दिल्ली में मेट्रो ट्रेनों के लिए लोगों को इंतजार नहीं करा पड़ा. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी DMRC ने कहा है कि Delhi Metro Trains इस साल अब तक टाइम पर चली हैं और 2026 में इन ट्रेनों के समय-पालन की दर 99.95 फीसदी रही है. इस संबंध में जारी एक बयान में कहा गया है कि इतने सालों में नेटवर्क के विस्तार के बावजूद दिल्ली मेट्रो ने अपनी ऑपरेशनल विश्वसनीयता को बनाए रखा है. (Photo: ITG)
रोज इतने यात्री कर रहे मेट्रो का सफर
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन टाइम का पालन करने के साथ ही दिल्ली मेट्रो में यात्रा करने वाले यात्रियों से जुड़ा डेटा भी शेयर किया है. DMRC ने बताया कि रोजाना यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. ऑपरेशन के पहले साल में यह संख्या लगभग 82,000 यात्री प्रति दिन थी, जो अब औसतन 64.06 लाख यात्रियों तक पहुंच गई है. दिल्ली मेट्रोल रेल नेटवर्क ने बीते साल 8 अगस्त 2025 को एक ही दिन में सबसे ज्यादा 81 लाख से अधिक यात्रियों को सफर कराने का रिकॉर्ड बनाया था. (Photo: ITG)
कौन होती हैं देरी वाली मेट्रो ट्रेन?
DMRC ने कहा कि समय-पालन के लिए उनका पैमाना बहुत सख्त है. इसके साथ ही बयान में इस बारे में भी बताया गया है कि कौन सी ट्रेन देरी वाली मानी जाती है. इसमें कहा गया कि अगर कोई ट्रेन तय समय से 59 सेकंड से ज्यादा देरी से अपनी मंजिल पर पहुंचती है, तो उसे देरी से आने वाली ट्रेन माना जाता है. (Photo: ITG)
मेट्रो टाइम लाइन में लगातार सुधार
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के मुताबिक, Metro Trains के समय-पालन में लगातार सुधार हुआ है. यह 2003 में 98.27 फीसदी से बढ़कर 2005 में 99.64 फीसदी हो गया था. इसके बाद के सालों में अब तक ये 99.9 फीसदी के आसपास ही बना रहा है. (File Photo: ITG)
ये उपलब्धि भी दिल्ली मेट्रो के नाम
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बताया कि 45 मेट्रो सिस्टम के ग्रुप 'कम्युनिटी ऑफ मेट्रोस' (COMET) द्वारा किए गए इंटरनेशनल बेंचमार्किंग में दो मिनट की देरी के पैमाने के आधार पर विश्वसनीयता आंकी गई. इस मामले में दिल्ली मेट्रो को दुनिया के टॉप पांच सिस्टम में शामिल किया गया है. DMRC ने यह भी बताया कि सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से कुछ पर ट्रेनों के बीच का समय ऑपरेशन के शुरुआती सालों में 7 मिनट से घटकर अब 2 मिनट 18 सेकंड रह गया है. (Photo: ITG)
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
डीएमआरसी के मुताबिक, मेट्रो की पिंक लाइन या Line-7 की लंबाई 71.55 किलोमीटर है और इसमें 45 स्टेशन हैं. इसे ड्राइवरलेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर संचालित किया जाता है. यह कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो की ज्यादातर दूसरी लाइनों के साथ इंटरचेंज की सुविधा देता है और पूरे नेटवर्क में वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध कराता है. मेट्रो नेटवर्क दिल्ली और नेशनल कैपिटल रीजन को जोड़ने वाली 12 लाइनों पर 303 स्टेशनों और 31 इंटरचेंज स्टेशनों के साथ 416.5 किलोमीटर तक फैल गया है. (Photo: ITG)