दुनिया भर के करोड़ों फैन्स को अपने खेल से झूमने को मजबूर करने वाले लियोनेल मेसी पर इस समय दुखों का पहाड़ टूटा हुआ है. दरअसल, कुछ दिन पहले ही मेसी के पिता और बिजनेस मैनेजर जॉर्ज मेसी का 68 साल की उम्र में निधन हो गया था.
पिता के जाने के बाद मेसी ने इंस्टाग्राम पर पहली बार दिल का दर्द बयां किया है. मेसी ने कुछ ऐसा लिखा जिसे पढ़कर किसी भी इंसान की आंखें नम हो जाएं. मेसी ने लिखा कि वह इस भारी नुकसान को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह अपने पिता के बिना जीवन में आगे कैसे बढ़ेंगे.
'हर कदम पर पापा का हाथ था'
मेसी ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उनके पिता ही थे जो दिन भर काम करने के बाद भी उन्हें ट्रेनिंग के लिए ले जाते थे. उन्होंने मैदान के हर छोटे-बड़े पल में मेसी का साथ निभाया. मेसी ने कहा कि जॉर्ज सिर्फ मेरे पिता नहीं थे, वे मेरे सबसे अच्छे दोस्त, मार्गदर्शक और एजेंट भी थे. हम रोज बातें करते और आपस में सलाह लेते थे.
पिता का वो सपना जो अधूरा रह गया
अपनी इस पोस्ट में मेसी ने एक बेहद दर्दनाक राज से पर्दा उठाया. उनके पिता की सबसे बड़ी इच्छा मेसी को एक और वर्ल्ड कप खेलते देखने की थी. वे बीमारी की हालत में भी बार-बार मेसी से कहते थे कि वे मैदान पर उतरें. वर्ल्ड कप शुरू होने से ठीक कुछ दिन पहले उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई.
मेसी को थी पापा के ठीक होने की उम्मीद
मेसी मैच दर मैच जीत हासिल करते रहे और मन में यह उम्मीद जगाए रखी कि टीम आगे बढ़ेगी तो पापा ठीक होकर मैच देखने आ पाएंगे. मेसी हर मैच के बाद फोन में अपने पिता के मैसेज का इंतजार करते थे, लेकिन फिर उन्हें अहसास हुआ कि हालात हाथ से निकल चुके हैं.
अर्जेंटीना की टीम फाइनल तक पहुंची. मेसी बस ट्रॉफी जीतकर अपने पापा के हाथों में सौंपना चाहते थे... लेकिन अर्जेंटीना फाइनल हार गई और मेसी का यह सपना भी अधूरा रह गया. पिता के जाने के बाद मेसी ने अपने करियर को लेकर जो बात कही है, उसने फुटबॉल जगत को चिंता में डाल दिया है. मेसी ने संकेत दिए हैं कि वे फुटबॉल से संन्यास ले सकते हैं.
उन्होंने लिखा कि पापा, मुझे नहीं पता कि आपके बिना मैं क्या करूंगा. मुझे नहीं पता कि अब आगे कैसे बढ़ना है. मेसी ने साफ कहा कि उनके मन में अब आगे फुटबॉल खेलते रहने को लेकर संदेह हैं.