श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर के प्रशासनिक संचालन के लिए पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है. देशभर से मिले 5,300 से अधिक आवेदनों में से चयन के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवारों के इंटरव्यू की चार दिवसीय प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पहले दिन अयोध्या के पूर्व जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा इंटरव्यू देने पहुंचे. कल पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय भी पहुंचेंगे. सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी की तीन सदस्यीय समिति उम्मीदवारों का एक से दो घंटे तक गहन साक्षात्कार ले रही है.
एक से दो घंटे चल रहा इंटरव्यू
इंटरव्यू के दौरान चयन समिति उम्मीदवारों से उनके प्रशासनिक और पेशेवर अनुभव, पूर्व में किए गए कार्यों और विभिन्न जिम्मेदारियों के अनुभवों को समझ रही है. इसके साथ ही उम्मीदवारों की श्रीराम के प्रति आस्था, मंदिर से जुड़े दायित्वों की समझ, परिवार और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि की भी बारीकी से जांच की जा रही है. इन सवालों के जरिए उम्मीदवार के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और बड़े स्तर पर संस्थागत प्रबंधन संभालने की क्षमता को परखा जा रहा है.
18 में से चुने जाएंगे 3 नाम
देशभर से प्राप्त 5,300 से ज्यादा आवेदनों में से केवल 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. इनमें से पूर्व IPS राजेश पांडेय और पूर्व DM योगेश्वर राम मिश्रा के अलावा बाकी 16 उम्मीदवारों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. चार दिन तक चलने वाली इस साक्षात्कार प्रक्रिया के अंत में तीन सदस्यीय समिति 18 में से तीन सर्वश्रेष्ठ नामों का चयन करेगी.
ट्रस्ट लगाएगा अंतिम मुहर
तीन सदस्यीय पैनल द्वारा चुने गए तीन नामों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा. इसके बाद ट्रस्ट के पदाधिकारी इन तीनों उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेंगे और उनमें से एक योग्य नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे. मंदिर की बढ़ती प्रशासनिक व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिहाज से यह CEO पद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.