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फैक्ट चेक: अजित पवार के पार्थिव शरीर का नहीं है ये वीडियो, ये रही इसकी सच्चाई

बारामती प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो को अजित पवार का शव अस्पताल से बाहर ले जाने का बताया गया. आजतक की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल वीडियो की पड़ताल की और दावों का सच्चाई का पताया लगाया है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये अजित पवार के शव को अस्पताल से बाहर लाए जाने का वीडियो है. 
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो मुंबई के मुलुंड का है जहां सुनील पाटणकर नाम के एक व्यक्ति की मौत के बाद उनके परिवार ने उनके अंगों को दान किया था. 

बारामती प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद से ही किसी व्यक्ति के शव को स्ट्रेचर पर ले जाते अस्पतालकर्मियों का एक वीडियो खूब शेयर हो रहा है. इसमें कई सारे पुलिसवाले सलामी देते दिख रहे हैं. आसपास खड़े लोग शव पर फूल रख रहे हैं और एक फोटोग्राफर, तस्वीरें ले रहा है.

टाइम्स नाउ नवभारतnews9live और न्यूज डेली 24 जैसे न्यूज आउटलेट्स ने इस वीडियो को अजित पवार के शव को अस्पताल से बाहर लाए जाने का वीडियो बताकर शेयर किया.  

कई सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अजित पवार को श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

fact check

लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो बारामती का है और न ही अजित पवार की आकस्मिक मृत्यु से संबंधित है. ये मुंबई के मुलुंड का वीडियो है जहां सुनील पाटणकर नाम के एक व्यक्ति की मौत के बाद उनके परिवार ने उनके अंगों को दान किया था. गौरतलब है कि जहां सुनील की मौत 23 जनवरी को हुई थी वहीं अजित पवार की मौत 28 जनवरी को एक विमान हादसे में हुई थी.    

कैसे पता लगाई सच्चाई?  

हमने देखा कि वीडियो पर प्रतिक्रिया दे रहे कई लोग लिख रहे हैं कि ये वीडियो मुलुंड स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल का है जहां बदलापुर निवासी सुनील पाटणकर की मृत्यु के बाद उनके परिवार ने उनके अंगों को दान किया था.

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इस जानकारी के आधार पर मराठी कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें इसका लंबा वर्जन, बदलापुर, महाराष्ट्र की रहने वाली नेत्रा नरवणे नामक महिला के फेसबुक अकाउंट पर मिला. उन्होंने इसे 26 जनवरी को पोस्ट किया था. यहां वीडियो के साथ उन्होंने मराठी भाषा में कैप्शन लिखकर इसके बारे में विस्तार से बताया है. उनकी पोस्ट के मुताबिक, 23 जनवरी को उनकी सहेली और भरतनाट्यम डांस टीचर सुप्रिया पाटणकर के पति सुनील पाटणकर की ब्रेन हैमरेज से मृत्यु हो गई. सुनील का इलाज मुलुंड के फोर्टिस हॉस्पिटल में चला था. इस अनहोनी के बाद हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने सुप्रिया और उनके बेटे से पूछा कि क्या वो सुनील के अंगों को दान करना चाहती हैं. सुप्रिया इसके लिए तैयार हो गईं. अंगदान से जुड़ी प्रक्रिया 24 जनवरी को हुई. प्रक्रिया के बाद हॉस्पिटल के स्टाफ ने गुला​ब के सफेद फूलों से सुनील को श्रद्धांजलि दी. ये फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड का 2026 का पहला अंगदान था. प्रक्रिया के बाद सुनील के पार्थिव शरीर को बदलापुर स्थित उनके पैतृक निवास ले जाया गया.


हमें इस मामले से संबंधित गणेश हिंगे नाम के व्यक्ति का फेसबुक पोस्ट भी मिला. गणेश ने 25 जनवरी के इस पोस्ट में लिखा था कि उनके 49 वर्षीय दोस्त सुनील को 19 जनवरी को ब्रेन स्ट्रोक हुआ था और 23 जनवरी को उनकी मौत हो गई. उन्होंने सुनील की कई तस्वीरें और उनके गाने के वीडियो भी शेयर किए थे.

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अलग हैं दोनों अस्पताल  

गणेश हिंगे और नेत्रा नरवणे दोनों ने अपने पोस्ट में बताया है कि ये वीडियो फोर्टिस हॉस्पिटल, मुलुंड का है.  

वीडियो में भी ऐसे क्लू हैं जिनसे पता लगता है कि ये वीडियो फोर्टिस हॉस्पिटल का है.  इसमें एक दीवार पर 'A Tribute to Organ Donors' लिखा हुआ है. इसके बारे में सर्च करने पर हमें पता लगा कि फोर्टिस के कई अलग-अलग अस्पतालों में इस तरह की दीवार है, जिसके जरिये अंग दान करने वालों को श्रद्धांजलि दी जाती है.  

वहीं, खबरों के मुताबिक अजित पवार को विमान हादसे के बाद बारामती स्थित पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी हॉस्पिटल ले जाया गया था, न कि फोर्टिस.  

हमने वायरल वीडियो आजतक के बारामती संवाददाता बसंत मोरे को भी भेजा. उन्होंने भी ये बताया कि ये वीडियो अजित पवार से संबंधित नहीं है. 

इस तरह ये बात साबित हो जाती है कि सुनील पाटणकर नामक व्यक्ति की मृत्यु के बाद उनके अंगदान के बाद उनका शव ले जाने का वीडियो अब अजित पवार की मौत के संदर्भ में शेयर किया जा रहा है.

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