
अयोध्या के ऋषभदेव नेत्र चिकित्सालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल परिसर स्थित चिकित्साधिकारी आवास में महिला डॉक्टर का शव फंदे से लटका मिला. मृतका की पहचान 34 वर्षीय डॉ. जयति पांडेय के रूप में हुई है, जो अस्पताल में चिकित्साधिकारी के पद पर कार्यरत थी.
बताया जा रहा है कि डॉ. जयति पांडेय मूल रूप से रांची की रहने वाली थीं और पिछले करीब दो से ढाई वर्षों से अस्पताल में सेवाएं दे रही थीं. वह अविवाहित थीं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक डॉ. जयति दिव्यांग थी.
घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब उनकी मां ने फोन किया, लेकिन काफी देर तक फोन नहीं उठा. इसके बाद पड़ोसियों से घर जाकर देखने को कहा गया. दरवाजा खुलने पर अंदर डॉक्टर का शव फंदे से लटका मिला. घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और परिजनों को सूचना दी गई.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

बताया गया है कि मौके से एक सुसाइड नोट मिलने की बात भी सामने आई है. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक डॉ. जयति पिछले कुछ समय से निजी और पारिवारिक कारणों को लेकर परेशान नजर आ रही थीं. हालांकि उनकी मौत की असली वजह क्या थी, इसका खुलासा पुलिस जांच और सुसाइड नोट की जांच के बाद ही हो सकेगा.
सीएमओ डॉ. देवेंद्र सिंह भिटोरिया ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. अयोध्या के अस्पताल में कार्यरत 34 वर्षीय महिला डॉक्टर जयति ने आत्महत्या कर ली है. वह मूल रूप से रांची की निवासी थीं और पिछले ढाई साल से अस्पताल में सेवा दे रही थीं. अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी वाई.पी. सिंह के अनुसार, वह पारिवारिक कारणों से परेशान थीं.
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