अयोध्या (Ayodhya) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक जिला और जिले का मुख्यालय है. अयोध्या जिले में एक लोकसभा और पांच विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र (Assembly constituency) हैं. पहले इसे फैजाबाद (Faizabad) के नाम से जाना जाता था लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अगुवाई वाली यूपी सरकार कैबिनेट ने 6 नवंबर 2018 को इस जिले का नाम फैजाबाद से बदलकर अयोध्या कर दिया.
अयोध्या सरयू नदी के तट पर बसा एक अति प्राचीन धार्मिक नगर है. माना जाता है कि इस नगर को मनु (Manu) ने बसाया था और इसे अयोध्या का नाम दिया जिसका अर्थ होता है अ-युध्य यानि जिसे युद्ध के द्वारा प्राप्त न किया जा सके. इसे कोशल (Kosal) जनपद भी कहा जाता था. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अयोध्या में सूर्यवंशी, रघुवंशी, अर्कवंशी (Suryavanshi, Raghuvanshi) राजाओं का राज हुआ करता था, जिसमें भगवान श्री राम (Lord Sri Ram) ने अवतार लिया. प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेन त्सांग (Hiuen Tsang) 7वीं शताब्दी में यहां आया था. उसके अनुसार यहां 20 बौद्ध मंदिर थे और 3000 भिक्षु रहते थे. यह नगरी सप्त पुरियों में से एक है.
श्रीराम जन्मभूमि, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, दशरथमहल, श्रीलक्ष्मण किला, मणिपर्वत, श्रीराम की पैड़ी, नागेश्वरनाथ, गुप्तार घाट समेत अनेक मन्दिर यहाँ प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं. बिरला मन्दिर, श्रीमणिरामदास जी की छावनी, और हनुमान बाग जैसे अनेक आश्रम श्रद्धालुओं के मुख्य आकर्षण केन्द्र हैं.
श्रीराम जन्मभूमि (Shriram janmbhoomi)
शहर के पश्चिमी हिस्से में रामकोट में स्थित श्रीरामजन्मभूमि अयोध्या का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है. यहां श्रीराम-लक्ष्मण-भरत और शत्रुघ्न, चारों भाइयों के बालरूप के दर्शन होते हैं. यहां रामनवमी मनाने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं.
कनक भवन (Kanak Bhavan)
कनक भवन अयोध्या का एक महत्वपूर्ण मंदिर है. यह मंदिर सीता और राम के सोने के मुकुट पहने प्रतिमाओं के लिए लोकप्रिय है. इस मंदिर को टीकमगढ़ की रानी ने 1891 में बनवाया था.
हनुमान गढ़ी (Hanuman Garhi)
अयोध्या शहर के केन्द्र में स्थित इस मंदिर में 76 कदमों की चाल से पहुंचा जा सकता है. अयोध्या को भगवान राम की नगरी कहा जाता है. मान्यता है कि यहां हनुमान जी सदैव वास करते हैं लिहाजा श्रद्धालु अयोध्या आकर भगवान राम के दर्शन से पहले भक्त हनुमान जी के दर्शन करते हैं. यहां का सबसे प्रमुख हनुमान मंदिर हनुमानगढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है.
अयोध्या के 10वें दीपोत्सव में इस बार पांच देशों के कलाकार रामलीला पेश करेंगे. दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकारों के शामिल होने का प्रस्ताव है. भारत और विदेश के करीब 2,500 कलाकार 12 मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां देंगे. फिलीपींस और रूस के कलाकारों को भी बुलाने की तैयारी चल रही है.
अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां इस बार भव्यता और बेहतर प्रबंधन की नई मिसाल पेश करने जा रही हैं. सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है. करीब 35 हजार स्वयंसेवक इस आयोजन को सफल बनाने में जुटेंगे.
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में महिलाओं ने बिजली कटौती को अपनी तरक्की में बाधा नहीं बनने दिया. स्वयं सहायता समूह से 30 हजार रुपये का ऋण लेकर आरती, देवकी दुबे और क्रांति देवी ने सौर ऊर्जा से चलने वाली आटा चक्की और तेल निकालने की मशीनों से कारोबार शुरू किया. आज वे हर महीने 15 हजार से 30 हजार रुपये तक कमा रही हैं. उनकी कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही है.
दिवाली का त्योहार बेहद नजदीक है और भगवान राम की पवित्र नगरी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. इस बार अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन बेहद खास और दिव्य तरीके से किया जा रहा है. दीपोत्सव को लेकर पूरी राम नगरी अयोध्या को दुल्हन की तरह खूबसूरती से सजाया जा रहा है. सरयू तट और राम की पैड़ी पर विशेष तरह की सजावट की गई है, जहां भव्य महा आरती का आयोजन होगा. सरयू स्थल को किसी भव्य महल की तरह सजाया गया है,
सीएम योगी ने अपने पोस्ट में पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2017 के बाद अयोध्या में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू हुआ.
इस खास घड़ी के साथ नीले रंग की एलीगेटर लेदर स्ट्रैप दी गई है. यह घड़ी के नीले डायल और रोज गोल्ड केस के साथ मेल खाती है. इसके डिजाइन में इस्तेमाल मैटेरियल और बारीक फिनिश इसे लग्जरी कलेक्शन का हिस्सा बनाती है.
दिग्विजय सिंह ने शाजापुर में कहा कि वह सनातन धर्म का समर्थन करते हैं, हिंदुत्व का नहीं. उन्होंने हिंदुत्व को सावरकर से जोड़ते हुए अपनी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' को गैर-राजनीतिक पहल बताया.
केंद्र सरकार ने बिहार में पांच प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें फोरलेनिंग और सड़क चौड़ीकरण शामिल हैं. ये परियोजनाएं वित्त वर्ष 2026-27 तक पूरी होने की योजना में हैं, जिससे बिहार का सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और क्षेत्रीय कनेक्टविटी बेहतर होगी.
अयोध्या में 7 नवंबर को दीपोत्सव का 10वां संस्करण मनाया जाएगा जिसमें 2100 स्वदेशी ड्रोन का एरियल शो होगा. 2147 प्रतिभागी सरयू तट पर आरती करेंगे और पूरे धाम को लाखों मिट्टी के दीयों से सजाया जाएगा. तीन चरणों में आयोजित होने वाले समारोह में रामायण आधारित झांकियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भरत मिलाप और राज्याभिषेक शामिल होंगे.
अयोध्या में दसवें दीपोत्सव की तैयारियों का शंखनाद हो गया है. सरयू तट और राम की पैड़ी पर इस बार 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है. अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवक आयोजन को सफल बनाने में जुटेंगे. पिछले दीपोत्सव में 26 लाख 17 हजार 215 से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे. अब चुनौती अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की है.
अयोध्या में दसवें दीपोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. सरयू तट और राम की पैड़ी पर इस बार 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य है. अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवक आयोजन में जुटेंगे. पिछली बार 26.17 लाख से अधिक दीप जलाए गए थे. वीडियो में जानें इस रिकॉर्ड से जुड़ी बातें.
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. सरयू नदी के किनारे 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाए जाएंगे. इसके लिए 33 लाख दीये मंगाए गए हैं. शुक्रवार को घाट नंबर 10 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन होगा.
अयोध्या में विजयादशमी पर रामलीला में भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने वाले राजनाथ पांडेय भावुक हो गए. जौनपुर से संबंध रखने वाले राजनाथ ने कहा कि रामजन्मभूमि की पावन धरती पर प्रभु श्रीराम का स्वरूप धारण करना उनके लिए गर्व, आस्था और सौभाग्य की बात है. अयोध्या में दशहरे पर राम-रावण युद्ध के मंचन के बाद रावण दहन हुआ.
भारतीय जनता युवा मोर्चा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के युवा चेहरों को अहम जिम्मेदारियां देकर बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी सियासी और सामाजिक समीकरणों को और मजबूत करने का बड़ा संदेश दिया है.
रामनगरी अयोध्या में रामलला के VIP दर्शन के लिए अब प्रतिदिन 3500 पास जारी किए जाएंगे. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने VIP पास की संख्या 1800 से बढ़ाकर 3500 कर दी है. नई व्यवस्था शनिवार से लागू कर दी गई है.
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए वीआईपी पास की संख्या बढ़ा दी गई है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रतिदिन जारी होने वाले पास की संख्या 1800 से बढ़ाकर 3500 कर दी है. नई व्यवस्था शनिवार से लागू हो गई है. ट्रस्ट के मुताबिक, अयोध्या पहुंचने वाली विशिष्ट हस्तियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. हालांकि, पास जारी करने की प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी.
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि अयोध्या राम मंदिर परिसर के 150 में से 148 निर्माण कार्य पूरे होकर ट्रस्ट को सौंपे जा चुके हैं. अब परकोटे के बाकी काम मौसम सुधरने पर पूरे होंगे और रोशनी का काम 15 नवंबर तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम 400 साल से टेंट में रह रहे थे और मोदी सरकार ने भव्य मंदिर बनवाकर उन्हें घर दिया. इस दौरान सीएम सम्राट ने मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे पक्का मकान, मुफ्त बिजली, शौचालय सुविधा और राशन वितरण की भी तारीफ की.
अयोध्या की 151 साल पुरानी रामलीला आज भी अपनी अनूठी परंपराओं और आस्था के लिए खास पहचान रखती है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि भगवान श्रीराम, हनुमान जी समेत सभी प्रमुख पात्रों की भूमिका स्थानीय कलाकार निभाते हैं. यहां हनुमान जी के प्राचीन मुकुट की रोज पूजा की जाती है.
अयोध्या की 151 साल पुरानी रामलीला में स्थानीय कलाकार ही भगवान श्रीराम, हनुमान जी और अन्य पात्रों की भूमिका निभाते हैं. यहां हनुमान जी के प्राचीन मुकुट की रोज पूजा होती है और इसे धारण करने वाले कलाकार को आचरण व मर्यादा के विशेष नियमों का पालन करना पड़ता है.
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले 'चैलेंज पॉलिटिक्स' चरम पर पहुंच गई है. अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीधे स्वीकार कर सपा प्रमुख के पाले में ही गेंद डाल दी है. रामनगरी से शुरू हुई इस जुबानी जंग ने न केवल 'योगी बनाम अखिलेश' के मुकाबले की आहट दे दी है, बल्कि अवध बेल्ट का सियासी गणित भी पूरी तरह से गरमा दिया है.