राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya, Uttar Pradesh) में हो रहा है. जहां इस मंदिर का निर्माण हो रहा है, हिंदू आस्थावान उसे भगवान राम की जन्मभूमि (Ram Janmabhoomi) मानते हैं. मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) द्वारा करवाया जा रहा है. राम मंदिर के लिए भूमि पूजन अगस्त 2020 में हुआ था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भी शामिल हुए थे.
राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना हो गई है. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की पूजा-अर्चना की और विधिवत इसकी स्थापना की.
19 मार्च को यानी कल चैत्र नवरात्र के अवसर पर अयोध्या के राम मंदिर ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना होने वाली है. इस धार्मिक अनुष्ठान में देशभर के बड़े साधु-संत, वैदिक विद्वान और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होने वाली हैं. ज्योतिषविद ने श्री राम यंत्र के महत्व और कुछ विशेष लाभ हमें बताएं हैं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में शुभ अभिजीत मुहूर्त पर श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी. इस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राम मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य मौजूद रहेंगे.
श्री राम जन्मभूमि परिसर में आगामी चैत्र नवरात्रि को देखते हुए प्रशासन ने परिसर में मोबाइल फोन और हथियारों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. साथ ही, सुरक्षा कर्मियों के साथ आने वाले व्यक्तियों को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
आसाराम बापू 6 महीने की अंतरिम जमानत पर बाहर हैं और इस बीच वो गुरुवार को अयोध्या पहुंचे. उन्होंने राम जन्मभूमि में रामलला के दर्शन किए और हनुमानगढ़ी में माथा टेका. आसाराम ने मंदिर की भव्यता और अयोध्या को मोक्षदायिनी नगरी बताते हुए शास्त्रों का हवाला दिया.
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या आज न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि आर्थिक विकास का भी प्रमुख केंद्र बन चुकी है. IIM लखनऊ की गहन रिसर्च रिपोर्ट में यह सामने आया है कि राम मंदिर बनने से पहले अयोध्या में वर्ष भर लगभग 1 लाख 70 हजार श्रद्धालु आते थे, जो अब बढ़कर 5 से 6 करोड़ हो चुके हैं. यानी मंदिर निर्माण के पहले जितने श्रद्धालु पूरे वर्ष में आते थे, अब उतने ही प्रतिदिन अयोध्या पहुंच रहे हैं. राम मंदिर से अयोध्या के दुकानदार की आमदनी में आया कितना फर्क, देखें.
पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद प्रोजेक्ट का यूपी कनेक्शन जितना मजबूत है, असर भी वैसा ही महसूस किया जा रहा है. ऐसा लगता है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए हुमायूं कबीर ने बंगाल में कैंपेन का मसाला तो दे ही दिया है, यूपी चुनाव के लिए भी एक मुद्दा अभी से थमा दिया है.
बाराबंकी की जनसभा में मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है. जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से किया गया वादा पूरा किया गया है.
रामानंद सागर की 'रामायण' सिर्फ एक टीवी सीरियल नहीं, बल्कि भारतीय समाज की एक ऐसी भावना है जिसने इतिहास रच दिया. 25 जनवरी 2026 को दूरदर्शन पर आने वाली रामायण को पूरे 39 साल होने वाले हैं.
BJP नेता आरपी सिंह ने राम मंदिर में नमाज को लेकर अपनी प्रतिक्रया दी है. उन्होनें कहा कि जानबूझकर शरारत की गई है, इसकी जांच होनी चाहिए कि कौन लोग है इसके पीछे. कौन लोग इसके पक्ष में है और चाहते है कि जो सद्भाव और हार्मनी है वो खराब हो.
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में नमाज़ पढ़ने की कोशिश पर इक़बाल अंसारी ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन और माहौल खराब करने वाला कदम बताया. अंसारी ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय ने संयम दिखाते हुए राम मंदिर को सम्मान दिया है.
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में एक कश्मीरी युवक पर नमाज़ पढ़ने का आरोप लगा है. सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं कि युवक वहां क्यों गया था और उसकी नीयत क्या थी. यह घटना राम मंदिर की सुरक्षा में बड़ी चूक को उजागर करती है. वहीं, उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात भी तनावपूर्ण हैं. मतदाता सूची में भारी मत काटने को लेकर सियासी जंग चल रही है.
अयोध्या में राम मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे में शनिवार सुबह एक युवक की ओर से नमाज पढ़ने की कोशिश किए जाने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने उसे हिरासत में ले लिया. आरोपी की पहचान जम्मू-कश्मीर के शोपियां निवासी 55 वर्षीय अब्दुल अहद शेख के रूप में हुई है, जो सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने की कोशिश कर रहा था और रोके जाने पर कथित तौर पर नारे भी लगाए.
सूत्रों के अनुसार राम मंदिर परिषद के परिसर में एक युवक को धार्मिक गतिविधि के दौरान हिरासत में लिया गया है. युवक ने मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने का प्रयास किया था. प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह युवक कश्मीर के शोपियां जिले का निवासी है जिसका नाम अहमद शेख बताया गया है. इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई की है. यह मामला सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण से चर्चा में आया है क्योंकि मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश को लेकर विवादित स्थिति बनी. पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है.
Ayodhya Ram Mandir Live Updates: अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह का आयोजन किया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्शन-पूजन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामभक्तों को बधाई देते हुए इसे आस्था और संस्कारों का दिव्य उत्सव बताया.
इस बार सिर्फ साल नहीं बदला है बल्कि इस बार भारत ने नए साल के उत्सव की परम्परा को भी बदल दिया है, कभी 1 जनवरी का दिन मुख्यतः पार्टियों, पर्यटन और शोर-शराबे से जुड़ा माना जाता था लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग नए साल की शुरुआत मंदिरों में देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेकर कर रहे हैं. देखें ब्लैक एंड व्हाइट विश्लेषण.
नये साल के पहले दिन उत्तर भारत के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. अयोध्या, मथुरा, काशी, दिल्ली और जम्मू के वैष्णोदेवी मंदिरों में नववर्ष के पहले दिन खास आस्था देखने को मिली. काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती से पहले मंदिर की सुंदर सजावट की गई है. मान्यता है कि नववर्ष के पहले दिन भगवान के दर्शन करने से पूरा वर्ष शुभ और सकुशल बीतता है.
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन और राम लल्ला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म की महानता पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि पहले राम नाम लेने पर जनता को प्रताड़ित किया जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. सीएम ने पिछली सरकारों द्वारा अयोध्या को नुकसान पहुंचाने का उल्लेख करते हुए कहा कि बजरंगबली की रक्षा के कारण कोई भी बुरी आत्मा या आतंकवादी अयोध्या में प्रवेश नहीं कर सकता.
भारी भीड़ को देखते हुए गुरुवार तक वीआईपी पास जारी करने पर रोक लगा दी गई है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक पदाधिकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान 5 से 6 लाख श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने का अनुमान है.
अगर नए साल पर आप रामलला के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. अयोध्या में भीड़ और ठहरने की समस्याएं इस समय यात्रियों के लिए परेशानी बन रही हैं. जानिए, किन वजहों से नए साल पर दर्शन मुश्किल हो सकते हैं और सुकून से यात्रा के लिए क्या करना बेहतर होगा.
नए साल के मौके पर भारत के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. अयोध्या के भव्य राम मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर और वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर जैसे पूजनीय स्थानों पर भक्त ईष्ट देवताओं के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.