भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी है (Capital of Madhya Pradesh) और इसे 'झीलों का शहर' कहा जाता है (Bhopal, City of Lakes'). इस शहर का नाम 11वीं शताब्दी में एक हिंदू राजा, राजा भोज द्वारा निर्मित झील 'भोज ताल' (Bhoj Tal) से लिया गया है (Bhopal History).
इसका क्षेत्रफल 2,772 वर्ग किलोमीटर है (Bhopal Area). भोपाल जिले में 8 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं (Bhopal Assembly constituency)
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक भोपाल की जनसंख्या (Bhopal Population) 23.71 लाख है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 855 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 918 है. इसकी 80.37 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 85.42 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 74.87 फीसदी है (Bhopal literacy).
1956 में, भोपाल ने मध्य प्रदेश की राजधानी के रूप में नागपुर की जगह ली. यह शहर सबसे हरे और सबसे स्वच्छ शहरों में से एक है और इसे लगातार तीन वर्षों - 2017, 2018 और 2019 के लिए भारत में सबसे स्वच्छ राज्य की राजधानी का दर्जा दिया गया है (Formation of Bhopal).
भोपाल और उसके आसपास के महत्वपूर्ण आकर्षणों में लक्ष्मीनारायण मंदिर, मानव संग्रहालय, एक बहुउद्देशीय कला केंद्र, फतेहगढ़ किला और वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, एक प्राणी उद्यान शामिल हैं. शहर में ताज-उल-मस्जिद सहित कई मस्जिदें भी हैं जो भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है. शहर में एक मुख्य रेलवे जंक्शन, भोपाल रेलवे स्टेशन और एक हवाई अड्डा, राजा भोज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है (Bhopal Tourist Places).
दिसंबर 1984 में, भोपाल गैस त्रासदी, देश के इतिहास का सबसे भीषण दुर्घटना है जो एक कीटनाशक संयंत्र से जहरीली गैस के रिसाव से हुआ था. इस त्रासदी में हजारों लोगों की जान चली गई थी (Bhopal Gas Tragedy).
टीवी पर क्या चलेगा, इसका फैसला अक्सर घरों में कुछ मिनट की बहस तक ही सीमित रहता है. लेकिन भोपाल के एक घर में रिमोट का बटन ऐसा दबा कि मामला सीधे अस्पताल और थाने तक पहुंच गया. यहां गुस्साई पत्नी ने अपने पति पर हंसिया से हमला कर दिया. अब पत्नी पर एफआईआर हो चुकी है.
अगर आपको वेब सीरीज ‘मुसाफिर कैफे’ की खूबसूरत लोकेशन्स पसंद आई हैं, तो भोपाल और मसूरी की इन 5 खास जगहों की सैर जरूर करें. भोपाल की शांत झीलों से लेकर मसूरी-लैंडौर की ठंडी वादियों तक, ये लोकेशन्स आपकी अगली छुट्टियों के ट्रिप को बेहद यादगार और सिनेमैटिक बना देंगी.
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने 1 अगस्त 2026 की सुबह 8:30 बजे से 2 अगस्त 2026 की सुबह 8:30 बजे तक के लिए ताजा मौसम चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
भोपाल गैस पीड़ित संगठनों ने दावा किया कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास 63 में से 43 पानी के नमूनों में फीकल कोलीफॉर्म मिला. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन पर भी सवाल उठे.
मध्य प्रदेश में मानसून का मिजाज एक बार फिर बेहद तल्ख हो गया है. मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों और दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में अति भारी बारिश, वज्रपात और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है.
भोपाल में किसान आंदोलन के दूसरे दिन सड़कों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया. पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर किसान वीर सावरकर सेतु से बोर्ड ऑफिस चौराहे तक पहुंचे. लेकिन शाम तक सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, जिसमें मूंग की 60 प्रतिशत खरीद की सहमति बनी और आंदोलन खत्म हो गया.
MP Wheat MSP Scam: मध्य प्रदेश में एमएसपी पर रिकॉर्ड गेहूं खरीदी के बीच करोड़ों का फर्जीवाड़ा. भिंड और राजगढ़ में पटवारी सस्पेंड, एफआईआर दर्ज. पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट...
भोपाल किसान आंदोलन के दौरान ACP मोनिका शुक्ला के साहस की चर्चा हो रही है. बिना ड्राइवर के आगे बढ़ रही स्कूल बस को रोकने के लिए वह निडर होकर उसके सामने खड़ी हो गईं. दोनों हाथों से बस रोककर उन्होंने संभावित हादसा टाल दिया. जानिए कौन हैं मोनिका शुक्ला, जिनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और पुलिस सेवा में साहस की मिसाल दी जाती है.
भोपाल में चल रहा किसानों का प्रदर्शन समाप्त हो गया है. इस बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारी किसान जब बैरिकेड के तौर पर खड़ी बसों को हटा रहे थे, तब भोपाल पुलिस की एसीपी मोनिका शुक्ला बस के सामने जाकर दीवार की तरह खड़ी हो गई और हाथों से बस को रोक दिया.
भोपाल में किसानों के प्रदर्शन के दौरान ACP मोनिका शुक्ला का साहसिक वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो में वह बैरिकेड के रूप में खड़ी बस के सामने अकेले खड़ी होकर उसे हाथों से रोकती नजर आती हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों ने अपना प्रोटेस्ट खत्म कर दिया है. सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया है कि वह पहले से ज्यादा मूंग खरीदेगी. साथ ही ई-टोकन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है.
भोपाल में किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ACP) मोनिका शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह प्रदर्शनकारियों की तरफ से आगे बढ़ाई जा रही बस के सामने खड़ी होकर उसे हाथों से रोकती नजर आ रही हैं.
Bhopal Farmer Protest: भोपाल में किसानों ने पुलिस की बैरिकेडिंग को ध्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के सरकारी आवास से महज एक किलोमीटर दूर रोशनपुरा चौराहे पर अपना डेरा डाल दिया है. इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित आवास के बाहर भी जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया.
भोपाल में किसानों का जोरदार प्रदर्शन हो रहा है. अपनी मांगों को लेकर किसान सीएम आवास की तरफ जाना चा रहे हैं. लेकिन पुलिस ने रोक रखा है. पुलिस-प्रदर्शनकारी किसानों के बीच धक्कामुक्की भी हुई है. अधिक जानने के लिए देखें Video.
MP Farmers Protest: भोपाल के वीर सावरकर सेतु पर चढ़े किसान, CM हाउस कूच की कोशिश. मूंग MSP खरीद पर बवाल के बीच बोले CM मोहन यादव- बातचीत से निकलेगा हल.
मध्य प्रदेश में मूंग की 100 फीसदी MSP पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. भोपाल में डेरा डाले किसानों के बीच राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर खरीद सीमा बढ़ाने की मांग की है. सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई है.
मध्यप्रदेश के भोपाल में किसान मूंग की 100% सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर बड़ी तादाद में पहुंच गए हैं. बॉर्डर पर पुलिस के द्वारा रोके जाने के बाद किसान होशंगाबाद रोड पर ही डटे हुए हैं और रात को सड़क पर खाना बनाया किसानों का कहना है कि जब किसान ही भूखा रहेगा तो प्रदर्शन कैसे करेगा, इसलिए वे अपने साथ खाने-पीने का पूरा सामान लेकर आए हैं. वहीं किसान प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच देर रात एक घंटे तक चली बैठक बेनतीजा रही.
भोपाल के निशातपुरा रेलवे स्टेशन का तीन साल बाद 28 जुलाई को उद्घाटन किया गया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्टेशन का लोकार्पण कर मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का ठहराव यहां शुरू किया.
MP Farmer Protest: मध्य प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद की मांग को लेकर किसानों का सब्र का बांध टूट गया है. नर्मदापुरम से शुरू हुआ किसानों का भोपाल कूच अब राजधानी की सीमाओं तक पहुंच चुका है. पुलिस के रोके जाने पर किसान शहर की सड़कों पर खाना बनाने बैठ गए हैं.
मध्यप्रदेश में मूंग की 100% सरकारी खरीदी और फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' भोपाल पहुंच गई. मंडीदीप में भोपाल सीमा पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर करीब 2 हजार किसान राजधानी में घुस गए. वे मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर चुके हैं. देखें वीडियो.
मध्य प्रदेश सरकार का यह आदेश IAS अफसरों के तबादलों और नई पोस्टिंग से जुड़ा है. इसके अनुसार कई जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं और सीनियर अफसरों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं.