
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है. कोर्ट ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया है और 19 मार्च तक जवाब मांगा है. तब तक 2012 वाला पुराना नियम लागू रहेगा.
यूजीसी के नए नियमों को लेकर बीजेपी में भी अंदरखाने काफी हलचल देखी गई. विरोध में बूथ लेवल के कई बीजेपी नेताओं ने इस्तीफे दिए. बीजेपी नेता मीडिया से बचते भी दिखे. नियमों के विरोध में बीजेपी के खिलाफ देशभर में आक्रोश देखा गया.
अब यूजीसी पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान बताकर सोशल मीडिया पर एक पोस्टकार्ड खूब शेयर किया जा रहा है. पोस्टकार्ड पर लिखा है - “मोदी जी और हमारी पार्टी अंतिम सांस तक UGC क़ानून लागू करने के लिए लड़ते रहेंगे दलित पिछड़े आदिवासी सभी लोग हमारे उपर भरोसा रखिए.”
फेसबुक पर इसे शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “लो अब खुद ही पढ़ लो. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान- मोदी सरकार UGC कानून लागू कराने के लिए अंतिम सांस तक लड़ेगी. दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज से भरोसा रखने की अपील, सरकार को बताया उनका सच्चा हितैषी.” ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये पोस्टकार्ड फर्जी है. उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया.
कैसे पता की सच्चाई?
हमें ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें केशव प्रसाद मौर्य के ऐसे किसी बयान के बारे में बताया गया हो. पोस्टकार्ड को गौर से देखने पर हमें इसमें कुछ गड़बड़ियां नजर आईं.
मिसाल के तौर पर इसमें वाक्यों में कहीं भी अल्प विराम या पूर्ण विराम (फुल स्टॉप) नहीं हैं.
इस पोस्टकार्ड पर NBT यानि नवभारत टाइम्स का लोगो लगा हुआ है. NBT के पोस्टकार्ड को देखने पर साफ पता चलता है कि इसके फॉन्ट वायरल हो रहे पोस्टकार्ड से बिल्कुल मेल नहीं खाते हैं.
हमें NBT का वो असली पोस्टकार्ड भी मिला गया जिसमें एडिटिंग करके ये फर्जी पोस्टकार्ड बनाया गया है. असली पोस्टकार्ड में केशव मौर्य के हवाले से लिखा है - “जहां कमल खिल गया वहां पर कमल खिला रहेगा और जहां नहीं खिला है वहां पर पीएम मोदी के मार्गदर्शन और नितिन नबीन के नेतृत्व में कमल खिलेगा.” NBT ने ये पोस्टकार्ड 20 जनवरी को शेयर किया था.

वहीं यूजीसी मामले पर केशव प्रसाद मौर्य ने हाल ही में कहा, “UGC ने जो आदेश जारी किया था, उस पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है. कोर्ट के इस फैसले पर कोई टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है. जो आदेश होगा उसका सरकार पालन करेगी.” NBT ने पोस्टकार्ड 29 जनवरी को शेयर किया था.
यानि साफ है कि वायरल हो रहा पोस्टकार्ड फर्जी है. असली पोस्टकार्ड से छेड़छाड़ करके इसमें केशव प्रसाद मौर्य का असली बयान हटाकर एक मनगढ़ंत बयान छाप दिया गया है.