कानपुर के महाराजपुर इलाके में 18 वर्षीय छात्रा रेशमा चचेरे भाई द्वारा मारपीट किए जाने के बाद शिकायत दर्ज कराने थाने और चौकी पहुंची थी. वहां दारोगा और चौकी इंचार्ज ने शिकायत सुनने के बजाय उसे ड्रामा करने वाली बता दिया और मुख्यमंत्री के पास लखनऊ जाने को कह दिया. इस बात से आहत होकर रेशमा खेत में लगे हाईटेंशन बिजली के पोल पर जान देने के लिए चढ़ गई. पोल पर चढ़ी लड़की को देखकर गांव में हड़कंप मच गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने दो घंटे की मशक्कत और परिजनों को समझाने के बाद लड़की को सुरक्षित नीचे उतारा.
बरसात के पानी और छत को लेकर हुआ था विवाद
रेशमा बरसात का पानी रोकने के लिए छत पर पन्नी डाल रही थी. इसी दौरान उसके चाचा का 15 साल का लड़का शिवा गाली-गलौज और मारपीट करने लगा. उसका कहना था कि रेशमा ने उसकी छत पर पैर क्यों रखा. रेशमा के नाना भगवानदीन का आरोप है कि मारपीट के बाद रेशमा गिर पड़ी और उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाना पड़ा.
दारोगा के तंज से आहत होकर उठाया आत्मघाती कदम
अस्पताल से ठीक होकर लौटने के बाद परिजन रिपोर्ट लिखाने थाने गए. वहां अधिकारी ने 'ड्रामा करने' की बात कही, फिर चौकी में चौकी इंचार्ज ने कहा कि यहां सुनवाई नहीं होगी, लखनऊ सीएम के पास जाओ. पुलिस की इस बेरुखी से आहत रेशमा सीधे खेत में बने हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़ गई.
दो घंटे तक चला ड्रामा, पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा
सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब रेशमा को रिपोर्ट दर्ज करने और आरोपी नाबालिग होने की बात समझाई, तब जाकर वह दो घंटे बाद नीचे उतरी. पुलिस उसे जीप से थाने ले आई. एसीपी आशुतोष सिंह ने बताया कि पारिवारिक विवाद का मामला था, जिसमें आरोपी चचेरा भाई नाबालिग है और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है.