भारत में अगस्त 2026 में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है. IMD ने अपने नए अनुमान में कहा है कि अगस्त में देशभर में औसत बारिश सामान्य बारिश के 94% से भी कम रह सकती है. अगस्त में सामान्य तौर पर 254.9 मिलीमीटर बारिश होती है. IMD के मुताबिक, बारिश कम रहने की एक बड़ी वजह प्रशांत महासागर में बना अल-नीनो है. इसके अगस्त तक बने रहने और सितंबर में और मजबूत होने का अनुमान है.
यह अनुमान जुलाई में हुई करीब सामान्य बारिश के बाद आया है. जुलाई में कई लो प्रेशर सिस्टम और मॉनसूनी डिप्रेशन बने थे. इनकी वजह से कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई और अल-नीनो के असर को कुछ हद तक कम किया जा सका. लेकिन अब अगस्त और सितंबर में मॉनसून कमजोर रहने का अनुमान है. हालांकि, कुछ इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश भी हो सकती है.
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जुलाई में मॉनसून ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया था. कई मौसम सिस्टम बनने की वजह से देश में बारिश का आंकड़ा संभला रहा. लेकिन अगस्त में स्थिति बदल सकती है. IMD के मुताबिक, देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य या ज्यादा बारिश हो सकती है.

अगस्त में कम बारिश का अनुमान
अगस्त में देशभर में सामान्य बारिश 254.9 मिलीमीटर मानी जाती है. अगस्त और सितंबर को मिलाकर भी बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है. इन दोनों महीनों में सामान्य बारिश 422.8 मिलीमीटर होती है. IMD का अनुमान है कि इस बार बारिश सामान्य के 94 फीसदी से कम रह सकती है.
कम बारिश का असर पूरे देश में एक जैसा नहीं होगा. दक्षिणी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों, उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी इलाकों और पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है. इसका मतलब है कि देश का औसत बारिश का आंकड़ा कम रहने के बावजूद कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है.
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अल-नीनो बिगाड़ रहा बारिश का खेल
प्रशांत महासागर में बना अल-नीनो अगस्त तक मध्यम स्तर पर बना रह सकता है. सितंबर में इसके और मजबूत होने का अनुमान है. कई मौसम मॉडल बता रहे हैं कि अल-नीनो 2027 की शुरुआत तक बना रह सकता है. अल-नीनो का असर भारत के मॉनसून पर पड़ सकता है. इसकी वजह से बारिश कम होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए अगस्त और सितंबर में अल-नीनो की स्थिति पर खास नजर रहेगी.

IOD से मिल सकती है थोड़ी राहत
मॉनसून के लिए एक अच्छी खबर इंडियन ओशियन डाइपोल यानी IOD से जुड़ी है. कई मौसम मॉडल सितंबर तक पॉजिटिव IOD बनने की संभावना बता रहे हैं.
पॉजिटिव IOD भारत में बारिश बढ़ाने में मदद कर सकता है और अल-नीनो के असर को कुछ कम कर सकता है. हालांकि, IMD का अपना मौसम मॉडल अभी IOD के न्यूट्रल रहने का अनुमान दे रहा है. इसलिए फिलहाल यह साफ नहीं है कि IOD का कितना असर पड़ेगा.
अब अगस्त और सितंबर की बारिश काफी अहम होगी. कम बारिश का असर खेती, जलाशयों और पानी की उपलब्धता पर पड़ सकता है. वहीं कुछ इलाकों में अगर सामान्य से ज्यादा बारिश होती है तो वहां स्थिति बेहतर रह सकती है. फिलहाल IMD का अनुमान है कि मॉनसून के दूसरे हिस्से में देशभर में बारिश सामान्य से कम रह सकती है. आने वाले हफ्तों में अल-नीनो और IOD की स्थिति से साफ होगा कि मॉनसून आगे कैसा रहता है.