दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में देश के कई शहरों में प्रदर्शन देखने को मिला. भोपाल, अहमदाबाद, झांसी, रांची, बेंगलुरु और मुंबई समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई. कई जगह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि हरियाणा के करनाल और नूंह में दिल्ली जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने की कार्रवाई सामने आई. दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाए जाने के बीच यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
भोपाल: शाहपुरा पार्क में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में CJP कार्यकर्ताओं ने शाहपुरा पार्क में प्रदर्शन कर लोकतंत्र और संविधान बचाने के नारे लगाए. दिल्ली में जारी आंदोलन के समर्थन में जुटे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की.
प्रदर्शन के दौरान ‘लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ’ और 'गो ज्ञानू गो' जैसे नारे लगाए गए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित वोट चोरी के मुद्दे पर है.
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में आंदोलन कर रहे CJP कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है. कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग दोहराई. देखें VIDEO:-
अहमदाबाद: GenZ का प्रदर्शन
गुजरात के अहमदाबाद में एलिसब्रिज इलाके में एमजे लाइब्रेरी के पास GenZ प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर सवाल उठाए. विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने महिलाओं समेत विरोध करने पहुंचे कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई, ताकि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.
झांसी: सड़कों पर उतरे सपा कार्यकर्ता
उत्तर प्रदेश के झांसी में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे आंदोलन का असर देखने को मिला. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता स्थानीय विवाहघर लक्ष्मी गार्डन में एकत्रित हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए पैदल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे. यहां कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की. प्रदर्शनकारियों के हाथों में पार्टी के झंडे, पोस्टर और तख्तियां थीं.
सपा जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशन में यह प्रदर्शन किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान द्वारा दिए गए मतदान के अधिकार को छीना जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शन में महिला नेत्री राखी भी शामिल रहीं. हालांकि, मौके पर कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी नजर नहीं आई, जबकि सपा की ओर से इंडिया गठबंधन के संयुक्त प्रदर्शन का दावा किया जा रहा था. देखें VIDEO:-
बरेली: रेलवे स्टेशन पर पुलिस की निगरानी
उत्तर प्रदेश के बरेली में दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी नजर आई. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनें निरस्त किए जाने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. अचानक ट्रेनों के रद्द होने के कारण कई यात्री बरेली जंक्शन पर इंतजार करते दिखे, जबकि कुछ लोगों को आगे की यात्रा के लिए बस और निजी टैक्सी का सहारा लेना पड़ा. प्रदर्शनकारियों को दिल्ली जाने से रोकने की आशंका के बीच कोतवाली क्षेत्र की पुलिस रेलवे स्टेशन पहुंची और दिल्ली रूट की ट्रेनों पर निगरानी रखी. हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने इस मामले में मीडिया को बयान देने से इनकार कर दिया.
रांची: कांग्रेस मुख्यालय का घेराव
झारखंड की राजधानी रांची में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. यह विरोध जेएनयू के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर किया गया. भाजपा महिला मोर्चा, रांची महानगर जिला की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव करते हुए बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की. इस दौरान कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस मुख्यालय के बाहर राजनीतिक तनाव का माहौल देखने को मिला. देखें VIDEO:-
बेंगलुरु: SIR के खिलाफ मार्च
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विभिन्न छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. AISA, SFI, AIDSO और AISF के संयुक्त आह्वान पर प्रदर्शनकारियों ने केआर सर्कल के पास स्थित चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकते हुए हिरासत में ले लिया. प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखने को मिली. उन्होंने कर्नाटक सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग भी उठाई.

मुंबई: अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ. यहां प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया और कई पुलिस वाहनों के जरिए उन्हें थाने ले जाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में बड़ी संख्या वरिष्ठ नागरिकों की थी. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से वहां आने का कारण पूछा और उनके दस्तावेजों की जांच की. देखें एक VIDEO:-
करनाल: दिल्ली जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोका
हरियाणा के करनाल में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया. इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सेक्टर-32 में सड़क पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. कांग्रेस नेता रघुवीर संधू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने प्रदर्शन को देखते हुए मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित की, फिर भी बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता जंतर-मंतर जाना चाहते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें आगे बढ़ने नहीं दे रही है. संधू ने दावा किया कि यदि उन्हें दिल्ली जाने की अनुमति नहीं दी गई तो वे करनाल में ही धरने पर बैठे रहेंगे.
लुधियाना: चार ट्रेनें रद्द बच्चों के साथ घंटों इंतजार करते रहे यात्री
पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर दिल्ली में प्रदर्शन का असर यात्रियों की परेशानी के रूप में दिखाई दिया. रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली जाने वाली चार ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जबकि करीब एक दर्जन ट्रेनें देरी से चल रही थीं. इसके चलते यात्रियों को चार से पांच घंटे तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा. कई परिवार छोटे बच्चों के साथ प्लेटफॉर्म पर बैठे रहे.
यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें ट्रेनों के रद्द होने, देरी और उनके पहुंचने के संभावित समय के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी. कुछ यात्री सुबह से ही अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे. स्टेशन अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वह अपने केबिन में मौजूद नहीं थे. स्टेशन मास्टर अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि वह मीडिया को जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं हैं. पूछताछ केंद्र पर भी संबंधित अधिकारी उपलब्ध नहीं मिला.
गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर: सिरहौल पर लंबा जाम
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने सघन जांच अभियान चलाया. दिल्ली पुलिस की ओर से एनएच-48 स्थित सिरहौल बॉर्डर पर सार्वजनिक परिवहन के वाहनों और संदिग्ध गाड़ियों की बारीकी से तलाशी ली गई. जांच अभियान के कारण जयपुर से दिल्ली की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. व्यस्त समय में जाम की स्थिति बनने से कार्यालय जाने वाले लोगों और आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के प्रयास किए. यात्रियों को दिल्ली की ओर निकलने से पहले अतिरिक्त समय लेकर चलने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई. देखें VIDEO:-
नूंह: कांग्रेस नेताओं पर पुलिस की घेराबंदी
हरियाणा के नूंह जिले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस और खुफिया विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी. रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर निगरानी शुरू कर दी गई थी. तावडू से गुरुग्राम की ओर जाने वाले रास्तों और सीमाओं पर नाके लगाकर जांच अभियान चलाया गया. पुलिस ने नूंह जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहीदा खान को उनके तावडू स्थित कार्यालय और शिकारपुर स्थित निवास पर हाउस अरेस्ट किया. युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुबीन खान तेड़िया को भी उनके घर पर नजरबंद किया गया. अन्य नेताओं के घरों के बाहर भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए.
मुबीन खान तेड़िया ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज से डर रही है और उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए नजरबंद किया गया है. वहीं, शहीदा खान ने नेताओं को हिरासत में लिए जाने और परेशान किए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए विरोध जारी रखने की बात कही. दूसरी ओर, नूंह पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सूचित किया था कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत धारा 163 लागू है और वहां धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. पुलिस अधिकारियों और खुफिया विभाग ने रातभर सक्रिय रहकर स्थिति पर नजर रखी.
दिल्ली में प्रदर्शन के समर्थन में देशभर में लामबंदी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के समर्थन में अलग-अलग शहरों में विरोध और पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आईं. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा था. इसके अलावा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर भी सवाल उठाए गए. CJP और विपक्षी दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया. वहीं, विभिन्न शहरों में पुलिस की रोकथाम, हिरासत, नेताओं को नजरबंद किए जाने और रेल सेवाओं में व्यवधान की खबरों के बीच राजनीतिक विवाद और गहरा गया.