पुष्कर सिंह धामी, राजनेता
पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं (Dhami, BJP Member) और उत्तराखंड के 12वें मुख्यमंत्री हैं. उन्हें 2012 और 2017 में खटीमा से उत्तराखंड विधानसभा में विधायक के रूप में चुना गया था. वह 2021 में पहली बार मुख्यमंत्री नियुक्त किए गए थे. धामी 2022 के चुनावों में अपनी सीट हार गए, लेकिन भाजपा विधायकों द्वारा फिर से मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए (12th CM of Uttarakhand ).
धामी का जन्म 16 सितंबर 1975 को पिथौरागढ़ जिले के टुंडी गांव (Tundi village, Pithoragarh) में हुआ था (Dhami Age). वह एक कुमाऊंनी राजपूत परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनकी 5वीं कक्षा तक पढ़ाई टुंडी गांव से की, उसके बाद वे नगला तराई भाबर, खटीमा चले गए. उनके पिता सेना में थे और सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे (Pushkar Singh Dhami Father).
उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से मानव संसाधन प्रबंधन और औद्योगिक संबंधों में स्नातक किया है और एलएलबी में डिग्री हासिल की (Pushkar Singh Dhami Education).
उन्होंने भगत सिंह कोश्यारी के सलाहकार के रूप में भी काम किया है. उस वक्त कोशियारी 2001 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे. धामी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 1990 में भारतीय जनता पार्टी की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी. उन्होंने 2008 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राज्य अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया (Dhami Political Career).
3 जुलाई 2021 को, उन्होंने पद धारण करने की वैधता के संबंध में राजनीतिक संकट के कारण तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और 4 जुलाई 2021 को पद ग्रहण किया (Dhami,11th CM of Uttarakhand).
पुष्कर सिंह धामी, खटीमा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार भुवन चंद्र कापड़ी के खिलाफ 2022 का विधानसभा चुनाव हार गए (Dhami lost the 2022 legislative election against congress candidate). उन्हें 21 मार्च 2022 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के पद के लिए दोबारा चुना गया (Pushkar Singh Dhami Re-elected for CM).
राजधानी देहरादून के प्रेमनगर में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक इनामी अपराधी मारा गया. इस दौरान बदमाशों की फायरिंग में थाना प्रभारी घायल हो गए. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपराधियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुले और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उत्तराखंड के पवित्र धामों की ओर उमड़ पड़ा. यात्रा शुरू होते ही केदारनाथ में पहले दिन ही भारी भीड़ देखी गई. प्रशासन के अनुसार, अब तक चारधाम यात्रा में दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जिनमें केवल केदारनाथ धाम में ही एक लाख दस हजार से ज्यादा भक्त शामिल हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को खत्म करने का ऐतिहासिक ऐलान किया है. हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य के सभी मदरसों में केवल उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा. इस फैसले को संत समाज ने अपना खुला समर्थन दिया है.
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर हुआ. गंगोत्री और यमुनोत्री पोर्टल्स रविवार से खोल दिए जाएंगे. मां गंगा की डोली मुखबा से रवाना हो गई है. वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश से यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
Delhi Dehradun Expressway Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का उद्घाटन किया. उत्तराखंड को दी इस सौगात पर मुख्यमंत्री धामी ने पीएम का आभार जताया. सुनिए इस मौके पर क्या बोले मुख्यमंत्री.
हरियाणा राज्य महिला आयोग ने मासूम शर्मा को देहरादून कार्यक्रम में अभद्र भाषा के आरोप में समन जारी किया. उन्हें 18 अप्रैल को पंचकूला में पेश होने को कहा गया है. आरोप है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के जाने के बाद उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया. विवाद के बाद उन्होंने माफी मांगी. पहले भी उन पर आरोप लग चुके हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है.
'विकसित उत्तराखंड 2026' के '4 साल कितने असरदार' सेशन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की उपलब्धियों और भविष्य के विजन पर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने राज्य में लागू हुए UCC कानून पर विस्तार से बात की. देखें पूरा वीडियो.
आजतक के कार्यक्रम विकसित उत्तराखंड में सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है. सारे मुद्दे हमने गिन-गिनकर समाप्त कर दिए. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पिछले चार सालों में जो भी चुनाव हुए हैं, सभी में जनता ने बीजेपी को आशीर्वाद दिया है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक हो. इसके लिए वे राज्य का मुख्य सेवक के नाते एक-एक क्षण, एक-एक पल समर्पित करने को तैयार हैं.
'विकसित उत्तराखंड 2026' के '4 साल कितने असरदार' सेशन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की उपलब्धियों और भविष्य के विजन पर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने नकल के खिलाफ सख्त कानून से लेकर, शराब नीति, UCC जैसे तमाम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की. देखें वीडियो.
'विकसित उत्तराखंड 2026' के '4 साल कितने असरदार' सेशन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की उपलब्धियों और भविष्य के विजन पर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने राज्य में शराब नीति पर विस्तार से बात की. देखें वीडियो.
'विकसित उत्तराखंड 2026' के '4 साल कितने असरदार' सेशन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की उपलब्धियों और भविष्य के विजन पर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने राज्य में लागू हुए नए नकल के सख्त कानून पर विस्तार से बात की. देखें वीडियो.
राजनीतिक अनिश्चितता के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक ने नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों पर विराम लगा दिया है. पीएम मोदी और सीएम धामी की मुलाकात से आगामी चुनावों से पहले रणनीतिक तालमेल और समर्थन स्पष्ट दिख रहा है.
CM धामी ने धौए कन्याओं के पैर, Video.
पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा कर दिया है. उन्होंने गृह, सामान्य प्रशासन और कार्मिक जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं. बाकी विभाग नए और अन्य मंत्रियों को सौंपे गए हैं, जिनमें भरत सिंह चौधरी, खजान दास, राम सिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा और मदन कौशिक शामिल हैं.
इस फेरबदल की सबसे बड़ी खासियत 'सोशल इंजीनियरिंग' रही है. भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ठाकुर, ब्राह्मण, दलित और पंजाबी समाज के बीच एक सटीक संतुलन बनाने की कोशिश की है.
उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट का विस्तार हो गया है. अगले साल होने वाले चुनावों से पहले क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाने के लिए यह फेरबदल बेहद अहम माना जा रहा है.
उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. पिछले काफी समय से कैबिनेट विस्तार को लेकर अटकलें भी लग रही है. ऐसे में यह विस्तार अहम माना जा रहा है. तमाम समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है.
गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र में उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश किया. सरकार के अनुसार यह बजट बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन, पर्यटन, कृषि और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है.
उत्तराखंड में इस बार होली केवल रंगों का उत्सव नहीं रही, बल्कि संस्कृति, आस्था और विकास का संदेश भी लेकर आई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से चंपावत और खटीमा तक विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर लोकसंस्कृति को बढ़ावा दिया और जनता से सीधा संवाद किया.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार की घटना को लेकर आरोप लगाया कि कांग्रेस उन लोगों को संरक्षण देती है जो अपनी पहचान बदलकर समाज में भ्रम फैलाते हैं. सीएम धामी ने कहा कि कोई अपने नाम के आगे कुछ भी लगा ले हमें क्या लेना-देना, लेकिन जैसे ही दीपक ने नाम के आगे मोहम्मद लगाया कांग्रेस के युवराज ने उन्हें अपने महल में बुला लिया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब तक वह दीपक था, तब तक आपने नहीं बुलाया, नाम बदलते ही इफ्तार पार्टी का न्योता मिल गया. यह कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है. धामी ने समान नागरिक संहिता का जिक्र करते हुए पूछा कि कांग्रेस के युवराज बताएं कि क्या उन्होंने कभी तीन तलाक, हलाला या बहुविवाह से पीड़ित मुस्लिम बहनों का हाल जाना? इन कुरीतियों पर उनके मुंह में ताला लगा रहता है. उन्होंने बताया कि प्रदेश की मुस्लिम बहनें उनसे मिलकर UCC के लिए मोदी जी का धन्यवाद कर रही हैं.