उत्तर प्रदेश के सीतापुर में 25 महिलाओं से कथित तौर पर पहचान छिपाकर शादी करने और करोड़ों की ठगी के आरोपी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ अब उनके समधी और भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने भी एफआईआर दर्ज कराई है. विधायक ने रेउसा थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में शिकायत दर्ज कराई है.
दरअसल, भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने करीब दो साल पहले अपनी बेटी डॉ. प्रज्ञा तिवारी की शादी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी से की थी. एफआईआर में विधायक ने बताया है कि 14 फरवरी 2024 को सीतापुर के मिश्रिख इलाके के चंद्रावल निवासी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर के साथ उनकी बेटी का विवाह हुआ था. शादी में करीब 15 हजार लोग शामिल हुए थे.
शिकायत के मुताबिक, बेटी के मांगलिक होने के कारण शादी तय करने से पहले परिवार की ओर से लड़के और उसके परिवार के बारे में पड़ताल भी कराई गई थी. उस समय अनुज त्रिवेदी ने कथित तौर पर खुद को मुंबई में रियल एस्टेट का कारोबारी बताया था. वहीं, अपने बेटे प्रखर के बारे में बताया था कि वह गांव में स्कूल चलाता है और बागवानी व खेती का काम संभालता है.
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विवाह के करीब दो साल बाद सोशल मीडिया के जरिए विधायक को अनुज त्रिवेदी के कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली. आरोप है कि अनुज ने अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग महिलाओं से करीब 25 शादियां कीं और उनके साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की. मामले में मुंबई पुलिस पहले ही अनुज त्रिवेदी को गिरफ्तार कर चुकी है. वह डोंबिवली थाने में दर्ज एक एफआईआर के मामले में महाराष्ट्र में न्यायिक हिरासत में है.
विधायक ज्ञान तिवारी इससे पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अनुज त्रिवेदी से अपने रिश्ते खत्म करने और खुद के साथ धोखा होने की बात सार्वजनिक कर चुके हैं. अब उन्होंने सीतापुर के रेउसा थाने में बाकायदा एफआईआर दर्ज कराई है.
इस मामले में अब अनुज त्रिवेदी की पुलिस रिमांड और सीतापुर पुलिस की पूछताछ अहम मानी जा रही है. अगर मुंबई पुलिस से उसे सीतापुर लाया जाता है, तो स्थानीय पुलिस उससे पूछताछ कर सकती है. ऐसे में कथित 25 शादियों, ठगी और परिवार से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं.