भारत का विभाजन 1947 भारतीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण और दर्दनाक घटनाओं में से एक माना जाता है. यह घटना दो अलग-अलग देशों, भारत और पाकिस्तान के निर्माण का कारण बनी. यह विभाजन 15 अगस्त 1947 को हुआ, जब भारत को स्वतंत्रता मिली, लेकिन उसी समय देश दो हिस्सों में बंट गया. पाकिस्तान का गठन 14 अगस्त 1947 को एक अलग राष्ट्र के रूप में हुआ (Partition 1947).
इस विभाजन की पृष्ठभूमि कई राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक कारणों से जुड़ी थी. ब्रिटिश शासन के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अधिकारों को लेकर मतभेद बढ़ने लगे थे. मुस्लिम लीग ने अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग की, जिसका नेतृत्व मोहम्मद अली जिन्ना ने किया. वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, जिसमें महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अन्य नेता शामिल थे, एक संयुक्त भारत के पक्ष में थे, लेकिन परिस्थितियाx धीरे-धीरे अलग दिशा में चली गईं.
ब्रिटिश सरकार ने अंततः 1947 में भारत छोड़ने का निर्णय लिया और लॉर्ड माउंटबेटन ने विभाजन की योजना तैयार की, जिसे “माउंटबेटन योजना” कहा गया. इसके तहत पंजाब और बंगाल जैसे प्रांतों को धर्म के आधार पर विभाजित किया गया.
विभाजन के समय भारी हिंसा हुई. लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए. अनुमान के अनुसार, लगभग 10 से 15 मिलियन लोग भारत और पाकिस्तान के बीच पलायन करने पर मजबूर हुए. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हुई और कई परिवार बिछड़ गए. यह इतिहास का सबसे बड़ा मानव विस्थापन माना जाता है.
भारत का विभाजन केवल राजनीतिक घटना नहीं था, बल्कि यह सामाजिक और मानवीय त्रासदी भी था, जिसका प्रभाव आज भी भारत और पाकिस्तान के संबंधों में देखा जाता है.
भारत के विभाजन 1947 पर कई फिल्में, डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज बनाई गई हैं, जो इस ऐतिहासिक घटना को अलग-अलग दृष्टिकोण से दिखाती हैं- इनमें अर्थ (Earth 1998) - दीपा मेहता द्वारा निर्देशित यह फिल्म विभाजन के दौरान एक लड़की की नजर से कहानी दिखाती है.
गरम हवा (Garam Hawa 1973) - यह फिल्म एक मुस्लिम परिवार की कहानी है जो विभाजन के बाद भारत में रुक जाता है.
बचटवारा 1947 (Partition: 1947) (2017) - यह फिल्म लॉर्ड माउंटबेटन और विभाजन की राजनीतिक प्रक्रिया पर आधारित है.
ट्रेम टू पाकिस्तान (Train to Pakistan 1998) - यह फिल्म एक छोटे गांव की कहानी दिखाती है, जो विभाजन की हिंसा से प्रभावित होता है.
बात वेब सीरीज या टीवी शोज की करें तो भारत एक खोज (Bharat Ek Khoj 1988) - श्याम बेनेगल द्वारा बनाई गई इस सीरीज में भारत के इतिहास के साथ विभाजन को भी दिखाया गया है.
कुछ डॉक्यूमेंट्री सीरीज BBC और अन्य अंतरराष्ट्रीय चैनलों द्वारा भी बनाई गई हैं, जो विभाजन की घटनाओं और मानव त्रासदी को दर्शाती हैं.
राजकुमार संतोषी ने ऐलान किया है कि वो सनी देओल के साथ अपनी पांचवी फिल्म बनाने वाले हैं. उनकी पिछली फिल्म बंटवारा 1947 फ्लॉप जरूर हुई, मगर इससे उनका कोलैब कमजोर नहीं हुआ. क्या है उनकी पांचवी फिल्म का नाम?
बंटवारा 1947 बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी, जिसपर शबाना आजमी ने बात की. उन्होंने कहा कि लोगों को मुसलमान के रोल में सनी देओल नहीं पसंद आए. हालांकि उनका ये भी कहना है कि फिल्म के लिए उन्हें काफी तारीफ सुनने मिली.
सनी देओल की बंटवारा 1947 फिल्म देखकर पाकिस्तानी एक्ट्रेस बुशरा अंसारी निराश हुई हैं. उनका कहना है कि फिल्म में पंजाबी भाषा सही से नहीं बोली गई है, जबकि उनके पास बेहतरीन कलाकार हैं जो पंजाबी बोल सकते हैं.
आवारापन 2 और बंटवारा 1947 सोमवार को ठीक-ठाक कमाई करने के बाद, मंगलवार को अपना दम दिखाने में कामयाब हुई है. दोनों ही फिल्मों की कमाई में अच्छा इजाफा हुआ है, जो ये साबित करता है कि फिल्म को स्पेशल टिकट ऑफर का फायदा मिला है.
दिलजीत दोसांझ के गीतों से लेकर सनी देओल की फिल्मों तक, सिनेमा 1947 का दर्द बयां करने का प्रयास करता है. बंटवारे की हकीकत सामूहिक आत्मदाह, जलती ट्रेनों और लहूलुहान काफिलों के खौफ से जुड़ी है. घाव इतने गहरे हैं कि इतिहास की यह टीस कभी किसी पर्दे पर साझा नहीं हो सकती.
पहले वीकेंड दमदार कमाई के बाद इमरान हाशमी की आवारापन 2 अपने पहले मंडे बुरी तरह गिरी है. ज्यादा शोज के बावजूद, चौथे दिन लोग थिएटर इस फिल्म को देखने नहीं पहुंचे. वहीं सनी देओल की बंटवारा 1947 का भी बुरा हाल रहा.
बंटवारा 1947 वर्सेज आवारापन 2 की बॉक्स ऑफिस भिड़ंत में इमरान की फिल्म आसानी से बाजी मार गई है. पहले हफ्ते उसने सनी देओल की पिक्चर से करीब तीन गुना ज्यादा कमाई की है. तीसरे दिन दोनों ही फिल्मों का हाल कैसा रहा? आइए, आपको बताते हैं...
आवारापन 2 की दीवानगी दूसरे दिन भी थमने का नाम नहीं ले रही है. फिल्म ने दो दिनों में ही आराम से बंटवारा 1947 को काफी पीछे छोड़ दिया है. बॉक्स ऑफिस की रेस में इमरान के सामने सनी देओल फीके नजर आए हैं.
बॉक्स ऑफिस की इस महाजंग में ये कहना गलत नहीं होगा कि देशभक्ति पर नॉस्टेल्जिया भारी पड़ा है. इमरान की आवारापन 2 का जादू लोगों के सिर इस कदर चढ़ा कि उस तूफान में सनी देओल की बंटवारा 1947 भी मुश्किलों का सामना कर गई.
भारत देश को आजाद हुए 79 साल बीत गए हैं. लेकिन एक दर्द आज भी लोगों के मन में जिंदा है- बंटवारा. आज ही के दिन 14 अगस्त को देश के दो हिस्से हुए, भारत-पाकिस्तान. नफरत की आग में कई लोग जले, लेकिन कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने धर्म भुलाकर इंसानियत दिखाई. उसी इंसानियत से जुड़ी एक कहानी 'बंटवारा 1947' फिल्म के रूप में आई है. कैसी है ये फिल्म? पढ़िए हमारा रिव्यू...
बॉक्स ऑफिस पर तो आवारापन 2 और बंटवारा 1947 भिड़ने के लिए तैयार है. मगर उससे पहले भिड़ंत की शुरुआत एडवांस बुकिंग से हो चुकी है. इमरान हाशमी की फिल्म अभी केे लिए सनी देओल की फिल्म से आगे नजर आ रही है. पहले दिन दोनों में से कौन सी फिल्म बड़ी ओपनिंग लेगी?
प्रीति जिंटा ने केबीसी के मंच पर देओल परिवार से जुड़ा अपना एक किस्सा सुनाया, जब उन्हें सनी देओल से बुरी तरह डांट पड़ी थी. इसके पीछे की वजह बॉबी देओल थे. एक्ट्रेस ने पूरी कहानी में क्या-क्या कहा? आप भी सुनिए...
राजकुमार संतोषी की आने वाली ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म 'बंटवारा 1947' भारत के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसमें सनी देओल, प्रीति ज़िंटा, अली फजल और अभिमन्यु सिंह लीड भूमिकाओं में हैं.
आमिर खान और प्रीति जिंटा का एक पैप वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया कि एक्ट्रेस ने सुपरस्टार को इग्नोर किया और वहां से भाग गईं. अब प्रीति ने उन दावों को खारिज करके फटकार लगाई है.
फिल्म रैप में पढ़ें बॉलीवुड की बड़ी खबरें- रवि किशन के बयान ने नेटिजन्स को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर दिया है क्योंकि उन्होंने वायरल क्लिप पर रिएक्शन दिया है. कुनिका सदानंद ने हाल ही में वायरल हुए कांवड़ियों के हिंसक वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
सनी देओल की 2001 की फिल्म गदर भी बंटवारे के ईर्द-गिर्द बुनी गई थी. अनिल शर्मा निर्देशित गदर में सनी ने तारा शर्मा नाम के भारतीय सिख युवक की भूमिका निभाई थी, जो अपनी पत्नी के लिए सरहद पार जाता है. बटंवारे 1947 के ट्रेलर में भी हमें सनी देओल को लड़ते देखा है. लेकिन इन दोनों फिल्मों की तुलना को वो खारिज करते हैं.
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
'बंटवारा 1947' की एक्ट्रेस कनिका कपूर ने कियारा आडवाणी के साथ अपनी तुलना पर रिएक्शन दिया है. लोगों ने उन्हें कियारा समझ लिया था और सवाल उठाया था कि क्या पोस्टर AI से बनाया गया है.
सनी देओल अपनी फिल्म बंटवारा 1947 के लिए पटना आए थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की. वहां उनसे फिल्म की शूटिंग से लेकर पाकिस्तान पर कुछ बात करने के लिए कहा गया, जिसपर उन्होंने बोलने से साफ इनकार किया.
पर्दे पर पाकिस्तान को ललकारने वाले सनी देओल ने जब-जब मुस्लिम किरदार निभाया, तब-तब उन्होंने इंसानियत और फर्ज की नई मिसाल पेश की. 'बंटवारा 1947' में सिकंदर मिर्जा बनने से लेकर 'खुदा कसम' के हुसैन तक...आइए जानते हैं सनी देओल के उन किरदारों के बारे में जब उन्होंने अलग अंदाज से गदर मचाया.
'बंटवारा 1947' के ट्रेलर में सनी देओल इस बार मुस्लिम सिकंदर मिर्जा के किरदार में नजर आ रहे हैं. फिल्म में वह एक बुजुर्ग मां की हिफाजत के लिए अपनी ही कौम से भिड़ते हैं. जानिए क्यों ट्रेलर देखकर फैंस को 'गदर' और तारा सिंह की याद आ रही है.