
दिल्ली के कड़कड़डूमा में तख्तियां लेकर 'काला कानून वापस लो' जैसे नारे लगाते वकीलों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है. कुछ लोगों का कहना है कि ये वीडियो यूजीसी मामले को लेकर हुए वकीलों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित है. इसमें वकीलों ने जो तख्तियां पकड़ रखी हैं, उन पर लिखा है- 'तानाशाही नहीं चलेगी'.
एक एक्स यूजर ने इसे शेयर करते हुए लिखा, "दिल्ली कोर्ट LIVE. वकीलों ने भी UGC के खिलाफ बगावत कर दी है."

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो अगस्त 2025 का है जब दिल्ली के वकीलों ने एलजी के एक आदेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो में कुछ वकील एक तख्ती पकड़े हुए हैं जिस पर लिखा है, "पुलिस स्टेशन विटनेश बॉक्स नहीं है". साथ ही, इसमें एक व्यक्ति नारा लगाता है, "एलजी तेरी तानाशाही, नहीं चलेगी, नहीं चलेगी". इस स्लोगन और इस नारे से ही इस बात का अंदाजा लग जाता है कि ये वीडियो यूजीसी मामले से नहीं बल्कि किसी और मामले से संबंधित है.

वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से ये हमें 27 अगस्त के कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में मिला.
दरअसल, दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने 13 अगस्त, 2025 को एक अधिसूचना जारी करके पुलिसवालों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये थाने से ही अदालत के सामने गवाही देने या साक्ष्य दर्ज कराने की अनुमति दी थी.
इस आदेश को लेकर वकीलों ने काफी नाराजगी जताई थी और 25 अगस्त को पूर्ण हड़ताल करने का ऐलान किया था. खबरों के अनुसार, उस वक्त वकीलों का मानना था कि इस कानून से न्यायिक पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो जाएगी. उनका मत ये भी था कि कोर्ट को ये तक पता नहीं चल पाएगा कि बयान देने वाले अधिकारी के आसपास कौन मौजूद है और गवाही स्वतंत्र है या दबाव में दी जा रही है.
इस मामले को लेकर दिल्ली के सातों जिला न्यायालयों में वकीलों ने प्रदर्शन किए थे. हमें इन प्रदर्शनों से संबंधित और भी कई वीडियो मिले जिनमें वायरल वीडियो जैसे ही पोस्टर देखे जा सकते हैं और वही नारे सुने जा सकते हैं.
इंडिया 24 खबर न्यूज पोर्टल के पत्रकार ने 26 अगस्त, 2025 को कड़कड़डूमा कार्ट के बाहर हुए इस प्रदर्शन की लाइव रिपोर्टिंग की थी और वकीलों से बातचीत की थी.
यूजीसी को लेकर वकील कर रहे हैं प्रदर्शन
हमें कुछ ऐसी खबरें मिलीं जिनके मुताबिक अलग-अलग जिलों में वकीलों ने, यूजीसी के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं. जैसे, प्रतापगढ़ में कलेक्ट्रेट में वकीलों ने यूजीसी कानून के खिलाफ नारेबाजी की और जुलूस निकाला. इसी तरह, मऊ के घोसी तहसील परिसर में भी वकीलों ने प्रदर्शन किया.
लेकिन इतनी बात तय है कि वायरल वीडियो यूजीसी प्रदर्शनों से संबंधित नहीं है.