राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya, Uttar Pradesh) में हो रहा है. जहां इस मंदिर का निर्माण हो रहा है, हिंदू आस्थावान उसे भगवान राम की जन्मभूमि (Ram Janmabhoomi) मानते हैं. मंदिर का निर्माण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) द्वारा करवाया जा रहा है. राम मंदिर के लिए भूमि पूजन अगस्त 2020 में हुआ था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भी शामिल हुए थे.
रामानंद सागर की 'रामायण' सिर्फ एक टीवी सीरियल नहीं, बल्कि भारतीय समाज की एक ऐसी भावना है जिसने इतिहास रच दिया. 25 जनवरी 2026 को दूरदर्शन पर आने वाली रामायण को पूरे 39 साल होने वाले हैं.
BJP नेता आरपी सिंह ने राम मंदिर में नमाज को लेकर अपनी प्रतिक्रया दी है. उन्होनें कहा कि जानबूझकर शरारत की गई है, इसकी जांच होनी चाहिए कि कौन लोग है इसके पीछे. कौन लोग इसके पक्ष में है और चाहते है कि जो सद्भाव और हार्मनी है वो खराब हो.
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में नमाज़ पढ़ने की कोशिश पर इक़बाल अंसारी ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन और माहौल खराब करने वाला कदम बताया. अंसारी ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय ने संयम दिखाते हुए राम मंदिर को सम्मान दिया है.
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में एक कश्मीरी युवक पर नमाज़ पढ़ने का आरोप लगा है. सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं कि युवक वहां क्यों गया था और उसकी नीयत क्या थी. यह घटना राम मंदिर की सुरक्षा में बड़ी चूक को उजागर करती है. वहीं, उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात भी तनावपूर्ण हैं. मतदाता सूची में भारी मत काटने को लेकर सियासी जंग चल रही है.
अयोध्या में राम मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे में शनिवार सुबह एक युवक की ओर से नमाज पढ़ने की कोशिश किए जाने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने उसे हिरासत में ले लिया. आरोपी की पहचान जम्मू-कश्मीर के शोपियां निवासी 55 वर्षीय अब्दुल अहद शेख के रूप में हुई है, जो सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने की कोशिश कर रहा था और रोके जाने पर कथित तौर पर नारे भी लगाए.
सूत्रों के अनुसार राम मंदिर परिषद के परिसर में एक युवक को धार्मिक गतिविधि के दौरान हिरासत में लिया गया है. युवक ने मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने का प्रयास किया था. प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह युवक कश्मीर के शोपियां जिले का निवासी है जिसका नाम अहमद शेख बताया गया है. इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई की है. यह मामला सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण से चर्चा में आया है क्योंकि मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश को लेकर विवादित स्थिति बनी. पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है.
Ayodhya Ram Mandir Live Updates: अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह का आयोजन किया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्शन-पूजन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामभक्तों को बधाई देते हुए इसे आस्था और संस्कारों का दिव्य उत्सव बताया.
इस बार सिर्फ साल नहीं बदला है बल्कि इस बार भारत ने नए साल के उत्सव की परम्परा को भी बदल दिया है, कभी 1 जनवरी का दिन मुख्यतः पार्टियों, पर्यटन और शोर-शराबे से जुड़ा माना जाता था लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग नए साल की शुरुआत मंदिरों में देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेकर कर रहे हैं. देखें ब्लैक एंड व्हाइट विश्लेषण.
नये साल के पहले दिन उत्तर भारत के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. अयोध्या, मथुरा, काशी, दिल्ली और जम्मू के वैष्णोदेवी मंदिरों में नववर्ष के पहले दिन खास आस्था देखने को मिली. काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती से पहले मंदिर की सुंदर सजावट की गई है. मान्यता है कि नववर्ष के पहले दिन भगवान के दर्शन करने से पूरा वर्ष शुभ और सकुशल बीतता है.
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन और राम लल्ला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म की महानता पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि पहले राम नाम लेने पर जनता को प्रताड़ित किया जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. सीएम ने पिछली सरकारों द्वारा अयोध्या को नुकसान पहुंचाने का उल्लेख करते हुए कहा कि बजरंगबली की रक्षा के कारण कोई भी बुरी आत्मा या आतंकवादी अयोध्या में प्रवेश नहीं कर सकता.
भारी भीड़ को देखते हुए गुरुवार तक वीआईपी पास जारी करने पर रोक लगा दी गई है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक पदाधिकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान 5 से 6 लाख श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने का अनुमान है.
अगर नए साल पर आप रामलला के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. अयोध्या में भीड़ और ठहरने की समस्याएं इस समय यात्रियों के लिए परेशानी बन रही हैं. जानिए, किन वजहों से नए साल पर दर्शन मुश्किल हो सकते हैं और सुकून से यात्रा के लिए क्या करना बेहतर होगा.
नए साल के मौके पर भारत के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. अयोध्या के भव्य राम मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर और वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर जैसे पूजनीय स्थानों पर भक्त ईष्ट देवताओं के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.
रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर के बाद अब एक और भव्य आकर्षण जुड़ गया है. यात्री सुविधा केंद्र में प्रभु श्रीराम की 30 करोड़ रुपये की लागत वाली सोने और हीरे से जड़ित प्रतिमा का अनावरण किया गया है. जो अयोध्या की बढ़ती वैश्विक पहचान और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक है.
अयोध्या के राम मंदिर और हनुमान गढ़ी में नए साल के अंत के मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या बहुत बढ़ गई है. लोग दूर-दूर से यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं. कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे साल का अंत राम और हनुमान जी के दर्शन के साथ करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अयोध्या की यात्रा की योजना बनाई है. इस दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है.
अगर आप नए साल पर धार्मिक यात्रा करना चाहते हैं, तो आईआरसीटीसी के टूर पैकेज आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं. इन पैकेजों की मदद से आप अपने बजट के अनुसार यात्रा चुन सकते हैं और नए साल की शुरुआत को खास बना सकते हैं.
New Year 2026 पर धार्मिक यात्रा का प्लान? IRCTC ने लॉन्च किए Vaishno Devi, Ayodhya, Mahakal और Rameshwaram के budget tour packages.
बेंगलुरु से अयोध्या तक 1900 किलोमीटर का सफर तय कर भगवान राम की एक अनोखी पेंटिंग राम जन्मभूमि मंदिर पहुंची है. इस पेंटिंग को सुरक्षित पहुंचाने का जिम्मा भारतीय डाक विभाग ने उठाया था.
आज के ब्लैक एंड व्हाइट में हम मदन मित्रा द्वारा भगवान राम को मुसलमान बताने वाले विवादित बयान की चर्चा करेंगे और जानेंगे कि यह हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ क्यों बन गया है. इसके अलावा पाकिस्तान के अरब देशों में अपने नागरिकों की बदनामी और भिखारियों के बहिष्कार की सच्चाई को सामने लाएंगे. अमेरिका के विशाल रक्षा बजट और शांति के दावों का विश्लेषण करेंगे. दिल्ली एनसीआर के प्रदूषण संकट और नियमों की अवहेलना, अभिनेत्री निधि अग्रवाल के साथ हुई बदसलूकी की घटना, विकसित भारत रोजगार बिल की लोकसभा में पारित होने की खास बातें, चांदी की बढ़ती कीमतों के कारण और आईपीएल के नए सितारों की कहानी भी जानेंगे. पूरी खबर पढ़ें और समझें देश-विदेश की बड़ी राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं का विश्लेषण.
राम मंदिर आंदोलन के पुरोधा डॉ. रामविलास दास वेदांती के निधन से अयोध्या में शोक छा गया. मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर उनके आवास 'हिंदू धाम' लाया गया, जहां संत-समाज, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे.
अयोध्या में बाबरी विध्वंस और राम मंदिर आंदोलन के अगुवाई करने वाले डॉ. रामविलास वेदांती का सोमवार को मध्य प्रदेश के रीवा में निधन हो गया है. वेदांती 12 साल की उम्र में अपना घर छोड़कर अयोध्या आ गए थे और संत से सियासत तक का सफर तय किया.