जयपुर में एक पुरानी हवेली की तुड़ाई के दौरान सामने आए खजाने की कहानी अब किसी फिल्मी पटकथा जैसी लगने लगी है. माणक चौक इलाके में मलबे से निकली चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्के और हजारों पुराने चांदी के सिक्कों के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 66.400 किलो चांदी की सिल्लियां बरामद की हैं.
यह मामला 15 जुलाई 2026 को माणक चौक थाने में दर्ज हुआ था. पुलिस के अनुसार, विद्याधर का रास्ता स्थित एक पुरानी हवेली को गिराकर नया निर्माण कराया जा रहा था. तुड़ाई के दौरान मलबे में बड़ी मात्रा में कीमती सामान मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद पूरे मामले ने सनसनी फैला दी थी.
हवेली मालिक ने रखी तो ये शर्त
पुलिस के अनुसार, परिवादी राहुल सेठी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर नया भवन बनाने के लिए एक फर्म के साथ एग्रीमेंट किया गया था. फर्म की ओर से तुड़ाई का काम महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा गया था. शिकायत में कहा गया कि भवन तुड़ाई शुरू होने से पहले राहुल सेठी ने महेश मल्होत्रा को साफ कहा था कि यदि तोड़फोड़ के दौरान कोई भी कीमती सामान निकलता है तो उसे तत्काल उन्हें सौंप दिया जाए.
10-15 चांदी की सिल्लियां और मिले स्वर्ण कलश
हालांकि, बाद में राहुल सेठी को जानकारी मिली कि तुड़ाई के दौरान मलबे से लगभग 10-15 चांदी की सिल्लियां, जिनका वजन करीब 40-45 किलोग्राम था, 14-15 स्वर्ण कलश जिनमें सोने के सिक्के भरे हुए थे, लगभग 8-10 हजार पुराने चांदी के सिक्के और अन्य बहुमूल्य संपत्ति मिली थी.
आरोप है कि महेश मल्होत्रा ने यह सामान अपने सहयोगियों अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा के साथ मिलकर खुदबुर्द कर लिया. आरोप है कि कीमती सामान मिलने के बाद इसे मालिक को देने के बजाय अपने साथियों के साथ मिलकर छिपाने और बेचने की योजना बनाई गई.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर करीब 10-15 चांदी की सिल्लियां, जिनका वजन लगभग 40-45 किलो बताया गया, 14-15 सोने के सिक्के और करीब 8-10 हजार पुराने चांदी के सिक्के समेत अन्य कीमती सामान अपने कब्जे में ले लिया.
न CCTV न गवाह, अचानक आई 'अमीरी' से मिला सुराग
इस मामले की सबसे दिलचस्प कड़ी यह रही कि घटना के बाद पुलिस के पास तत्काल कोई ठोस सबूत नहीं था. न घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध था और न ही पर्याप्त प्रत्यक्ष गवाह. ऐसे में पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डालने के बजाय तकनीकी जांच का सहारा लिया.
जांच अधिकारियों ने संदिग्धों की मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन, आपसी संपर्क, गतिविधियों और आर्थिक लेनदेन की गहन पड़ताल शुरू की. मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया और जयपुर सहित आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई.
पुलिस को जांच के दौरान सबसे बड़ा सुराग आरोपियों की बदली हुई आर्थिक स्थिति से मिला. जिन लोगों की पहले आर्थिक गतिविधियां सामान्य थीं, वे अचानक बड़े स्तर पर लेनदेन करने लगे. इसी बदलाव ने पुलिस का शक गहरा दिया.
गिरफ्तार आरोपी और अब तक की बरामदगी
डीसीपी करण शर्मा ने बताया कि संदिग्धों की आर्थिक गतिविधियों में आए बदलाव और संदिग्ध लेनदेन की कड़ियां सामने आने के बाद जांच को नई दिशा मिली. लगातार निगरानी और पूछताछ के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया.
पुलिस ने आरोपी महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू, जगदीश राजोरिया, ओमप्रकाश खींची, अनुज अरोड़ा और रजनी मल्होत्रा को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 66.400 किलो चांदी की सिल्लियां बरामद कर जब्त की गई हैं. फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है.
अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि हवेली से मिला कुल कीमती सामान कितना था. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसमें से कितना सामान बेचा जा चुका है, कितना बरामद हुआ है और बाकी सामान कहां गायब हुआ. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मामले में आगे और भी बरामदगी हो सकती है.