कानपुर नगर
कानपुर नगर (Kanpur Nagar) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक जिला है जो कानपुर मंडल में आता है. इसका मुख्यालय कानपुर है. यह जिला कानपुर मंडल का हिस्सा है. 1977 में इस जिले से कानपुर देहात जिला अलग हो गया. 1979 में फिर से इन दोनों जिलों का एकीकरण हुआ और एक बार फिर 1981 में दोनों जिले अलग हो गए. इस जिले का क्षेत्रफल 3,155 वर्ग किलोमीटर है. (Geographical area)
कानपुर नगर जिले में एक संसदीय लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, कानपुर (Lok Sabha constituency) और पांच विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. (Assembly constituency)
2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक कानपुर नगर की जनसंख्या (Population) लगभग 46 लाख है और यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 862 है. कानपुर नगर की 79.65 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 83.62 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 75.05 फीसदी है. (Kanpur Nagar literacy)
औद्योगिक नजरिए से देखा जाए तो भारत में चेन्नई के बाद चमड़े का सबसे जादा उत्पादन कानपुर में ही होता है. कानपुर नगर को लेदर सिटी (Leather City) के नाम से भी जाना जाता है, और इसे पूर्व का मैनचेस्टर (Manchester of East) भी कहा जाता है. यहाँ लगभग 400 चमड़े की टेनरीज यानि चमड़े के कारखाने हैं और 1000 घरेलू इकाईयां हैं. यहां से 6,500 करोड़ रुपये के चमड़े का वार्षिक निर्यात किया जाता है और 1,000 करोड़ रूपए का सालाना निर्यात घरेलु इकाईयों द्वारा किया जाता है.
यहां सबसे ज्यादा टेनरीज (Tannery) जाजमऊ में है जो की टेनरियों का गढ़ के नाम से मशहूर है. यहां की चमड़े के कारखानों का गंदा पानी और कचरा गंगा नदी में छोड़ा जाता है जिससे गंगा नदी का पानी काफी प्रदूषित हो जाता है.
कानपुर के बिल्हौर थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित मांस मिलने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. हिंदू संगठनों ने इस मामले में सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इन संगठनों का मानना है कि यह मास गोवंश का अवशेष है, जिसके मिलने से उन्होंने आपत्ति जताई है.
कानपुर गैंगरेप के आरोपी दारोगा अमित कुमार की फरारी के बीच पीड़िता के भाई को वॉट्सऐप पर धमकी मिली है. मैसेज में दारोगा को निर्दोष बताते हुए नाम खराब करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई है. परिवार इस धमकी से दहशत में है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.
कानपुर के बिल्हौर में मंदिर के पास जानवरों के अवशेष मिलने पर भारी बवाल हुआ. आक्रोशित हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के बाद लापरवाही बरतने वाले SHO समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया. पुलिस के अनुसार, अवशेष स्थानीय निवासी शाकिर के खेत और बाड़े में छिपाकर रखे गए थे. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.
कानपुर से एक गंभीर खबर आ रही है जहां गैंग रेप के मामले में कई पुलिस अधिकारी, डीसीपी से लेकर एसीपी तक, अपने पद से हटा दिए गए हैं. इस मामले में एक दरोगा अमित मौर्य पर आरोप लगा है. पुलिस ने एक पत्रकार को भी गिरफ्तार किया है, लेकिन अभी तक आरोपित दरोगा की कोई खबर नहीं मिली है. पुलिस की कई टीमें उसकी खोज में लगी हैं, लेकिन अभी तक उसे पकड़ नहीं पाया है.
बिकरू कांड के बाद चर्चा में आई खुशी दुबे की मां का लखनऊ में सफल ऑपरेशन हुआ. आर्थिक तंगी के कारण लंबे समय से इलाज रुका था. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पहल पर पार्टी ने इलाज का पूरा खर्च उठाया, जिसके बाद खुशी ने भावुक वीडियो साझा किया है.
कानपुर बिकरू कांड से जुड़ी खुशी दुबे की मां गायत्री का लखनऊ के एक निजी अस्पताल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन संपन्न हुआ. कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण इलाज में देरी हो रही थी. जिसके बाद खुशी दुबे ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मदद मांगी.
कानपुर गैंगरेप मामले में घटना के अगले दिन का एक वीडियो सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वीडियो में पीड़िता, आरोपी दारोगा और कथित पत्रकार चौकी में दिखते हैं. महिला पुलिसकर्मी की गैरमौजूदगी और दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं. पुलिस जांच की बात कह रही है.
कानपुर में नाबालिक लड़की के साथ हुए गैंग रेप मामले में आरोपी दरोगा अभी भी फरार है. कानपुर पुलिस ने इस फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पचास हजार रुपए का इनाम घोषित किया है. घटना के चार दिन बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. इस गंभीर मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं जहां डीसीपी को हटाया गया, SHO को निलंबित किया गया और अब ACP को भी हटाना पड़ा है.
कानपुर देहात में रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है. घाटमपुर थाना क्षेत्र में शराब के नशे में एक शख्स ने अपनी पत्नी और ढाई साल के बेटे की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी शवों के पास बैठकर रोता रहा, फिर ग्रामीणों को देख फरार हो गया. पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.
उत्तर प्रदेश में कानपुर के घाटमपुर में ट्रक क्लीनर सुरेंद्र उर्फ स्वामी शराब का आदी था. उसकी शादी 2021 में रूबी से हुई थी. परिजनों का कहना है कि शराब को लेकर दोनों में झगड़े होते थे. देर रात भी दोनों में कहासुनी हुई, जो हिंसा में बदल गई. गुस्से में सुरेंद्र ने पत्नी और ढाई साल के बेटे की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी. आरोपी कुछ देर तक शवों के पास बैठा रोता रहा. जब ग्रामीण वहां पहुंचे तो वह मौके से फरार हो गया.
ये सनसनीखेज कहानी एक शादीशुदा महिला और उसके प्रेमी की है. दिल्ली में रहने वाली महिला से बिहार के युवक ने शादी की जिद की. महिला ने ये कहकर इनकार कर दिया कि मैं शादीशुदा हूं. इसके बाद नाराज प्रेमी ने महिला के एक साल के बच्चे को किडनैप कर लिया और बिहार लेकर भाग निकला. दिल्ली पुलिस की सूचना पर कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर RPF ने ट्रेन से बच्चे को बरामद कर लिया.
कानपुर गैंगरेप मामले में पुलिस की लापरवाही के बाद बड़े अधिकारियों पर एक्शन हुआ है. कोर्ट की फटकार के बाद डीसीपी का तबादला और SHO का निलंबन किया गया था. अब ACP को लाइन हाजिर किया गया है और चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया. पीड़िता के बयान कोर्ट में दर्ज हुए हैं. आरोपी दारोगा अभी भी फरार है.
कानपुर में किशोरी से गैंगरेप मामले में पुलिस ने आरोपी यूट्यूबर को जेल भेज दिया है, जबकि फरार दारोगा की तलाश जारी है. जांच में लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है. मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मुकदमे में सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई है.
कानपुर गैंगरेप मामले में हैरान करने वाली स्थिति सामने आई है. दारोगा की संलिप्तता उजागर होने के बावजूद लगातार दूसरे दिन भी पीड़िता का बयान दर्ज नहीं हो सका. पीड़िता डरी हुई है और घर जाने की गुहार लगा रही है, जबकि परिजनों ने धमकी और पुलिस लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोपी दारोगा को पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीमें बनाई गई हैं.
कानपुर में नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले ने पूरे पुलिस तंत्र को झकझोर दिया है. कानून का रक्षक ही हैवान बन बैठा. आरोपी दारोगा फरार है जबकि मामला सामने आने के बाद थानेदार को निलंबित कर दिया गया है. इस हैवानियत को दारोगा के ही स्कॉर्पियो में अंजाम दिया गया था. पुलिस आयुक्त ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है जिसके बाद आरोपी दारोगा को दबोचने के लिए चार टीमें लगाई गई हैं.
यूपी के कानपुर में एक महिला कलेक्टर के ऑफिस पहुंचती है. महिला कहती है- 'सर, मुझे मेरे मोंटी को वापस दिलवा दीजिए, मैं उसके बगैर जी नहीं पाऊंगी.' ये बात सुनकर अधिकारी तुरंत जांच का आदेश देते हैं और चार घंटे के भीतर मोंटी को वापस करा दिया जाता है. आखिर कौन है ये मोंटी... जानिये पूरी कहानी...
कानपुर में नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में आरोपी दरोगा की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस की चार टीमें उसे खोजने में जुटी हैं. बताया जा रहा है कि दरोगा ने अपनी स्कॉर्पियो कार में दो घंटे तक दरिंदगी की, इस दौरान बचाव के लिए गुहार लगाती रही, चिखती चिल्लाती रही लेकिन बाहर किसी ने उसकी चीख नहीं सुनी. इस मामने में एक अन्य आरोपी गिरफ्तार हो चुका है.
कानपुर में एक महिला की भावुक अपील पर प्रशासन की संवेदनशीलता देखने को मिली. अपने पालतू डॉग 'मोंटी' से बिछड़ी महिला ने जब जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि वह उसके बिना जी नहीं सकती, तो डीएम ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए. महज चार घंटे के भीतर जांच पूरी कर महिला को उसका पेट डॉग वापस दिला दिया गया.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में अपने पालतू डॉग मोंटी से बिछड़ी महिला की भावुक फरियाद पर प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए जांच के आदेश दे दिए. आवास विकास की रहने वाली महिला फरहा ने डॉग केयर सेंटर से पेट डॉग मोंटी न मिलने पर जिलाधिकारी से शिकायत की थी. डीएम के निर्देश पर महज 4 घंटे के भीतर मोंटी को फरहा को सौंप दिया गया.
कानपुर के सजेती थाना क्षेत्र में छह महीने से लापता महिला की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. महिला की हत्या कर शव खेत में गाड़ दिया गया था. बेटे की शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो महिला के प्रेमी ने अपराध कबूल कर लिया. उसकी निशानदेही पर खेत से महिला का कंकाल बरामद किया गया है.
कानपुर जिले के सजेती थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. टिकवांपुर गांव में छह महीने से लापता एक महिला की हत्या कर उसका शव खेत में गाड़ दिए जाने का खुलासा हुआ है. पुलिस ने महिला के प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ के दौरान हत्या की बात कबूल कर ली. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने खेत की खुदाई कर महिला का कंकाल बरामद किया है. महिला के पति की करीब तीन साल पहले मौत हो चुकी थी. इसके बाद वह अपने सात बच्चों को छोड़कर गांव के ही एक व्यक्ति के साथ रहने लगी थी. बताया गया है कि बीते अप्रैल माह में महिला अपने साथी के साथ काम के सिलसिले में इटावा गई थी. वहां से लौटने के बाद दोनों गांव से बाहर नलकूप के पास रहने लगे. इसी दौरान 29 नवंबर को गांव में एक शादी समारोह था, जिसमें महिला शामिल नहीं हुई. जब काफी समय तक वह घर नहीं लौटी तो उसके बेटे को शक हुआ. बेटे ने मां के प्रेमी से पूछताछ की. आरोपी ने कहा कि- तेरी मां अब वापस नहीं आएगी. इस जवाब के बाद बेटे को अनहोनी की आशंका हुई और उसने सजेती थाने में मां की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ की. सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने महिला की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली. आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद उसने शव को गांव के पास एक खेत में गाड़ दिया था.