राजस्थान के अलवर में सस्ते दाम पर अच्छी लोकेशन में प्लॉट दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार किया है. आरोपी पर एक व्यक्ति से 12 लाख 75 हजार रुपये लेकर फर्जी तरीके से प्लॉट बेचने का आरोप है. मामले में पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों और गिरोह से जुड़े लोगों की भी जांच कर रही है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद को प्लॉट का मालिक बताकर परिवादी से जमीन बेचने का सौदा किया. सौदा तय होने के बाद उसने 12.75 लाख रुपये ले लिए. बाद में जब परिवादी बताए गए प्लॉट पर पहुंचा तो उसे पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है.
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ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में जुट गई.
हरियाणा से आरोपी गिरफ्तार
अलवर के पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी की पहचान 37 वर्षीय नवीन सैनी पुत्र रामप्रसाद सैनी के रूप में हुई. वह हरियाणा के रोहतक जिले की दीप कॉलोनी, सिविल लाइन थाना क्षेत्र का रहने वाला है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को अच्छी लोकेशन पर कम कीमत में प्लॉट दिलाने का लालच देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठता था. परिवादी की शिकायत पर कोतवाली थाने में मुकदमा संख्या 356/2026 दर्ज किया गया. मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 316(2) और 61(2) के तहत दर्ज किया गया है.
पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था. उसकी तलाश में टीम हरियाणा पहुंची, जहां उसे पकड़ने के लिए दबिश दी गई.
पुलिस को देखकर भागने लगा आरोपी
पुलिस के मुताबिक, टीम को देखते ही आरोपी मौके से भागने लगा. हालांकि पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उसे पूछताछ के लिए अलवर लाया गया.
जांच एजेंसियां अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उसने इसी तरह कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है. साथ ही उसके साथ जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
पुलिस का कहना है कि मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है. आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
अन्य मामलों की भी होगी जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं. जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि आरोपी अकेले काम करता था या उसके साथ कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय था.
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य पीड़ितों या सहयोगियों के नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है.