scorecardresearch
 

टोल फ्री सफर, PNC कंपनी नॉन-परफॉर्मर, अफसर-इंजीनियर सस्पेंड... कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे धंसने के बाद NHAI ने क्या-क्या एक्शन लिए?

₹4200 करोड़ की लागत से बने 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज 20 दिनों के भीतर 5 बार सड़क धंसने के बाद एनएचएआई ने सख्त कार्रवाई की है. एनएचएआई ने टोल वसूली पूरी तरह रोकते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को हटा दिया है.

Advertisement
X
कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे में मरम्मत का काम जारी (Photo- ITG)
कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे में मरम्मत का काम जारी (Photo- ITG)

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 13 जुलाई को शुरू हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के 20 दिनों के अंदर लगातार सड़क धंसने की शिकायत मिलने के बाद एक्शन लिया है. इसकी जद में निर्माण कंपनी और अधिकारी भी आए हैं. सबसे पहले तो एनएचएआई ने सड़क की पूरी मरम्मत होने तक ₹275 के टोल को बिल्कुल मुफ्त कर दिया है.

इसके साथ ही निर्माण करने वाली कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक (PNC) को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की सिफारिश सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) से की है. यह कार्रवाई बार-बार सड़क खिसकने और घटिया निर्माण के कारण यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ने के बाद की गई है.

निर्माण कंपनी पर 2% जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई

NHAI ने PNC इंफ्राटेक पर 2 प्रतिशत का जुर्माना लगाया है और उसे नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की सिफारिश की है. जब तक सड़क की पूरी मरम्मत नहीं हो जाती, यात्रियों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा. टोल राजस्व में होने वाले नुकसान और ₹3 करोड़ की मरम्मत का पूरा खर्च PNC कंपनी ही उठाएगी. इसके अलावा स्वतंत्र अभियंता कंपनी थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज को भी डिबारमेंट का नोटिस थमाया गया है.

प्रोजेक्ट मैनेजर और इंजीनियर्स पर 2 साल का बैन

Advertisement

निगरानी और निर्माण में लापरवाही बरतने के आरोप में PNC के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता, रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार और इंडिपेंडेंट इंजीनियर्स के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार को पद से हटा दिया गया है. इन तीनों को अगले दो सालों के लिए NHAI, MoRTH और NHIDCL के किसी भी प्रोजेक्ट में काम करने पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है.

परियोजना निदेशकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई

NHAI ने अपने स्तर पर भी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को पद से हटा दिया है. वहीं, पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें चार्जशीट जारी कर दी गई है. मामले की तकनीकी वजहों की जांच अब IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों की टीम करेगी और लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक से एक्सप्रेसवे की पेवमेंट स्थिति का आकलन कराया जाएगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement