देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े यूजीसी के नए नियमों का भारी विरोध हो रहा है. देशभर में सामान्य वर्ग से जुड़े लोग सड़कों पर हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दरअसल हाल ही में यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन 2026' के रूप में नये नियम लागू किए हैं. इसका मकसद शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना और समानता को बढ़ावा देना बताया गया है.
जहां एक पक्ष इसकी सराहना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जनरल कैटेगरी के लोगों में इसके खिलाफ भारी रोष है. इसी संदर्भ में यूजीसी के इन नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन का बताकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल है. वीडियो में कुछ लोग पीएम मोदी और अमित शाह के पोस्टर पर काली स्याही डालते हुए नजर आ रहे हैं. लोग हाय-हाय और मुर्दाबाद के नारे लगाते भी दिखाई दे रहे हैं.
वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोतने वाले कांग्रेसी, मुस्लिम, दलित, या आदिवासी नहीं बल्कि सवर्ण वर्ग के लोग हैं. कारण ये है कि सरकार दलित वर्ग को सुरक्षित रखने के लिए UGC बिल लाई है जिसका ये विरोध कर रहे हैं. मैंने तो पहले ही कहा था भाजपा वाले किसी के सगे नहीं होते.”
हालांकि आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये दिसंबर 2025 का वीडियो है जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेशनल हेराल्ड मामले पर बीजेपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया था.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये ‘Khabar Wali’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला. यहां इसे 17 दिसंबर, 2025 को पोस्ट किया गया था. यानि एक बात तो यहीं साफ हो जाती है कि ये वीडियो पुराना है और यूजीसी के नए नियमों से संबंधित नहीं हो सकता है क्योंकि ये नियम 13 जनवरी, 2026 को जारी हुए थे. यहां इसे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के एक प्रदर्शन का बताया गया है.
विकास उपाध्याय नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने 17 दिसंबर, 2025 को वायरल वीडियो से मिलती-जुलती कुछ तस्वीरें शेयर की थीं. इन तस्वीरों में मोदी-शाह के पोस्टर्स पर काली स्याही लगाते वो लोग दिखाई देते हैं जिन्हें वीडियो में भी देखा जा सकता है. कैप्शन के मुताबिक नेशनल हेराल्ड मामले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर में बीजेपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. विकास की प्रोफाइल से पता चलता है कि वो कांग्रेस के नेता हैं.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो को देखा जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, छात्र इकाई एनएसयूआई समेत कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने रायपुर में नेशनल हेराल्ड मामले पर बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी और अमित शाह के पोस्टर पर स्याही पोती थी. इस दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी यहां मौजूद थे. कांग्रेस नेताओं ने इस मामले पर राजनीतिक द्वेष के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाया था. वहीं बघेल ने जांच एजेंसियों पर सवाल खड़े किये थे.

यानि साफ है कि ये वीडियो पुराना है और इसका यूजीसी के नए नियमों से कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि ये बात भी सच है कि यूजीसी के इन नियमों का काफी विरोध भी हो रहा है और अलग-अलग जगह प्रदर्शन भी हो रहे हैं.