JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र आज विधानसभा का घेराव कर रहे हैं. राज्य सरकार के साथ कई दौर की बीतचीत फेल होने के बाद से छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया है लेकिन सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांग मान ली गई है लेकिन उसका असर क्यों नहीं दिखाई दे रहा है. इस दौरान कई तरह की घटना सामने आ रही हैं. कहीं रांची में विधानसभा की ओर मार्च कर रहे छात्रों को पुलिस ने बैरिकेड से रोकने की कोशिश की. लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग लांघकर आगे बढ़ गए. छात्र शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे हैं. लेकिन इस बीच जो सवाल खड़ा हो रहा है वह ये हैं कि ऐसी कौन सी स्पेशल मांगे हैं, जो विवाद यहां तक पहुंच गया है.
फिर क्यों जारी है आंदोलन?
छात्रों का कहना है कि जब तक CBI जांच की लिखित मंजूरी नहीं मिलती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा. छात्र नेताओं ने यह भी कहा है कि JSSC-CGL और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर उनकी मांगें पूरी तरह नहीं मानी गई हैं. इसलिए 10 अगस्त को विधानसभा मार्च और घेराव का कार्यक्रम जारी रखा गया.
घेराव के ऐलान
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. छात्रों ने सोमवार यानी आज झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है. छात्र पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक मार्च करने की तैयारी में हैं. आंदोलन को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है. बता दें कि यह आंदोलन 25 जुलाई से चल रहा है. छात्रों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है जिसका कोई परिणाम नहीं निकला है. सरकार
का कहना है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं, लेकिन छात्रों का कहना है कि उनकी सबसे अहम मांगों में से CBI जांच अभी स्वीकार नहीं की गई है. इसी वजह से आंदोलन जारी है.
क्या है छात्रों की मुख्य मांगें?
JSSC-CGL मामले की CBI जांच
छात्रों की सबसे बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच CBI से करवाने की है. छात्रों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए. सरकार ने फिलहाल CBI जांच के बजाय रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच ED से कराने का प्रस्ताव दिया है.
JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग
इसके साथ ही छात्र JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर भी जोर दे रहे हैं. सरकार का कहना है कि यह परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई थी, इसलिए इसे रद्द करने या सीधे CBI जांच का आदेश देने को लेकर कानूनी स्थिति अलग है. इसी मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन पाई है.
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करना
छात्रों की मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करना भी शामिल था. सरकार ने इस मांग को मान लिया है. इसके अलावा ACF परीक्षा को रद्द करने की बात भी सरकार की ओर से स्वीकार की गई है.
भर्ती प्रक्रिया में सुधार
छात्र भर्ती परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं. इसके लिए सरकार ने विशेषज्ञों की समिति बनाने पर सहमति जताई है. इसमें IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर के विशेषज्ञों को शामिल करने की बात कही गई है.
भर्ती कैलेंडर लागू करने की मांग
छात्रों की मांग है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए तय रिक्रूटमेंट कैलेंडर बनाया और उसका पालन किया जाए, ताकि परीक्षाएं और नियुक्तियां समय पर पूरी हो सकें. छात्र नेताओं ने इसे अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है.
सरकार ने अब तक क्या माना?
सरकार का दावा है कि छात्रों की लगभग 98 फीसदी मांगें स्वीकार कर ली गई हैं. सरकार ने 14वीं JPSC पीटी और ACF परीक्षा रद्द करने, TDPL एजेंसी की परीक्षाओं की जांच कराने और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने पर सहमति जताई है. JSSC-CGL मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में समिति बनाने की बात भी कही गई है.
विधानसभा के आसपास कड़ी सुरक्षा
विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है. नई विधानसभा के आसपास के क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं. कई जगह बैरिकेडिंग की गई है.