राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya, Uttar Pradesh) में हो रहा है. जहां इस मंदिर का निर्माण हो रहा है, हिंदू आस्थावान उसे भगवान राम की जन्मभूमि (Ram Janmabhoomi) मानते हैं. मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) द्वारा करवाया जा रहा है. राम मंदिर के लिए भूमि पूजन अगस्त 2020 में हुआ था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भी शामिल हुए थे.
अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच जारी है. बताया जा रहा है कि इस मामले में एसआईटी की जांच का दायरा केवल फंड की गड़बड़ी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन की भी जांच की जा रही है.
राम मंदिर चढ़ावा मामले में अखिलेश यादव ने पूछा कि क्या सिस्टम को निष्पक्ष रूप से काम करने दिया जाएगा, यह महत्वपूर्ण सवाल है. इस मामले में सीसीटीवी के फुटेज गायब होने की खबरें आ रही हैं जो चिंता का विषय है.
राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की जांच में कई मुख्य नाम सामने आए हैं. जिनमें लवकुश मिश्र, अनुकल्प मिश्र, मनीष यादव, रामशंकर और राजेश पाठक शामिल हैं. इन सभी से सें SIT ने गहन पूछताछ की है.
राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी की SIT जांच चल रही है. खबर है कि एसआईटी इस मामले में प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द सौंप सकती है. जानकारी के मुताबिक अबतक की जांच में गड़बड़ी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. यही वजह है कि जल्द ही कुछ लोगों पर एक्शन की भी तैयारी कर ली गई है. देखें विशेष.
राम मंदिर चढ़ावा कांड से जुड़ी अहम खबर सामने आई है कि सिट लखनऊ वापस लौट चुकी है. सूत्रों के अनुसार, सिट आज अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है. प्रारंभिक जांच के लिए सरकार ने एक सप्ताह का समय दिया था, जो आज समाप्त हो रहा है. हालांकि, सिट ने अपनी जांच बीती रात ही पूरी कर ली है और वापस लखनऊ लौट आई है.
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी आज अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन को सौंप सकती है. सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट 150 पन्नों से अधिक की हो सकती है. जांच के दौरान ट्रस्ट पदाधिकारियों, गणना कर्मियों, बैंक अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई है.
राम मंदिर चढ़ावा और दान सामग्री से जुड़े मामले में एसआईटी की जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है. सूत्रों के अनुसार, जांच टीम अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है. इस दौरान कई संबंधित लोगों से पूछताछ की गई और रिकॉर्ड की जांच की गई है. रिपोर्ट आने के बाद मामले से जुड़े कई सवालों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है. सभी की नजरें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं.
राम मंदिर चढ़ावा और दान से जुड़ी अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) जल्द अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप सकती है. सूत्रों के मुताबिक, जांच शुरू होने के बाद टीम ने संबंधित दस्तावेजों, रिकॉर्ड और कई लोगों से पूछताछ के आधार पर शुरुआती निष्कर्ष तैयार किए हैं. SIT को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था और इसी क्रम में रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की संभावना जताई जा रही है. गौरतलब है कि 15 जून से इस मामले की औपचारिक जांच शुरू की गई थी, जिसके बाद से पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन और राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है.
राम मंदिर चढ़ावा कांड से जुड़ी हुई खबर में बताया गया है कि SIT अपनी जांच पूरी कर के लखनऊ वापस लौट चुकी है. सूत्रों के अनुसार, SIT आज अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है. सरकार ने प्रारंभिक जांच के लिए एक सप्ताह का समय दिया था और आज वह अवधि समाप्त हो रही है. SIT ने बीती रात ही अपनी जांच पूरी कर ली थी.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर प्रशासन इस मामले को संवेदनशीलता से देख रहे हैं.
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी जांच तेज हो गई है. जांच में ट्रस्ट और मंदिर संचालन से जुड़े पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों का ब्यौरा खंगाला जा रहा है. सूत्रों के अनुसार चंपत राय तक महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचती थीं, जबकि टिन्नू यादव के पास दर्शन व्यवस्था और चढ़ावे की देखरेख की जिम्मेदारी थी.
अयोध्या राम 'चंदा विवाद' में SIT की जांच जारी है. इस बीच बीजेपी नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार ने आजतक से बातचीत की. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जा सकती. विनय कटियार ने चंपत राय के करीबी गोपाल राव पर जमकर निशाना साधा. देखें वीडियो.
राम मंदिर चढ़ावा और आभूषणों की चोरी के मामले में नया मोड़ सामने आ गया है. सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने मामले में टिन्नू समेत चार पुजारियों से पूछताछ की, जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विरोधाभासी जानकारी मिली. जांच के दौरान मंदिर के लिए दान में मिली कुछ बहुमूल्य वस्तुओं और आभूषणों का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिलने की बात भी सामने आई है. वहीं, मंदिर की नींव में रखे जाने के लिए भेंट की गई करीब 60 किलो चांदी की शिलाओं को लेकर भी सवाल उठे हैं. जांच एजेंसियां अब दस्तावेजों, रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं.
राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी को लेकर SIT की जांच जारी है. SIT ट्रस्ट के सदस्यों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है, दस्तावेजों की पड़ताल हो रही है. इस बीच यूपी में राजनीति भी गरमाई हुई है. सपा लगातार राम भक्तों की आस्था का मुद्दा उठाकर योगी सरकार पर हमलावर है. तो योगी ने भी कहा है कि माफिया की क्रब पर फातिया पढ़ने वाले हमें राम भक्ति पर उपदेश दे रहे. देखें हल्ला बोेल.
अयोध्या के राम मंदिर में दान को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच आजतक से बातचीत में दानदाता अनुराग रस्तोगी ने कहा कि उन्होंने भगवान रामलला को करीब 60 किलो चांदी की सिल्ली समेत कई चीजें समर्पित की थीं, लेकिन आज उनकी स्थिति क्या है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर एसआईटी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाएगी तो वे सहयोग को तैयार हैं.
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने आजतक से बातचीत में कहा कि दुनिया भर के हिंदुओं की आस्था को आहत करने वाला है. उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. आलोक कुमार ने कहा कि इस मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. देखें वीडियो.
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की सीआईटी जांच अभी भी जारी है. ट्रस्ट के सदस्यों और कर्मचारियों से पूछताछ हो रही है. दस्तावेजों की गहराई से जांच की जा रही है ताकि असल दोषियों को पकड़ा जा सके और उन्हें सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़े. इस मामले को लेकर राजनीति भी काफी गर्म हो गई है.
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी को जांच के दौरान सबसे बड़ी चुनौती डिजिटल साक्ष्य जुटाने की है. मंदिर के सीसीटीवी का बैकअप केवल 45 दिनों तक उपलब्ध रहने से पुरानी फुटेज नहीं मिल पा रही है. सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के संकेत भी मिले हैं, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में एसआईटी को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. जांच में पता चला है कि सीसीटीवी फुटेज का बैकअप केवल 45 दिनों तक ही सुरक्षित रहता है, जिससे पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं. वहीं फुटेज में संभावित छेड़छाड़ के संकेत मिलने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. अब जांच एजेंसी तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों पर फोकस कर रही है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच लगातार जारी है. जांच के दौरान रामलला को भेंट की गई 60 किलो चांदी की शिलाएं सबसे बड़ी पहेली बन गई हैं. जांच टीम को अब तक इन शिलाओं का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड या मौजूदा स्थिति नहीं मिली है. ज्वेलर्स एसोसिएशन का दावा है कि शिलाएं ट्रस्ट को रसीद के साथ सौंपी गई थीं. एसआईटी पुजारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर चढ़ावे के संग्रह, संरक्षण और रिकॉर्डिंग की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है.
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले में जांच जारी है. इस जांच के दौरान SIT ने बताया कि वे मंदिर परिसर के CCTV फुटेज की फॉरेंसिक जाँच करवा सकते हैं ताकि अधिक से अधिक फुटेज रिकवर किया जा सके और जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया जा सके. जांच के दौरान SIT को कुछ फुटेज में छेड़छाड़ के संकेत भी मिले हैं.