शेयर बाजार में बहुत बड़ी गिरावट आने वाली है. ऐसा कहना है अमेरिकी दिग्गज फंड मैनेजर माइकल बरी का. ये वही शख्स हैं, जिन्होंने 2008 में आई फाइनेंशियल क्राइसिस के बारे में भी पहले ही बता दिया था. तब अमेरिका का हाउसिंग मार्केट धराशाई हो गया था और इसका असर अमेरिकी बाजारों समेत दुनिया भर के बाजारों पर पड़ा था.
इतना ही नहीं भारती शेयर बाजारों पर भी इसका गहरा असर पड़ा था और अब एक बार फिर इन्होंने भयंकर गिरावट का अनुमान लगाया है. उनका कहना है कि यह गिरावट 1987 के मार्केट क्रैश होने वाली है, जिसमें निवेशकों की वेल्थ बर्बाद हो गई थी.
1987 के मार्केट क्रैश जैसी होगी गिरावट
माइकल बरी ने कहा कि अमेरिकी शेयर बाजारों में जबर्दस्त तेजी दिख रही है. उसका अंत बड़ी गिरावट के साथ हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह गिरावट 1987 के स्टॉक मार्केट क्रैश जैसी होगी. बरी ने सबप्राइम मॉर्टगेज क्रैश करने के बारे में पहले ही बता दिया था. 'बिग शॉट' में उनके इस अनुमान को दिखाया गया है और अब फिर से उन्होंने हैवी गिरावट की बात कही है.
ऑल टाइम हाई पर अमेरिकी बाजारों के खास इंडेक्स
सबस्ट्रैक पोस्ट में अपना व्यू रखते हुए उन्होंने उन्होंने मार्केट क्रैश का अनुमान तब जताया है, जब अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक खासकर S&P500 और Nasdaq नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं. 4 अगस्त को एसएंडपी500 1.9 फीसदी चढ़ा और इससे यह ऑल-टाइम हाई आ गया और नैस्डेक भी 2.7 फीसदी के उछाल के साथ नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया.
नए रिकॉर्ड के काफी करीब अमेरिकी बाजार
शेयर बाजारों में तेजी के बीच बरी ने कहा कि बाजार के प्रमुख इंडेक्स अपने पीक की तरफ बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेरा अब भी यह मानना है कि संभवत: मार्केट नए टॉप के करीब है और बड़ी गिरावट आने से पहले एसएंडपी500 में तेजी जारी रहेगी, जिससे शेयरों में निवेश और बढ़ेगा, फिर अचानक से मार्केट की चाल पलट जाएगी.
मार्केट में आ रहा है नया निवेश
बरी के मुताबिक, इस तेजी को बाजार में उतार-चढ़ाव में कमी से हवा मिल रही है. अस्थिरता कम होने से सिस्टमैटिक और वोलैटिलिटी टारगेटिंग फंड्स शेयरों में निवेश बढ़ा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि अस्थिरता घटने से ऐसे फंड्स मार्केट में अपनी जगह बढ़ाते हैं. जिस कारण मोमेट बेस्ड खरीदारी बढ़ जाती है और सेंटीमेंट बदलते ही मार्केट में बड़ी गिरावट आती है.
साल 1987 को क्या हुआ था?
19 अक्टूबर साल 1987, इतिहास का वैसा दिन जब डाओ जोंस 22 फीसदी क्रैश कर गया था. उन्होंने कहा कि लेवरेज (leverage) बढ़ने से मार्केट में बड़ी गिरावट का डर उसी तरह से बढ़ गया है, जैसी गिरावट 1987 के मार्केट क्रैश में दिखी थी. इस दिन को स्टॉक मार्केट में 'Black Monday' के नाम से जाना जाता है. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की वैल्यू एक दिन में 500 अरब डॉलर तक बिखर गई थी.
AI की वजह से आई तेजी अच्छी नहीं
बरी मेरिकी बाजार में आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों की बदौलत आई तेजी को अच्छा नहीं मान रहे हैं और वह कहते हैं कि AI Infra की डिमांड को फाइनेंसिंग अरेंजमेंट से सपोर्ट मिल रहा है, जो लंबे समय तक जारी नहीं रह सकता है. हालांकि, उन्होंने ऐसी कई कंपनियों और ईटीएफ में शॉर्ट पोजिशंस बनाया है और उनका कहना है कि रुख बदलते ही वह अपनी पोजिशन खत्म कर देंगे.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)