उत्तराखंड
उत्तराखंड (Uttarakhand) भारत का एक राज्य (Indian state) है जो उत्तरी भारत (northern India) में स्थित है. कई सालों के आंदोलन के बाद 9 नवंबर 2000 (9 November 2000 ) को उत्तर प्रदेश को विभाजित कर उत्तराखंड का निर्माण भारत के 27वें राज्य के तौर पर हुआ. साल 2000 से 2006 तक इसे उत्तरांचल के नाम से जाना गया. जनवरी 2007 प्रांत के लोगों की मांग को देखते हुए हुए राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया (State formation).
इस राज्य की सीमा उत्तर में तिब्बत और पूर्व में नेपाल से लगी है. इसके पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश की सीमा लगती है (Geographical location). राज्य में हिन्दू धर्म की पवित्रतम और भारत की सबसे बड़ी नदियां गंगा और यमुना (Ganges and Yamuna) के उद्गम स्थल गंगोत्री और यमुनोत्री (Gangotri and Yamunotri) समेत इनके तटों पर बसे वैदिक संस्कृति के कई महत्त्वपूर्ण तीर्थस्थान इसी राज्य में हैं.
उत्तराखंड का क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किमी है, जिसमें 43,035 किमी पर्वतीय और 7,448 किमी मैदानी क्षेत्र हैं, 34,651 किमी भू-भाग वनों से ढका हुआ है. राज्य का अधिकांश उत्तरी भाग हिमालय श्रृंखला का भाग है, जबकि तलहटियां घने वनों से ढकी हुई हैं. यह राज्य बड़ी संख्या में हिम तेंदुआ, तेंदुआ और बाघ जैसे पशुओं, दुर्लभ पौधों और जड़ी-बूटियों का घर है (Area and Ecosystem).
2011 की जनगणना के मुताबिक उत्तराखंड की जनसंख्या (Population) एक करोड़ से ज्यादा है और यहां हर वर्ग किलोमीटर में 189 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात 963 है (Sex ratio). इस राज्य की कुल आबादी का 78.82 फीसदी साक्षर है, जिनमें 87.40% पुरुष और 70.01% महिला साक्षर है (Uttarakhand literacy).
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के साल 2020-2021 की रिर्पोट के अनुसार उत्तराखंड में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate IMR आईएमआर) 27 है, यानि 1000 शिशुओं में 27 की जन्म के दौरान या तुरंत बाद मौत हो जाती है.
उत्तराखंड में 70 विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र (Assembly Constituencies) हैं और 5 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र (Lok Sabha Constituencies) हैं. उत्तराखण्ड के मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हैं. वर्तमान समय में उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party, BJP भाजपा) की सरकार है. उत्तराखण्ड में कुल 13 जिले हैं जो तीन मंडलों कुमाऊं मंडल, गढ़वाल मंडल और गैरसैंण मंडल में बंटे हुए हैं.
देहरादून, उत्तराखंड की राजधानी होने के साथ इस राज्य का सबसे बड़ा शहर है. (Capital Dehradun) गैरसैण नामक एक छोटे से कस्बे को इसकी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भविष्य की राजधानी के रूप में प्रस्तावित किया गया है लेकिन संसाधनों की कमी के कारण देहरादून अंतरिम राजधानी बना हुआ है. उत्तराखंड का उच्च न्यायालय नैनीताल में है. (Uttarakhand High Court, Nainital)
उत्तराखंड की अर्थव्यस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है. जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत और मसूरी सबसे मशहूर पर्यटक स्थल हैं. उत्तराखण्ड को देवभूमि भी कहा जाता है. यहां हिन्दू धर्म के कुछ सबसे पवित्र तीर्थस्थान यहां हैं, जिनमें गंगोत्री और यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ और हरिद्वार महत्वपूर्ण हैं. हरिद्वार के निकट स्थित ऋषिकेश भारत में योग का एक प्रमुख केंद्र है. (Uttarakhand Economy and Tourism)
हिन्दी और संस्कृत उत्तराखंड की राज भाषाएं हैं. इसके अलावा उत्तराखंड में बोलचाल की प्रमुख भाषाएं ब्रजभाषा, गढ़वाली, और कुमांऊनी हैं (Uttarakhand Languages).
उत्तराखंड में 13 ग्लेशियल झीलों को संवेदनशील माना गया है. इनकी नियमित वैज्ञानिक निगरानी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने इन झीलों के चरणबद्ध सर्वे और आधुनिक सेंसर, अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की योजना बनाई है. नेपाल में हाल की बाढ़ के बाद उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है.
नकली मिठाई और मिलावटी मावे के खिलाफ ऊधम सिंह नगर में प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की. बाजपुर तहसील के सुल्तानपुर पट्टी में हुई कार्रवाई में 80 किलो मिलावटी खोया, 40 किलो मिलावटी बर्फी समेत डेढ़ क्विंटल मिलावटी केक और लौज बरामद हुए. प्रशासन ने मिठाई बनाने वाले परिसर को सील कर दिया है.
हरिद्वार के रुड़की में सोमवार देर शाम सनसनीखेज वारदात में एक भाई ने अपनी दो बहनों की गोली मारकर हत्या कर दी. गणेशपुर में 50 वर्षीय शकुंतला की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि उसका पति घायल हो गया. इसके बाद आजाद नगर में 48 वर्षीय पुष्पा को भी गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई.
उत्तराखंड में त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा और जमाखोरी के खिलाफ जिला स्तर पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सभी जिलाधिकारियों को एक सप्ताह तक अभियान चलाने को कहा गया है.
मसूरी के दूधली मार्ग पर देर रात बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने से दिल्ली नंबर की एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर निकल गई. कार खाई में गिरने के बजाय पेड़ पर अटक गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
मसूरी के दूधली मार्ग पर बारिश के दौरान फिसली कार खाई में गिरने के बजाय पेड़ पर अटक गई. कार सवार दो युवक रातभर अंदर फंसे रहे। सुबह ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने दोनों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला और उत्तराखंड पुलिस ने इस केस पर क्या लिया एक्शन.
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच भूस्खलन की बड़ी घटना सामने आई है... बीरोंखाल ब्लॉक के मैठाणाघाट-ग्वीन-रसियादेव मोटरमार्ग पर अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा भरभराकर सड़क पर आ गिरा... भारी मलबे और चट्टानों के सड़क पर आने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और दोनों तरफ से आवाजाही ठप हो गई... भूस्खलन का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पहाड़ से लगातार मलबा और चट्टानें नीचे गिरती दिखाई दे रही हैं... गनीमत रही कि जिस वक्त भूस्खलन हुआ, उस दौरान सड़क से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया...
One Nation One Election Haridwar Event: हरिद्वार में आयोजित संत सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान, सीएम पुष्कर धामी और स्वामी रामदेव हुए शामिल. बाबा रामदेव ने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' और 'वन नेशन-वन एजुकेशन' का समर्थन करते हुए बड़ा बयान दिया.
हरिद्वार में हर की पौड़ी पर आमतौर पर गंगा में डुबकी लगाते श्रद्धालु और आरती करते लोग नजर आते हैं, लेकिन इस बार नजारा कुछ अलग था. हाथों में रंग नहीं, दूध की बाल्टियां और पिचकारियां थीं. देशभर से पहुंचे मुल्तानी समाज के लोगों ने मां गंगा के साथ 'दूध की होली' खेली, गुलाल लगाया और सुख-शांति की कामना की. इसके पीछे साल 1911 से चली आ रही एक कहानी है, जब मुल्तान के व्यापारी लाला रूपचंद पैदल हरिद्वार पहुंचे थे. आज वही आस्था 116वें मुल्तान जोत महोत्सव की परंपरा बन चुकी है.
पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में भी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. लगातार बरसते पानी के कारण कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है जिससे लोगों का आना-जाना दूभर हो गया है. इस प्राकृतिक संकट के बीच दो बेहद चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं जो हालात की गंभीरता को बयां करती हैं. पहली तस्वीर में तमसा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जहां उफनती नदी का तेज बहाव डरा रहा है.
उत्तराखंड में मॉनसून की आफत थमने का नाम नहीं ले रही है. राजधानी देहरादून समेत राज्य के कई इलाकों में इस वक्त लगातार भारी बारिश जारी है. इस भारी बरसात के कारण आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रसिद्ध तमसा नदी उफान पर आ गई है. नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि देहरादून के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पानी भर गया है.
देहरादून समेत उत्तराखंड के कई इलाकों में इस वक्त भारी बारिश जारी है.. लगातार हो रही बारिश के चलते तमसा नदी उफान पर आ गई है, जिससे प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पानी भर गया. नदी का जलस्तर बढ़ने से मंदिर के आसपास जलभराव की स्थिति बनी हुई है.
Places to visit in September: सितंबर में कई जगहों पर मानसून की बारिश कम होने लगती है और मौसम धीरे-धीरे सुहावना होने लगता है. पहाड़ी इलाकों में हरियाली देखने को मिलती है, जबकि कुछ जगहों पर पर्यटकों की भीड़ भी पीक सीजन के मुकाबले कम रहती है.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं. इससे मसूरी-देहरादून मार्ग सहित कई सड़कें बंद हो गई हैं. प्रशासन ने बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई है. प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के लिए घर खाली कराए गए हैं.
उत्तराखंड अपनी पर्यटन-आधारित पहचान से आगे बढ़ रहा है, वह मैन्युफैक्चरर्स को आकर्षित करने और अपने आर्थिक आधार को मजबूत करने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक नीतियों का इस्तेमाल कर रहा है.
रुड़की-कलियर कांवड़ मार्ग पर शुक्रवार रात भीषण हादसा हो गया. रुड़की और बाजूहेड़ी के बीच पहले दो बाइक आमने-सामने टकराईं और फिर पीछे से आ रही दो बाइक भी उनसे भिड़ गईं. हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह घायल हुए हैं. इनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है.
मसूरी में लगातार भारी बारिश हो रही है. भूस्खलन शुक्रवार को एक मकान और दुकान मलबे में दब गए. परिवार ने समय रहते घर छोड़कर अपनी जान बचाई, लेकिन उनका सारा सामान खराब हो गया है. प्रशासन से उन्होंने आर्थिक सहायता की मांग की है.
लक्सर के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो उन्हें वोट नहीं देगा, उसके पेट में बड़े-बड़े कीड़े पड़ेंगे और पेट फट जाएगा. उन्होंने क्षेत्र में शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था कराने का दावा करते हुए यह बात कही. उनका बयान अब चर्चा में है.
अपने बड़बोलेपन के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले लक्सर के पूर्व बीजेपी विधायक संजय गुप्ता का नया वीडियो वायरल हुआ है. अपने जन्मदिन के मौके पर सुल्तानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए पूर्व विधायक जी आपा खो बैठे.
देश के कई हिस्सों में 21 अगस्त को मानसून सक्रिय रहेगा. मौसम विभाग ने मध्य, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अनुमान है. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी है. दिल्ली एनसीआर में 24 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बिगड़ने की आशंका है.
हरिद्वार रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन में खड़ी वंदे भारत ट्रेन में घुसने की कोशिश कर रहे करीब 10 फीट लंबे अजगर को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया. रेल कर्मचारियों की नजर समय रहते अजगर पर पड़ गई, जिसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई.