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'खड़गे राष्ट्रीय नेता, उनका अपमान...', शुद्धिकरण विवाद पर CM धामी की सफाई

मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच के शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. वहीं, इस पूरे विवाद को लेकर अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भी सफाई आई है.

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सीएम धामी ने शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस को घेरा (File Photo: ITG)
सीएम धामी ने शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस को घेरा (File Photo: ITG)

उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए शुद्धिकरण हवन पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को घेरा. वहीं, इसे लेकर अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस के इस मामले को दलित अपमान से जोड़ने पर सीएम धामी ने कहा है कि पार्टी विक्टिम कार्ड खेल रही है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी तरह से सत्ता हासिल करना चाहती है. सीएम धामी ने यह भी कहा कि शुद्धिकरण की घटना जब हुई, तब वहां बीजेपी का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था. सीएम धामी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे एक सम्मानित राष्ट्रीय नेता हैं और उनका अपमान करने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों ने धार्मिक भावनाएं आहत होने के आरोप में विरोध किया था, लेकिन कांग्रेस ने इस पूरे मामले को जातिवाद से जोड़ दिया है.

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि देश जानता है कि कांग्रेस ने बाबू जगजीवन राम, सीताराम केसरी और डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के साथ किस तरह का व्यवहार किया था. दूसरी तरफ, कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को खड़गे के दलित होने से जोड़ते हुए जातिगत भेदभाव और मनुवादी मानसिकता का प्रतीक बता रही है.

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गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने 13 अगस्त को राज्यसभा में यह मुद्दा उठाते हुए बीजेपी को घेरा. उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में उनके भाषण के बाद मंच और मैदान का शुद्धिकरण किए जाने से उन्हें छुआछूत की पीड़ा महसूस हुई. खड़गे ने कहा कि उन्होंने कभी दलित होने के नाम पर सहानुभूति नहीं मांगी, लेकिन इस घटना ने उन्हें अपमानित किया. उन्होंने दोषियों के खिलाफ छुआछूत विरोधी कानून के तहत केस दर्ज करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी.

यह भी पढ़ें: हल्द्वानी शुद्धीकरण विवाद: अखिलेश ने किया खड़गे का सपोर्ट, बोले- BJP अपना अशुद्ध मन साफ करे

दरअसल, 8 अगस्त को खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली को संबोधित किया था. इसके दो दिन बाद श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े लोगों ने उसी मंच पर हवन किया. आयोजकों ने मंत्र उच्चारण  के साथ पूजा की और बाद में गंगाजल का छिड़काव कर तिलक लगाया.

यह भी पढ़ें: हल्द्वानी: खड़गे की रैली के बाद मैदान के 'शुद्धीकरण' पर बवाल, कांग्रेस ने कहा- दलित विरोधी, श्री राम सेना की सफाई

आयोजकों का कहना है कि इस पूरी घटना का खड़गे से कोई लेना देना नहीं है और दावा किया कि रामलीला मैदान धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए है, राजनीतिक रैलियों के लिए नहीं. उन्होंने कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले नारों और मैदान में गंदगी छोड़े जाने का भी आरोप लगाया. कांग्रेस ने इन दलीलों को खारिज करते हुए आयोजकों के बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ कथित संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए और इसे मनुवादी मानसिकता बताया.

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