बरेली
बरेली (Bareilly) भारत के राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक जिला और शहर है. इस जिले का मुख्यालय बरेली शहर है. यह उत्तर प्रदेश का एक मंडल भी है. इस जिले का क्षेत्रफल 4,120 वर्ग किलोमीटर है (Bareilly Geographical Area).
बरेली जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (Lok Sabha Constituency) और नौ विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं (Assembly Constituency).
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक बरेली की जनसंख्या (Population) लगभग 45 लाख है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 1,080 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 887 है. बरेली की 58.49 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 67.50 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 48.30 फीसदी है (Bareilly Literacy).
यह उत्तर प्रदेश में आठवां और भारत का 50वां सबसे बड़ा शहर है. बरेली प्राचीन रुहेलखंड का राजधानी मुख्यालय रहा है. महाभारत काल में बरेली जिले की तहसील आंवला का हिस्सा पांचाल क्षेत्र हुआ करता था. बरेली 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख केंद्र था (History).
बरेली कृषि उत्पादों का व्यापारिक केंद्र है और यहां चीनी प्रसंस्करण, कपास ओटने और गांठ बनाने जैसे कई उद्योग हैं. लकड़ी का फर्नीचर बनाने के लिए ये प्रसिद्ध है. बरेली शहर के करीब दियासलाई, लकड़ी से तारपीन का तेल निकालने के कारखाने हैं. यहाँ पर सूती कपड़े की मिलें और गन्धा बिरोजा तैयार करने के कारखाने भी है (Economy).
धार्मिक महत्व के चलते बरेली का खास स्थान है. नाथ सम्प्रदाय के प्राचीन मंदिरों के होने के कारण बरेली को नाथ नगरी भी कहा जाता है. शहर में विश्व प्रसिद्ध दरगाह आला हजरत स्थापित है, जो सुन्नी बरेलवी मुसलमानों की आस्था का प्रमुख केंद्र है. माना जाता है कि बरेली के पास स्थित प्राचीन दुर्ग नगर अहिच्छत्र में बुद्ध का आगमन हुआ था. यह जगह बरेली शहर से लगभग 40 किमी दूर है. यहीं पर एक बहुत पुराना किला भी है (Bareilly tourist Places).
राधेश्याम रामायण के प्रसिद्ध रचयिता पंडित राधेश्याम शर्मा कथावाचक इसी शहर के थे. मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और दिशा पटानी बरेली से ही हैं. चंदा मामा दूर के...जैसी बाल कविता के रचयिता साहित्यकार निरंकार देव सेवक भी बरेली के ही थे (Personalities).
बरेली में 9 साल के लंबे प्रेम प्रसंग के बाद हुई शादी का अंत महज 62 दिनों में कत्ल के साथ हुआ. आईवीआरआई के संविदाकर्मी जितेंद्र की उसकी पत्नी ज्योति ने गला दबाकर हत्या कर दी और इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को वेंटिलेटर से लटका दिया.
अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य का विवाद मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच योगी सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह ने बड़ा बयान देते हुए हुए उनपर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस के तहत काम कर रही है.
उत्तर प्रदेश के बरेली में पत्नी ने अपने पति की गला दबाकर हत्या कर दी. फिर शव को मफलर के सहारे कमरे में टांग दिया और सुसाइड की अफवाह फैला दी. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद पूरा मामला खुल गया.
यूजीसी कानून के विरोध में इस्तीफा देने वाले पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री कानपुर पहुंचे, जहां लोगों ने स्वागत किया. उन्होंने कहा आंदोलन पूरे देश में चलाया जाएगा और एससी-एसटी कानून वापस लेने का दबाव बनाया जाएगा. केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम और गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग की. योगी सरकार पर रुख नरम बताया और एक हफ्ते में दिल्ली कूच की चेतावनी दी.
बरेली में सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक एक युवक की जान पर भारी पड़ गया. नवाबगंज इलाके में हाईवे किनारे रखे बोल्डरों पर डांस करते समय पत्थर खिसक गए और युवक उनके नीचे दब गया. पूरी घटना मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जबकि मौके पर पहुंचे लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक युवक दम तोड़ चुका था.
सोशल मीडिया पर फेमस होने और पैसा कमाने की चाहत कई बार जानलेवा साबित हो रही है. बरेली के नवाबगंज कस्बे में एक युवक ने रोड के किनारे रखे बोल्डरों पर डांस किया, जो उसकी आखिरी नज़र बन गया. पत्थरों के फिसलने से युवक नीचे गिरा और बड़े सीमेंट के बोल्डर उसके ऊपर आ गिरे. इसका परिणाम उसकी दर्दनाक मौत के रूप में सामने आया. लोग सोशल मीडिया पर अलग दिखने के लिए खतरनाक करतब करते हैं, जो जीवन के लिए खतरा बनते जा रहे हैं.
बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ भीम आर्मी ने मोर्चा खोलते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया. संगठन ने उन पर जातिवादी मानसिकता, पद के दुरुपयोग और बाबा साहब की तस्वीर न लगाने का आरोप लगाया है. भीम आर्मी ने अग्निहोत्री की बर्खास्तगी और उनकी संपत्तियों की जांच की मांग की है.
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने और निलंबन के बाद अलंकार अग्निहोत्री सुर्खियों में हैं. जबरदस्ती लखनऊ भेजे गए अलंकार ने इसे संयोजित बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे परिवार का समर्थन है. वे मेरे हर फैसले के साथ खड़े हैं. बजरंगबली का आशीर्वाद है. जब तक वो कुछ नहीं चाहेंगे तब कोई बुरा नहीं कर सकता.
Bareilly Deputy Magistrate case: बरेली के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा 'आत्मसम्मान' की चर्चा बटोर रहा है. परिजनों के अनुसार, यह फैसला किसी संगठन के दबाव में नहीं बल्कि पारिवारिक मूल्यों और संवैधानिक मुद्दों के कारण लिया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि अलंकार का विरोध बटुकों के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर है, न कि किसी विशेष धार्मिक संगठन के लिए.
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद शहर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. इस्तीफे में उन्होंने सनातन धर्म, माघ मेला, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और यूजीसी रोलबैक जैसे गंभीर मुद्दे उठाए हैं. इस कारण ADM कंपाउंड को पूरी तरह सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है. PAC के जवान आंसू गैस, हेलमेट और दंगा नियंत्रण उपकरण के साथ तैनात किए गए हैं. परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी सके. प्रशासन संभावित प्रदर्शन या आंदोलन से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है. यह स्थिति शहर के राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना रही है.
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने समर्थकों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए. वे डीएम के केबिन के लगभग चार कदम की दूरी पर खड़े होकर यूजीसी और सनातन के खिलाफ अपमानजनक विरोध स्वरूप नारेबाजी और तालियां बजा रहे थे. इस तरह का प्रदर्शन एक सरकारी अधिकारी द्वारा दूसरे वरिष्ठ अधिकारी के कार्यालय के निकट करना प्रदेश में असामान्य स्थिति माना जा रहा है.
बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जिले से बाहर भेज दिया गया है. इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई. उग्र भीड़ ने एक इंस्पेक्टर के साथ धक्का-मुक्की की और उनकी वर्दी तक नोचने की कोशिश की.
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा छह महीने की सोची-समझी योजना का हिस्सा था. उन्होंने 'पुनरुत्थान बरेली परिवार' नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर समर्थकों को जोड़ा. यूजीसी बिल और प्रयागराज की घटना से आहत अलंकार ने गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने के बाद इस्तीफा दिया, जिसकी पल-पल की अपडेट ग्रुप पर साझा की गई.
अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा सीएम योगी पर की गई टिप्पणी के विरोध में इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि जिस सरकार से वे वेतन लेते हैं, उसके मुखिया का अपमान असहनीय है. प्रशांत ने इसे समाज को तोड़ने वाला और जातिगत वैमनस्य फैलाने वाला बयान बताया.
अयोध्या में तैनात जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणी को अपना आधार बताते हुए कहा कि वे अपने प्रदेश के मुखिया का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते.
उत्तर प्रदेश में UCG बिल और शंकराचार्य विवाद के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बरेली में धरने पर बैठ गए. इससे पहले वे अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं.
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे के बाद बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम आवास पर हुई मीटिंग के दौरान फोन पर उन्हें 'पागल' कहा गया और उन्हें वहां बंधक बनाने की कोशिश की गई. फिलहाल, अब उनके राजनीति में आने की चर्चा है.
उत्तर प्रदेश में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सवर्ण समाज ने मोर्चा खोल दिया है. जौनपुर, देवरिया, मिर्जापुर और लखनऊ में करणी सेना और सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने इसे 'काला कानून' बताते हुए सरकार को सीधे तौर पर 2027 के चुनावों में परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है.
उत्तर प्रदेश में जाति और धर्म के नाम पर नई सियासी लड़ाई छिड़ गई है. पहले से जारी UCG बिल और शंकराचार्य विवाद के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने बरेली के डीएम पर बंधक बनाने का भी आरोप लगाया. इस विवाद से तनाव बढ़ता गया और यूपी सरकार ने उन्हें पद से निलंबित कर दिया. देखें वीडियो.
पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का सफर संघर्षपूर्ण रहा है. पिता के निधन के बाद उन्होंने 10 साल आईटी सेक्टर में नौकरी कर भाई-बहनों को संभाला. पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद, उन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीपीसीएस परीक्षा पास की और डिप्टी कलेक्टर बने.
निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठ गए हैं. 'हाउस अरेस्ट' के दावों के बीच वे समर्थकों के साथ वहां पहुंचे. उनकी मांग है कि डीएम उस व्यक्ति का नाम सार्वजनिक करें जिसने फोन पर उन्हें 'पागल पंडित' कहा था. वे इस खुलासे तक प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हैं.