scorecardresearch
 

बिजली इस्तेमाल नहीं करने पर भी क्यों आता है बिल? जानें कौन-कौन से चार्ज देने पड़ते हैं

घर में बिजली का इस्तेमाल नहीं करने पर भी बिल आ सकता है. इसकी वजह फिक्स्ड चार्ज, मीटर शुल्क, न्यूनतम शुल्क या पुराना बकाया हो सकता है. जानें, किन परिस्थितियों में बिना बिजली खर्च किए भी बिल भरना पड़ सकता है.

Advertisement
X
बिजली इस्तेमाल नहीं करने पर भी किन-किन चीजों के पैसे देने पड़ सकते हैं. ( Photo: ITG)
बिजली इस्तेमाल नहीं करने पर भी किन-किन चीजों के पैसे देने पड़ सकते हैं. ( Photo: ITG)

घर में कई बार ऐसा होता है कि आप बिजली का इस्तेमाल नहीं करते, फिर भी हर महीने बिल आ जाता है. अगर घर कई दिनों तक बंद रहता है या आप गांव गए हुए हैं, तब भी बिजली का बिल पूरी तरह जीरो नहीं होता. इसकी वजह है कि बिजली कंपनियां सिर्फ इस्तेमाल की गई बिजली के पैसे ही नहीं लेतीं, बल्कि कुछ दूसरे चार्ज भी जोड़ती हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि बिजली इस्तेमाल नहीं करने पर भी किन-किन चीजों के पैसे देने पड़ सकते हैं.

फिक्स्ड चार्ज यानी हर महीने लगने वाला चार्ज
यह ऐसा चार्ज है, जो बिजली का इस्तेमाल कम करने या बिल्कुल नहीं करने पर भी लग सकता है. बिजली कंपनी आपके घर तक बिजली पहुंचाने के लिए कनेक्शन, मीटर और दूसरी जरूरी व्यवस्था बनाए रखती है. इसी वजह से बिल में हर महीने एक तय रकम जोड़ी जा सकती है. यह रकम आपके बिजली कनेक्शन, फिक्स लोड और राज्य के बिजली नियमों के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है.

मीटर चार्ज भी बढ़ा सकता है बिजली का बिल
बिजली के बिल में कुछ जगहों पर मीटर से जुड़ा चार्ज भी शामिल होता है. यह चार्ज बिजली मीटर के प्रकार और बिजली कंपनी के नियमों के आधार पर लिया जा सकता है. हालांकि, हर राज्य और हर तरह के कनेक्शन में मीटर चार्ज लगना जरूरी नहीं है. अगर आपके घर में बिजली का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, तब भी कनेक्शन चालू रहने पर कुछ चार्ज लग सकते हैं. इसलिए बिल में मीटर चार्ज के नाम से कोई रकम जुड़ी है, तो उसकी जानकारी जरूर लें. इससे आपको पता चलेगा कि यह चार्ज किस वजह से लिया जा रहा है और आपके कनेक्शन पर लागू होता है या नहीं.

Advertisement

मिनिमम चार्ज यानी न्यूनतम चार्ज
कुछ बिजली कंपनियों के नियमों में न्यूनतम चार्ज लेने का प्रावधान होता है. इसका मतलब है कि बिजली की खपत कम होने या बिलिंग की अवधि में बिल्कुल बिजली इस्तेमाल नहीं करने पर भी आपको एक तय रकम चुकानी पड़ सकती है. उदाहरण के लिए, अगर आप किसी काम से एक महीने के लिए घर से बाहर चले जाते हैं और बिजली का इस्तेमाल नहीं करते, तो मीटर में खपत जीरो हो सकती है. इसके बावजूद बिल में न्यूनतम चार्ज या कनेक्शन से जुड़ा कोई दूसरा लागू चार्ज शामिल हो सकता है. हालांकि, यह नियम सभी राज्यों में एक जैसा नहीं है. इसलिए आपके बिल में ऐसा चार्ज लगेगा या नहीं, यह बिजली कंपनी के नियमों पर निर्भर करेगा.

बिजली ड्यूटी और दूसरे चार्ज भी समझें
बिजली के बिल में कुछ राज्यों में बिजली ड्यूटी और दूसरे सरकारी शुल्क भी शामिल हो सकते हैं. इन चार्ज की दर और गणना का तरीका राज्य के नियमों के मुताबिक तय होता है. कुछ चार्ज बिजली की खपत के आधार पर लगाए जा सकते हैं, जबकि कुछ के लिए अलग नियम हो सकते हैं. इसलिए बिजली का इस्तेमाल नहीं करने पर भी कोई शुल्क लगेगा या नहीं, यह आपके राज्य और बिजली कनेक्शन की श्रेणी पर निर्भर करता है. अगर बिल में कोई ऐसा शुल्क जुड़ा है, जिसकी जानकारी आपको नहीं है, तो बिजली कंपनी की ओर से जारी दरों की लिस्ट देखें या उसके ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें.

Advertisement

पुराना बकाया और जुर्माना भी बढ़ा सकते हैं बिल की रकम
कई बार घर में बिजली का इस्तेमाल नहीं करने के बावजूद बिल आने की वजह पुराना बकाया होता है. अगर आपने पिछले महीने का पूरा बिल जमा नहीं किया है, तो बची हुई रकम अगले बिल में जुड़ सकती है. इसके अलावा, बिल जमा करने में देरी होने पर बिजली कंपनी के नियमों के अनुसार लेट चार्ज भी लगाया जा सकता है. ऐसे में मौजूदा महीने में बिजली की खपत जीरो होने के बावजूद बिल में रकम दिखाई दे सकती है. इसलिए बिल देखते समय सिर्फ इस्तेमाल की गई यूनिट पर ध्यान न दें. यह भी जांचें कि उसमें पुराना बकाया, विलंब चार्ज या कोई दूसरा चार्ज तो शामिल नहीं है.

बिजली का बिल जीरो कैसे हो सकता है?
अगर आप चाहते हैं कि घर बंद रहने पर बिजली का बिल कम आए, तो सबसे पहले अपने बिल में दर्ज बिजली की खपत और अलग-अलग शुल्कों की जांच करें. अगर बिजली का इस्तेमाल नहीं हुआ है, लेकिन फिर भी बिल आया है, तो देखें कि रकम फिक्स्ड चार्ज, मीटर चार्ज या किसी पुराने बकाये की वजह से तो नहीं जुड़ी है. अगर आपको लगता है कि बिल में गलत चार्ज लगाया गया है, तो अपनी बिजली कंपनी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं. वहीं, अगर घर लंबे समय तक बंद रहने वाला है और आपको बिजली कनेक्शन की जरूरत नहीं है, तो कंपनी से अस्थायी रूप से कनेक्शन बंद कराने या स्थायी रूप से कटवाने के नियम पूछ सकते हैं. ऐसा करने से पहले यह भी जान लें कि इसके लिए कोई चार्ज लगेगा या भविष्य में दोबारा कनेक्शन लेने पर कितना खर्च आ सकता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement