अयोध्या
अयोध्या (Ayodhya) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक जिला और जिले का मुख्यालय है. अयोध्या जिले में एक लोकसभा और पांच विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र (Assembly constituency) हैं. पहले इसे फैजाबाद (Faizabad) के नाम से जाना जाता था लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अगुवाई वाली यूपी सरकार कैबिनेट ने 6 नवंबर 2018 को इस जिले का नाम फैजाबाद से बदलकर अयोध्या कर दिया.
2011 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक अयोध्या की जनसंख्या (Population) लगभग 25 लाख है. इस जिले में प्रति वर्ग किलोमीटर (Density) 1,056 लोग रहते हैं और यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 962 है. अयोध्या की 68.73 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 78.12 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 59.03 फीसदी है. (Ayodhya literacy)
अयोध्या सरयू नदी के तट पर बसा एक अति प्राचीन धार्मिक नगर है. माना जाता है कि इस नगर को मनु (Manu) ने बसाया था और इसे अयोध्या का नाम दिया जिसका अर्थ होता है अ-युध्य यानि जिसे युद्ध के द्वारा प्राप्त न किया जा सके. इसे कोशल (Kosal) जनपद भी कहा जाता था. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अयोध्या में सूर्यवंशी, रघुवंशी, अर्कवंशी (Suryavanshi, Raghuvanshi) राजाओं का राज हुआ करता था, जिसमें भगवान श्री राम (Lord Sri Ram) ने अवतार लिया. प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेन त्सांग (Hiuen Tsang) 7वीं शताब्दी में यहां आया था. उसके अनुसार यहां 20 बौद्ध मंदिर थे और 3000 भिक्षु रहते थे. यह नगरी सप्त पुरियों में से एक है.
श्रीराम जन्मभूमि, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, दशरथमहल, श्रीलक्ष्मण किला, मणिपर्वत, श्रीराम की पैड़ी, नागेश्वरनाथ, गुप्तार घाट समेत अनेक मन्दिर यहाँ प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं. बिरला मन्दिर, श्रीमणिरामदास जी की छावनी, और हनुमान बाग जैसे अनेक आश्रम श्रद्धालुओं के मुख्य आकर्षण केन्द्र हैं.
श्रीराम जन्मभूमि (Shriram janmbhoomi)
शहर के पश्चिमी हिस्से में रामकोट में स्थित श्रीरामजन्मभूमि अयोध्या का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है. यहां श्रीराम-लक्ष्मण-भरत और शत्रुघ्न, चारों भाइयों के बालरूप के दर्शन होते हैं. यहां रामनवमी मनाने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं.
कनक भवन (Kanak Bhavan)
कनक भवन अयोध्या का एक महत्वपूर्ण मंदिर है. यह मंदिर सीता और राम के सोने के मुकुट पहने प्रतिमाओं के लिए लोकप्रिय है. इस मंदिर को टीकमगढ़ की रानी ने 1891 में बनवाया था.
हनुमान गढ़ी (Hanuman Garhi)
अयोध्या शहर के केन्द्र में स्थित इस मंदिर में 76 कदमों की चाल से पहुंचा जा सकता है. अयोध्या को भगवान राम की नगरी कहा जाता है. मान्यता है कि यहां हनुमान जी सदैव वास करते हैं लिहाजा श्रद्धालु अयोध्या आकर भगवान राम के दर्शन से पहले भक्त हनुमान जी के दर्शन करते हैं. यहां का सबसे प्रमुख हनुमान मंदिर हनुमानगढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है.
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने पीएम पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि राम मंदिर पूजा के दौरान मोदी जी की सीता कहां थीं. उन्होंने कहा कि चुनाव के चक्कर में अधूरे मंदिर का पीएम ने पूजन किया था, जो कि गलत है.
अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में जांच के बनी SIT अब दोबारा से मंदिर ट्रस्टियों से पूछताछ करेगी. मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. वहीं 200 लोगों को टीम ने नोटिस भेजा है.
अयोध्या के दशरथ मेडिकल कॉलेज में बम बनाने का कथित लेआउट मिलने से हड़कंप मच गया है. पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एसआईटी और सख्ती से काम कर रही है. अब इस मामले में आरोपियों के रिश्तेदारों को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा.
राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एसआईटी ने जांच तेज कर दी है. जांच एजेंसी ने आरोपियों के रिश्तेदारों समेत करीब 200 लोगों को नोटिस जारी किए हैं. दस्तावेजों की जांच और पूछताछ जारी है, जबकि मामले की गूंज संसद तक पहुंच चुकी है. जांच का दायरा अयोध्या के बाहर रहने वाले लोगों तक भी बढ़ाया गया है.
अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अब सिर्फ दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी अपनी भव्यता से श्रद्धालुओं को अट्रैक्ट करेगा. मंदिर ट्रस्ट ने स्थायी आर्किटेक्चरल लाइटिंग व्यवस्था शुरू कर दी है, जिसके बाद सूर्यास्त के साथ ही पूरा मंदिर स्वर्णिम रोशनी में नहा जाता है. मंदिर के शिखर, स्तंभ, नक्काशी और परकोटा की खूबसूरती अब रात के अंधेरे में भी अलग ही आभा बिखेर रही है.
लोकसभा परिसर में विपक्षी सांसदों ने चंदा चोरी पर प्रतीकात्मक नाटक कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. इस दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी बने, जबकि राहुल गांधी ने चंदा दिया. इसके बाद पप्पू यादव चंदा लेकर भागने लगे, जिन्हें अन्य सांसदों ने रोक लिया. प्रदर्शन के दौरान 'चंदा चोर, गद्दी छोड़' के नारे भी लगाए गए.
राम मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालु जिस श्रद्धा से दानपात्र में अपनी भेंट डालते हैं, अब उस भेंट की सुरक्षा के लिए व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दी गई है. चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की है. अब दानपात्र खोलने से लेकर चढ़ावे की गिनती पूरी होने तक हर कदम कैमरे की निगरानी में होगा.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नई तीन सदस्यीय एसआईटी ने चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज कर दी है. बैंककर्मियों के बयान दर्ज किए गए हैं और अब ट्रस्ट पदाधिकारियों से पूछताछ शुरू हो रही है.
छात्र आंदोलनों के कारण राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से ध्यान हटने के बाद, संघ (RSS) अयोध्या में अपनी कमियों को सुधारने में जुट गया है. संघ ने माना कि ट्रस्ट की संवादहीनता और पारदर्शिता की कमी से विवाद बढ़ा. अब नाराजगी दूर करने के लिए संघ अयोध्या के संतों और मीडिया से लगातार संवाद कर स्थितियां संभाल रहा है.
अयोध्या की रामलीला में इस साल भोजपुरी अभिनेता और बीजेपी सांसद रवि किशन पहली बार भगवान राम की भूमिका निभाएंगे. रामलीला आयोजकों ने सभी प्रमुख कलाकारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है. रावण की भूमिका में अरुण बक्शी, भगवान शिव के रूप में विंदू दारा सिंह, नारद मुनि के रूप में अवतार गिल और राजा जनक के किरदार में राकेश बेदी नजर आएंगे. रामलीला का लाइव प्रसारण दुनिया भर के दर्शकों के लिए किया जाएगा.
अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के लिए नई SIT गठित की है. इस टीम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल होंगे. अदालत ने जांच की गुणवत्ता और तेजी पर जोर दिया है.
योगी सरकार ने आगामी श्रावण मास में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) के माध्यम से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों के संचालन के साथ-साथ 24 घंटे मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था की जा रही है.
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच अयोध्या में चातुर्मास साधना शुरू की है। वे 21 नवंबर तक एकांतवास में रहकर राम मंत्र जप, रामचरितमानस पाठ और रोज छह घंटे मौन साधना करेंगे, जिससे धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
चढ़ावा चोरी विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद चंपत राय ने अयोध्या में चार महीने की कठिन चातुर्मास साधना शुरू कर दी है. देवशयनी एकादशी से प्रारंभ हुआ यह अनुष्ठान देवोत्थान एकादशी तक चलेगा, जिसमें वह राम मंत्र जप और मानस पाठ करेंगे.
उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नई विशेष जांच टीम (SIT) के गठन के लिए तीन आईपीएस अधिकारियों के नाम अदालत के सामने रख सकती है. इससे पहले भी यूपी सरकार ने SIT गठित की थी. जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई और मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी.
अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद 15 जुलाई से शुरू हुआ 10 दिन का प्रायश्चित अनुष्ठान शुक्रवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह आयोजन मंदिर की पवित्रता बहाल करने के लिए कराया. आखिरी दिन यज्ञशाला में हवन और विशेष पूजा हुई जिसमें ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास और कृष्ण मोहन ने यजमान के तौर पर भाग लिया.
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद संतों की भी एक बैठक हुई. इस बैठक में चंपत राय का समर्थन किया गया. साथ ही ये भी कहा गया कि निर्णय अयोध्या के संत लेंगे, बाहर के कालनेमि नहीं.
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में आए दिन बड़े खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे मामले से हर कोई हैरान है. मामले की जांच जारी है और कई नाम सामने आ चुके हैं. इस बीच राममंदिर ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) समेत कई पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. इसी पर आधारित है सो सॉरी की ये ताजातरीन और गुदगुदाने वाली पेशकश.
राम मंदिर में कथित दान चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने पूरे चढ़ावा प्रबंधन सिस्टम में बड़ा बदलाव कर दिया है. दान की गिनती करने वाले सभी 36 कर्मचारियों को हटा दिया गया है. उनकी जगह अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नियमित कर्मचारी तैनात किए गए हैं. दान चोरी के मामले में जिन आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी, वे इन 36 कर्मचारियों में शामिल नहीं थे.
राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद अयोध्या में आज संत समाज की बड़ी बैठक होने जा रही है. मणिराम दास छावनी में होने वाले इस महाजुटान में देशभर के करीब 300 संत-महंत शामिल हो सकते हैं. बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट, श्रद्धालुओं का भरोसा, संत समाज की भूमिका और आगे की रणनीति जैसे मुद्दों पर मंथन होगा. RSS के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रह सकते हैं.