उपवास के दौरान अक्सर सादा फलाहार, उबले आलू या मीठा खा-खाकर मुंह का स्वाद फीका पड़ जाता है. ऐसे में अगर कुछ तीखा, चटपटा और झटपट बनने वाला मिल जाए, तो व्रत का मज़ा दोगुना हो जाता है. अगर आप भी इस उपवास कुछ नया और ज़ायकेदार ट्राई करना चाहते हैं, तो तीखी थेचा-समक खिचड़ी आपके लिए एकदम परफेक्ट रेसिपी है.
महाराष्ट्र के मशहूर हरी मिर्च-मूंगफली थेचे का चटपटा फ्लेवर जब समा के चावल (मोरधन) के साथ मिलता है, तो इसका हर एक निवाला लाजवाब लगता है. इसे बनाना बेहद आसान है और यह पाचन में हल्की होने के साथ-साथ तुरंत एनर्जी भी देती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि.
सामग्री:
व्रत वाले थेचे के लिए:
हरी मिर्च: 5-6 (तीखी वाली)
भुनी हुई मूंगफली: 3 बड़े चम्मच (छिलका उतरा हुआ)
सेंधा नमक: स्वादानुसार
नींबू का रस: 1 छोटा चम्मच
देसी घी: 1 छोटा चम्मच
खिचड़ी के लिए:
समा के चावल (मोरधन/भगर): 1 कप (धोकर 10 मिनट भिगोए हुए)
आलू: 1 (छोटे क्यूब्स में कटा हुआ)
जीरा: 1 छोटा चम्मच
कड़ी पत्ता: 8-10
देसी घी: 2 बड़े चम्मच
पानी: 3 कप
हरा धनिया: बारीक कटा हुआ
बनाने की विधि:
एक छोटे पैन में 1 छोटा चम्मच घी गरम करें. इसमें हरी मिर्च को बीच से तोड़कर और मूंगफली को डालकर 1-2 मिनट हल्का भून लें. ठंडा होने पर इसे खलबट्टे में (या मिक्सी में बिना पानी के पल्स मोड पर) सेंधा नमक और नींबू रस के साथ दरदरा कूट लें. आपका फलाहारी थेचा तैयार है.
प्रेशर कुकर या कड़ाही में 2 बड़े चम्मच देसी घी गरम करें. इसमें जीरा और कड़ी पत्ता डालकर चटकाएं.
अब कुकर में तैयार किया हुआ तीखा थेचा और कटे हुए आलू डालें. 1-2 मिनट तक मध्यम आंच पर भूनें ताकि मसालों का फ्लेवर अच्छे से आ जाए.
भीगे हुए समा के चावल का पानी निकालकर कुकर में डालें और 1 मिनट तक हल्के हाथ से चलाएं.
अब इसमें 3 कप पानी और थोड़ा-सा सेंधा नमक (थेचे के नमक का ध्यान रखते हुए) मिलाएं. कुकर का ढक्कन बंद करें और मध्यम आंच पर 2 सीटी आने दें (यदि कड़ाही में बना रहे हैं तो ढककर पानी सूखने तक पकाएं).
प्रेशर खत्म होने पर ढक्कन खोलें, ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और थोड़ा-सा देसी घी डालकर मिलाएं. गरमा-गरम तीखी थेचा-समक खिचड़ी को व्रत वाले ठंडे दही के साथ परोसें.