नारे लगाए और हिंसा भड़क उठी, जिसमें 26 लोग मारे गए. इस बीच पाकिस्तान की हाइब्रिड सरकार पर दबाव बढ़ गया है कि वो डोनाल्ड ट्रंप के बनाए बोर्ड ऑफ पीस से तुरंत अलग हो जाए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अभी पूरी ताकत से युद्ध नहीं किया है और जंग अभी बाकी है. ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अभी जो घटनाएं हो रही हैं, वो बस शुरुआत हैं और पूरी तस्वीर अभी सामने आने वाली है. उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं है और वह अमेरिका को क्षति पहुंचा रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को इशारों में साफ चेतावनी दी है कि अभी तो आपने बस ट्रेलर देखा है पूरी पिक्चर बाकी है. उन्होंने कहा है कि अगर ईरान बातचीत के लिए सुरेंद्र नहीं करता है तो अमेरिका और बड़े हमले कर सकता है. ट्रम्प के इस रुख के पीछे कारण यह है कि ईरान अभी भी झुकने को तैयार नहीं है और वह अमेरिकी सेना को चोट पहुंचा रहा है.
US-Israel Iran War LIVE Updates: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट जंग जैसे हालात के असर में हैं. तीनों देशों की सेनाएं लामबंद हैं और हमले जारी हैं. ईरान ने यूएस और इजरायल के हमलों का जवाब देते हुए मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के कई शहरों पर हमले किए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमले का बचाव किया है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को विफल करने के लिए उस पर हमले का आदेश दिया. अगर ऐसा नहीं करता तो ईरानी मिसाइलें अमेरिका तक पहुंच सकती थी.
Trump Attack Plan: अमेरिकी राष्ट्रपति के हर कदम के पीछे एक खास रणनीति काम करती है. वीकेंड में सैन्य कार्रवाई के पीछे भी ट्रंप का दिमाग बताया जा रहा है. क्योंकि तमाम देशों को तेल आपूर्ति और कूटनीतिक बातचीत के लिए थोड़ा समय मिल जाता है.